आजकल हर दूसरा व्यक्ति हाई यूरिक एसिड से परेशान है। यह परेशानी शुरू में तो कम होती हैं पर यदि इसका समय रहते इलाज न किया जाए तो यह गंभीर रूप भी ले लेती है। जैसे कि गठिया,जोड़ो में दर्द और किडनी में पत्थरी होने तक की संभावना हो जाती है। घुटनों,एडियों, उंगलियों में दर्द होने से इसकी शुरूआत होती है। लेकिन आप घर पर ही कुछ आसान से उपाय करके इसे समय रहते ठीक कर सकते हैं।
1. बेकिंग सोडा का सेवन
एक गिलास पानी में आधा चम्मच बेकिंग सोडा मिला लें। इसे अच्छे से मिक्स करके नियमित रूप से पीएं। यह बेकिंग सोडा का मिश्रण यूरिक एसिड को कम करने में मदद करता है। लेकिन सोडियम की अधिकता के कारण आपको बेकिंग सोडा लेते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
2. विटामिन सी
शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को कम करने के लिए रोज अपनी डाइट में विटामिन सी लें। एक दो महीने में यूरिक एसिड काफी कम हो जाएगा। संतरा,आंवला विटामिन सी के अच्छे स्त्रोत हैं।
3. पानी
शरीर को हाइड्रेटेड रखकर आप यूरिक एसिड को कम कर सकते है। अधिक पानी पीने से शरीर में मौजूद यूरिक एसिड यूरिन के रास्ते बाहर निकल जाता है। इसलिए थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहना चाहिए।
4. फाइबर युक्त भोजन
अपनी डाइट में ज्यादा फाइबर युक्त भोजन लेने से डाइट्री फाइबर खून से यूरिक एसिड को सोख लेता है और इसे किडनी के जरिए बाहर निकाल देता है। इसलिए जहां तक हो सके इसबगोल, ओट्स, पालक और ब्रोकली का सेवन करें। इससे यूरिक एसिड के लेवल को कम करने में मदद मिलती है।
5. शराब
शराब आपके शरीर को डिहाइड्रेट कर देती है। इसलिए शराब की बड़ी मात्रा को लेने से बचना चाहिए। बीयर में यीस्ट भरपूर होता है इसलिए इसके सेवन से दूर रहना चाहिए।
6. जैतून का तेल
खाना बनाने के लिए बटर या वेजीटेबल आयल की जगह कोल्ड प्रैस्ड जैतून के तेल का इस्तेमाल करें। जैतून के तेल के इस्तेमाल से शरीर में अतिरिक्त यूरिक एसिड नहीं बनेगा।
7. शारीरिक वजन कंट्रोल करें
मोटापा कई बीमारियों की जड़ है। मोटे लोगों के लिए प्यूरिन से भरपूर खाद्य पदार्थ यूरिक एसिड को बढ़ा सकते हैं। अगर आप मोटापे से पीड़ित हैं तो यूरिक एसिड को बढ़ने से रोकने के लिए आपको अपना वजन कंट्रोल में करना होगा।
8. ओमेगा-3 फैटी एसिड से बचें
यूरिक एसिड को कम करने के लिए आप ओमेगा-3 फैटी एसिड से दूरी बना लें। यह आमतौर पर मछलियों और इनके तेलों में पाया जाता है। मछली में अधिक मात्रा में प्यूरिन पाया जाता है और प्यूरिन ही शरीर में ज्यादा यूरिक एसिड पैदा करता है।
9. सेब का सिरका
सेब का सिरका खून का लेवल बढ़ाकर हाई यूरिक एसिड लेवल को कम करता है। पर सेब का सिरका कच्चा बिना पानी मिला होना चाहिए।
10. बेकरी के उत्पाद से बचें
सैचुरेटेड फैट और ट्रांस फैट से भरपूर केक, पेस्ट्री, कुकी आदि को अपनी डाइट का हिस्सा न बनने दें। क्यों कि इससे यूरिक एसिड ज्यादा होने का खतरा रहता है।
Health Benefits of Fig: अंजीर एक ऐसा फल है जिसे सूखा और कच्चा दोनों तरह से खाया जा सकता है। साथ ही ये शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है। अंजीर में भरपूर मात्रा में जिंक, सल्फर, क्लोरिन, मैंगनीज, मैग्नीशियम, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर पाया है। रोजाना इसके सेवन से महिलाओं और पुरुषों को हार्मोनल समस्या, पेट संबंधी समस्या, वजन घटाने और डायबिटीज को कंट्रोल करने जैसी कई समस्याओं में मदद मिल सकती है। अंजीर के रोजाना सेवन से शरीर की इम्युनिटी भी मजबूत होती है।
Health Tips: एक तो हमारी जीवन शैली ऐसी हो गई है कि हम धूप के संपर्क में कम आ पाते हैं। ऊपर से ठंड के मौसम में धूप कमजोर रहती है और कभी कभी निकलती भी नहीं है। ऐसे में हम धूप के संपर्क में नहीं आ पाते। इससे शरीर में विटामिन डी की कमी हो सकती है। कयोंकि सूरज की रोशनी के संपर्क में आकर हमारा शरीर विटामिन डी बनाता है। धूप के संपर्क में कम आने से विटामिन डी शरीर में कम बन पाता है।
