सर्दियों में इस साल गर्म रहने के साथ साथ ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जोकि आपकों को बाहर ही नहीं भीतर से गर्म रखेगा। ऐसे में अगर मौसम ज्यादा सर्द हो तो गर्म कपड़े तो पहने ही साथ में नीचे दिए गए सामग्रियों का इस्तेमाल करें ताकि आपके शरीर को अंदरूनी रूप से गर्म रख सकता है।
सुबह के नाश्ते में अगर आप चटनी का सेवन करते हैं, तो आपको टेस्ट तो मिलता ही है, साथ ही शरीर में होने वाली समस्याओं से छुटकारा भी मिलता है. शांतिगिरि आश्रम के प्रमुख स्वामी पद्म प्रकाश ने कुछ चटनियों के औषधीय गुण बताए हैं, जो न केवल आपकी हेल्थ को फिट रखने में मदद करेंगे बल्कि आपकी भूख को भी शांत करेंगे:
आंवले की चटनी : आंवले की चटनी खाने से इम्यून सिस्टम सही रहता है. इसमें मौजूद विटामिन सी और अन्य पौष्टिक तत्व आपके शरीर को सभी समस्याओं से दूर रखता है. साथ ही इस चटनी में अदरक और नींबू मिलाकर सेवन करने से दिल की बीमारी दूर रहती है.
नई दिल्ली: फाइबर, विटामिन के,सी, और बी, आइरन, पोटेशियम, जिंक और ओमेगा-6 फैटी एसिड जैसे गुणों से भरपूर होता है अनार. इसी वजह से लगभग सभी बीमारियों से लड़ने के लिए डॉक्टर इस फल को खाने के लिए बोलते हैं. अनार दाने और इसका जूस दोनों ही बहुत फायदेमंद होते हैं. अनार के रोज़ाना सेवन से शरीर में खून की कमी दूर होती है, पेट मुलायम बना रहता है, भूख लगती है और शरीर की कमज़ोरी दूर होती है. इतने फायदों के अलावा भी अनार खाने से कई और लाभ मिलते हैं क्या हैं वो, जानिए नीचे.
भारतीय मूल के शोधकर्ता की अगुवाई वाले दल को एक अध्ययन में पता चला है कि कार्डियोवस्कुलर रोग के शिकार रहे पुरुषों को सेक्स के दौरान या उसके बाद अचानक कार्डिएक अरेस्ट (हार्ट अटैक) होने का जोखिम हो सकता है. अचानक कार्डिएक अरेस्ट (एससीए) में दिल एकाएक धड़कना बंद कर देता है और ऐसा बिना किसी चेतावनी के होता है. इस शोध के निष्कर्षो से पता चला कि एससीए की घटनाएं काफी दुर्लभ है, लेकिन इसमें पीड़ित के जीवित रहने की दर काफी कम है.
किडनी हमारे शरीर के लिए फ़िल्टर का काम करती हैं। ये यूरिन (मूत्र) के द्वारा हमारे शरीर से टॉक्सिंस (विषारी पदार्थ) को बाहर निकालती हैं। परन्तु जब किडनी अपना काम ठीक तरह से नहीं कर पाती तो डायलिसिस करना पड़ता है।
यह एक ऐसा उपचार है जिससे लगभग हर डायबिटीक रोगी (मधुमेह से ग्रस्त रोगी) को गुज़रना पड़ता है। डायलिसिस की सहायता से शरीर से टॉक्सिंस कृत्रिम रूप से बाहर निकाले जाते हैं।
नारियल चाहे किसी भी रूप में ले आपको सिर्फ फायदा ही पहुंचाएगा. गर्मियों में मिनरल्स से भरपूर नारियल पानी पीने से लू बचाव होता है. स्ट्रोक नहीं होता. पेट को ठंडा रखता है. दिमाग को कूल करता है. हृदय को फायदा पहुंचाता है. वैसे पानी वाला नारियल प्राकृतिक रूप से सूख जाने के बाद पूरी तरह से गरीयुक्त हो जाता है जिसे एक गोले के रूप में निकाल कर रख लिया जाता है. इसमें पानी नहीं होता है बल्कि पानी ही सूखकर नारियल तेल का रूप ले लेता है. इस तेल में बैड कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है और इसके कई सारे फायदे होते हैं. सूखे नारियल में डाईटरी फाइबर, कॉपर, मैग्नीशियम और सेलेनियम भी होता है. इसमें उच्च पोषक तत्व होते हैं. आइए जानते है कौन-कौन से होते हैं फायदे..
