रमजान के पाक महीने में रोजेदार पूरे 30 दिन भूखे प्यासे रहकर अल्हा की इबादत करते हैं लेकिन गर्मियों में पूरा दिन भूखे-प्यासे रहकर रोजा रखने से आपके शरीर में कमजोरी आ सकती है। आइए जानते हैं सेहरी में क्या खाएं जिससे आपको दिन भर प्यास न लगे।
गर्मियों में लोग गला तर करने के लिए खूब ठंडा पानी पीते हैं लेकिन ज्यादा ठंडा पानी पीने से हमें नुकसान भी पहुंच सकता है। दरअसल इससे आंत रोग और पाचन क्रिया में परेशानी आ सकती है। इसलिए गर्मियों में बहुत ठंडा पानी पीने से हमेसा बचना चाहिए। यही नहीं एकदम बाहर गर्मी से आने के बाद तो बिल्कुल भी ठंडा पानी न पिएं। इससे सर्दी झुकाम का खतरा हो सकता है। इसी नुकसान के बारे में बता रहे हैं आयुर्वेद के जानकार मदन जोगी।
अगर कुछ हेल्दी खाने का मन है तो आप मूंग दाल और पालक का सूप बना सकते हैं। ये हेल्दी होने के साथ-साथ आपको टेस्टी भी लगेगा।
आजकल हर दूसरा व्यक्ति हाई यूरिक एसिड से परेशान है। यह परेशानी शुरू में तो कम होती हैं पर यदि इसका समय रहते इलाज न किया जाए तो यह गंभीर रूप भी ले लेती है। जैसे कि गठिया,जोड़ो में दर्द और किडनी में पत्थरी होने तक की संभावना हो जाती है। घुटनों,एडियों, उंगलियों में दर्द होने से इसकी शुरूआत होती है। लेकिन आप घर पर ही कुछ आसान से उपाय करके इसे समय रहते ठीक कर सकते हैं।
1. बेकिंग सोडा का सेवन
रात के वक्त यानी नाइट शिफ्ट में काम करना आपके स्वास्थय के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है। शोध में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि नाइट शिफ्ट में जिगर यानी लीवर बुरी तरह प्रभावित होता है। लिवर 24 घंटों में दिन और रात के हिसाब से भोजन और भूख के चक्र का आदी हो जाता है।
रात की ड्यूटी यानी नाइट शिफ्ट के चलते आप समय पर भोजन नहीं कर पाते, जिसका सीधा असर आपके लिवर पर पड़ता है। शोधकर्ताओं ने चूहों पर प्रयोग कर पाया कि लिवर का आकार रात में बढ़ता है और वह खुद को ज्यादा खुराक के लिए तैयार करता है, लेकिन उसे समय पर उतनी खुराक नहीं मिल पाती।
खाने में स्वादिष्ट और औषधीय गुणों से भरपूर जामुन गर्मियों का फल है. स्वाद में थोड़ा मीठा और थोड़ा खट्टा होता है. जामुन में लगभग वे सारी चीजें होती हैं, जिनकी जरूरत हमारे शरीर को है. आम के साथ ही जामुन का मौसम भी शुरू हो जाता है. इस फल के गर्मियों में पैदा होने के पीछे भी एक कारण है. जामुन की तासीर ठंडी होती है और लू लग जाने की स्थिति में यह बहुत लाभदायक है.
फल खाना सेहत के लिए अच्छा यह तो हम सभी जानते हैं, क्योंकि इससे हमारे शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। एक ताजे शोध में कहा गया है कि रोजाना ताजे फलों का सेवन और जीवनशैली में बदलाव लाकर डायबिटीज के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
नई दिल्ली : गर्मियों में तेज धूप और पसीने के कारण आपको डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है. इसलिए इन दिनों कोल्ड ड्रिंक और पैकेज फ्रूट जूस जैसी अन्हेल्दी चीजें नहीं बल्कि घर में बनने वाले विभिन्न तरह के हेल्दी और टेस्टी शर्बत ही पिएं.
सौंफ का शर्बत- इसे पीने से आपका शरीर और दिमाग कूल रहते हैं. इसे बनाने के लिए एक चम्मच सौंफ को रातभर पानी में भिगोकर रखें. सुबह सौंफ अलग कर लें और पानी में चीनी व शहद डालकर शर्बत बनाएं.
मीठे पेय पदार्थ याददाश्त के लिए नुकसानदेह होते हैं. एक शोध में पता चला है कि इस तरह के पेय पदार्थो से स्ट्रोक और डिमेंशिया का खतरा बढ़ जाता है. शोध के निष्कर्षो के अनुसार, मीठे पेय पदार्थो से दिमाग की याददाश्त पर प्रभाव पड़ता है. इन निष्कर्षो को दो पत्रिकाओं में प्रकाशित किया गया है. शोध का प्रकाशन पत्रिका 'अल्जाइमर्स एंड डिमेंशिया' में किया गया है. पत्रिका में कहा गया है कि मीठे पेय पदार्थो का सेवन करने वालों में खराब स्मृति, दिमाग के आयतन में कमी और खास तौर से हिप्पोकैम्पस छोटा होता है.
नई दिल्ली: एक ताजा शोध में ये बात सामने आई है कि देशी गाय का दूध जिसे कि ए-2 दूध कहा जाता है, हमारी सेहत के लिए वरदान है. वहीं दूसरी ओर बाजार में बिकने वाले ज्यादातर गाय के दूध क्रॉस ब्रीड या विदेशी गायों का होता है वो सेहत के लिए सही नहीं है.
अमूल जैसी बड़ी कंपनियां भी अब A-2 दूध के साथ बाजार में उतर रही हैं. लेकिन अमूल के एमडी आरएस सोढ़ी का कहना है कि, "जब आप इसे प्रिमियम प्राइस पर बेचना चाहते हैं तब मार्केट अपने आप छोटा हो जाता है. लेकिन धीरे-धीरे अब जागरूकता बढ़ रही है."