नई दिल्ली। आज के समय में हर कोई एक-दूसरे से आगे निकल जाना चाहता है। कभी न खत्म होने वाली जिंदगी की इस रेस में भागते हुए लोग ये भूल जाते हैं कि सेहत है तो सबकुछ है। अगर किसी का स्वास्थ्य गड़बड़ है तो वह कितना भी चाह लें अपने कार्यों को अच्छे से नहीं कर सकता है। वहीं उस कामयाबी का भी कोई मतलब नहीं रह जाता है जिसे आप सेलिब्रेट न सके। आज दो पल में ही अचानक लोग काल के गाल में समा जा रहे हैं।
Health tips: सर्दियों ने दस्तक ने दी है। सुबह व शाम को ठंड पड़ने लगी है इसलिए अब गर्म कपड़े भी अपने कवर्ड से बाहर आ चुके हैं। सर्दी से बचने के लिए जरुरी है कि अपनी जीवनशैली में परिवर्तन करें और खान पान में बदलाव। क्योंकि सर्दी के मौसम में ठंडे पदार्थ नुकसान पहुंचाएंगे, इसलिए ऐसे खाने का सेवन करना चाहिए, जो आपके शरीर को सर्दी से बचाने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता तैयार करे।
हम जो खाते हैं, जो सोचते हैं, जैसे माहौल में रहते हैं, जैसी दिनचर्या होती है उस पर हमारी फिजिकल और मेंटल हेल्थ निर्भर करती है। आयुर्वेद ऐसा विज्ञान है जो इन सब में संयम और संतुलन बरतने की सलाह देता है। केमिकल्स के शरीर पर दुष्प्रभाव को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा लोग अब आयुर्वेदिक उपचारों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। अगर आप लंबी उम्र जीना चाहते हैं और स्वस्थ जिंदगी जीना चाहते हैं तो आयुर्वेद के सुझाए ये तरीके अपना सकते हैं।
शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा होती है तो हार्ट अटैक की समस्या बढ़ जाती है। High Cholesterol की समस्या तब ज्यादा होती है, जब अनियमित दिनचर्या रखते हैं और नियमित व्यायाम नहीं करते हैं। आमतौर पर जब लोगों को हार्ट से संबंधित कोई दिक्कत होने लगती है तब वे अपना कोलेस्ट्रॉल चेक कराते हैं। यदि आपकी भी खून की नसों में Cholesterol की मात्रा बढ़ गई है तो हम यहां आपको एक ऐसे फल के बारे बता रहे हैं, जिसका सेवन करके आप अपना High Cholesterol कम कर सकते हैं।
दुनिया की सबसे ताकतवर सब्जी के बारे में तो आप जानते ही होंगे, अगर नहीं जानते तो आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे। वैसे ये गांवों में तो आसानी से मिल जाती है, लेकिन शहरों में हमेशा महंगे दामों पर ही मिलती है। इसे हम ककोरा के नाम से जानते हैं। इसको कंटोला भी बोलते हैं। यह दुनिया की सबसे ताकतवर सब्जी मानी जाती है। इसे औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। इस सब्जी में इतनी ताकत होती है कि महज कुछ दिन के सेवन से ही आपका शरीर फौलादी बन जाता है। कंटोला को ककोड़े और मीठा करेला नाम से भी जाना जाता है।
अक्सर आपने अपने बड़ों से सुना होगा की हमें हरी सब्जियां खानी चाहिए। सेहत के लिए हरी सब्जी फायदेमंद होती है। हरी सब्जी खाने से दिमाग और शरीर दोनों का विकास अच्छे से होता है। ये सब्जियां हमें बीमारियों से दूर रखती हैं..
स्किन केयर में इस्तेमाल की जाने वाली ये चीजें स्किन को डैमेज भी कर सकती है। तो अगर आप भी बिना सोचे-समझे अपनी स्किन पर कुछ भी चीज लगा लेती है तो समय रहते संभल जाइए, क्यूंकि ये स्किन को बेहतर नहीं बल्कि बदतर बना सकती है।
भारतीय रसोई में ऐसे कई मसाले पाए जाते है जिनका यदि सही इस्तेमाल किया जाए तो बीमारिया हमें छू भी नहीं सकती और हम स्वास्थय रह सकते है। मसालों की जब बात हो रही है तो आज हम आपको हमारे किचन में पाए जाने वाले मसाले अदरक के ऐसे इस्तेमाल के बारे में बताने जा रहे है जिसके उपयोग से परिवार की सेहत का ध्यान रखा जा सकता है , तो देर किस बात की है