हम बचपन से सुनते आए हैं कि फल और सब्जियां खानी चाहिए. उनके फायदों के बारे में भी हमने खूब सुना है. अपने आहार में फलों और सब्जियों की मात्रा बढ़ाने से पैरों में रक्त प्रवाह को प्रभावित करने वाली धमनियों के रोगों के विकास का खतरा कम हो सकता है. पेरीफरल आर्टरी डिसीस (पीएडी) पैरों की धमनियों को संकुचित करती है, मांसपेशियों में रक्त प्रवाह को सीमित कर देती है और इससे चलने या खड़े रहने के दौरान तेज दर्द होता है.
नई दिल्ली : कैलिफोर्निया वालनट कमीशन (सीडब्ल्यूसी) ने रोगों की रोकथाम और स्वास्थ्य में अखरोट की भूमिका पर चर्चा के लिए एक दिवसीय वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य शोध सम्मेलन की मेजबानी की. चिकित्सा जगत के पेशेवरों ने कहा कि एक मुट्ठी अखरोट में 4 ग्राम प्रोटीन, 2 ग्राम फाइबर और मैग्नीशियम (10 प्रतिशत डीवी) होता है.
कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. एचके. चोपड़ा ने कहा कि अखरोट एकमात्र ऐसा फल है, जिसमें पादप-आधारित ओमेगा-3 और अल्फा-लिनोलेनिक एसिड प्रचुर मात्रा में होता है, जो मानव शरीर के लिए आवश्यक है. एक मुट्ठी अखरोट में 4 ग्राम प्रोटीन, 2 ग्राम फाइबर और मैग्नीशियम (10 प्रतिशत डीवी) होता है.
सफेद और मजबूत दांत अच्छे स्वस्थ की निशानी है। दांतों का असर पर्सनेलिटी पर भी पड़ता है। कई बार दांतों का दर्द,कमजोर मसूड़े और समय से पहले दांतों के टूटने से सेहत से जुड़ी और भी बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिससे खाने-पीने में परेशानी होती है, खाना अगर सही तरीके से न चबाया जाए तो इससे पाचन क्रिया पर भी बुरा असर पड़ता है। सुबह और शाम सिर्फ ब्रश करना ही नहीं बल्कि इसके अलावा भी इन्हे खान देखभाल की जरूरत होती है। आइए जानें किस तरह से करें दांतों की देखभाल।
दिमाग की हमारे शरीर में कितनी अहमियत है यह बताने की जरूरत नहीं। शरीर की हर क्रिया का संचालन दिमाग के बिना संभव नहीं है। सांस लेना, मसल्स कंट्रोल, सोचना, समझना, याद रखना, हार्मोंन्स का नियंत्रण आदि सभी कार्यों का संचालन मस्तिष्क से ही होता है। इसलिए हमारे भोजन का अधिकांश हिस्सा दिमाग के पोषण के लिए चला जाता है। दिमाग से कमजोर व्यक्ति समाज में काफी उपेक्षित होता है इसलिए हर कोई अपने दिमाग की क्षमता बढ़ाने के प्रयास में लगा रहता है। हमारे दैनिक जीवन की बहुत सी आदतें ऐसी होती हैं जो हमारे दिमाग की क्षमता पर असर डालती हैं।