खांसी बहुत तकलीफदेह बीमारी है, कई बार संक्रमण का चपेट में आने से खांसी की परेशानी हो जाती है। गले में बलगम हो या सूखी खांसी इनसे जल्दी आराम नहीं मिलता। ज्यादा खांसने से फेफड़ों में भी दर्द महसूस होना शुरू हो जाता है।
बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी आज अपना 70वां जन्मदिन मना रही हैं। 70 की उम्र में भी उन्होंने अपनी फिटनेस को मेंटेन रखा है, जो वाकई काबिले तारीफ हैं। अपनी फिटनेस और खूबसूरती से वह आज भी यंग हिरोइनों को मात देती हैं। उनका कहना है कि फिट रहने के लिए वह हेल्दी डाइट के साथ-साथ फिटनेस रुटीन का भी खास ख्याल रखती है। चलिए इस खास मौके पर जानते हैं हेमा जी की फिटनेस का राज।
हर औरत मां बनने का सुख पाना चाहती है लेकिन 9 माह का यह समय इतना आसान भी नहीं होता। इस समय के शरीर में बहुत तरह के बदलाव आते हैं। खाने-पीने की ओर खास ध्यान देना पड़ता है ताकि मां और बच्चा, दोनों स्वस्थ रहें। विटामिन्स, आयरन और कैल्शियम मां को भरपूर मात्रा में मिलना बहुत जरूरी है। इन पोषक तत्वों से ही बच्चे का शारीरिक विकास अच्छी तरह से होता है।
जोड़ों का दर्द यानि आर्थराइटिस आजकल आम सुनने को मिल रहा है। इसमें हड्डियों की गांठों में सूजन और असहनीय दर्द होता है। हड्डियों की कमजोरी धीरे-धीरे पूरे शरीर को जकड़ लेती है। 12 अक्टूबर को दुनिया भर में वर्ल्ड आर्थराइटिस डे मनाया जाता है। शुरू में ही इस बीमारी के संकेतों को पहचान कर इस बीमारी से बचा जा सकता है।
मौसम में आए बदलाव का प्रभाव हमारे इम्यून सिस्टम पर भी पड़ता है। तापमान में कमी या बढ़ौतरी से प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है, जिस कारण वायरस शरीर को बहुत जल्दी संक्रमित करता है।
हमारे खाने-पीने की चीजों में कई ऐसे माइक्रोन्यूट्रिएंट तत्व पाए जाते हैं, जो तनाव और बेचैनी को कम करने में मददगार होते हैं। इसी वजह से कुछ चीजें खाने के बाद हमें खुशी का एहसास तो होता ही है, उन्हें बार-बार खाने की इच्छा भी होती है। शायद यही वजह है कि मीठा खाने के बाद हमें खुशी महसूस होती है। 10 अक्तूबर को वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे के मौके पर आइए जानते हैं क्यों मीठा खाने हमें मिलती है खुशी
पुराना जुकाम ,नाक की एलर्जी कया है :- पुराना जुकाम एक ऐसी बीमारी है कि एलर्जी के कारण होती है । नाक में धूल मिटटी , प्रदूषण के कणो के आने से होती है । आम तौर पर एलर्जी रीनाइटिस , क्रोनिक सर्दी , घास बुख़ार .क्रोनिक रीनाइटिस में रूप में जाना जाता है । यह रोग जब किसी व्यक्ति को लग जाता है तो उसकी नाक में से पानी , नाक बंद रहना ,छींके आना ,कानों में आवाज आनी शुरू हो जाती है ।
आंख, शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक है। यह कुदरत की एक ऐसी अनमोल देन हैं जिसकी वजह से हम अपने आस-पास के खूबसूरत-रंगीन नजारें देख पाते हैं लेकिन क्या हम इतने अनमोल अंग की सहीं देखभाल करते हैं? अगर आपका जवाब हां है तो बहुत बढ़िया लेकिन अगर ना तो आज से ही आंखों की केयर करनी शुरू कर दें।
वजन कम करने के लिए सबसे जरूरी है कि सप्ताह में या रोज कुछ समय के लिए एक्सरसाइज की जाए। कुछ एक्सरसाइज वजन कम करने में बहुत ही मददगार होती हैं। सुबह के समय की गई एक्सरसाइज बहुत फायदा करती है। लेकिन बदलती लाइफ स्टाइल में जब समय मिले लोग व्यायाम कर रहे हैं। खासतौर पर एक्सरसाइज तब करनी चाहिए, जब दिमाग तनावमुक्त हो। एक्सरसाइज एक्सपर्ट की सलाह के अनुसार ही करनी चाहिए।
ओमेगा-6 फैटी एसिड एक ऐसा पदार्थ होता है जो पॉलीअनसैच्यूरेटेड फैट्स के अंतरगत आता है. मतलब ये स्वास्थ्य के लिए अच्छा फैट माना जाता है. अभी तक हुई कई रिसर्च से पता चला है कि ओमेगा-6 फैटी एसिड को अगर आप डाइट में ज्यादा मात्रा लेने लगते हैं तो इससे व्यक्ति को कार्डियोवसकुलर बीमारियां, कैंसर, इंफ्लेमेट्री और ऑटोइम्यून बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए इसे कम ही मात्रा में शामिल करना प्रिफर करें. आज हम आपको बताने जा रहे हैं ओमेगा-6 फैटी एसिड फूड्स के बारे में जिन्हें डाइट में शामिल कर सकते हैं.