अच्छी सेहत के लिए पौष्टिक आहार का सेवन बहुत जरूरी है लेकिन उम्र के हिसाब से इसकी जरूरत बदलती रहती है। छोटे बच्चे, युवा और बुजुर्ग की डाइट में बहुत फर्क होता है जरूरी नहीं कि जो आहार एक व्यक्ति के लिए सही हैं दूसरे को भी उससे फायदा मिलेगा क्योंकि जिस तरह से उम्र बढती जाती है शरीरिक जरूरतों में भी बदलाव होता रहता है। आप भी लगातार कई सालों से एक ही तरह की डाइट ले रहे हैं तो सही पोषण नहीं मिल पाता। आइए जानें,20 की उम्र के बाद किस तरह 10 साल के अंतराल में कैसे बदले अपना डाइट प्लान।
20 की उम्र में डाइट
बच्चे की हड्डियों का विकास 20 साल की उम्र में भी होती रहता है। इस उम्र में उसकी मांसपेशियों और हड्डियों के विकास के लिए प्रोटीन,कैल्शियम, आयरन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट्स आदि युक्त खाद्य पदार्थ प्रचुर मात्रा में शामिल होने जरूरी हैं। इसके अलावा इस उम्र में हॉर्मोंस में बदलाव आता है, इन्हें बैलेंस करने के लिए हरी सब्जियां, पनीर, दूध, अंडे, दही, फल, सूप, जूस, अखरोट, ब्लूबेरी आदि का सेवन जरूर करें।
30 की उम्र में डाइट
इस उम्र में शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। ऐसे में शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए डाइट का खास ख्याल रखने की बहुत जरूरत होती है। इस समय एनिमिया से बचने के लिए फोलिक एसिड, पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए विटामिन ई, एंटीऑक्सीडेंट्स, लो फैट और हाई फाइबर युक्त आहार को अपनी डाइट में शामिल करना जरूरी है। इसके साथ ही फिट रहने के लिए नारियल तेल, जैतून का तेल, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें।
40 की उम्र में डाइट
40 की उम्र में शारीरिक कमजोरी महसूस होने लगती है। इस समय बीमारियां लगने का खतरा बढ़ जाता है। प्रतिरोधक शक्ति को मजबूत बनाने के लिए तले,भूने और मसालेदार खाने से परहेज करने इसके साथ ही रोजाना ब्रोकली खाएं। सब्जियों में पालक, मटर, प्याज, लहसुन, अदरक, गोभी, शिमला मिर्च, फलियां जरूर शामिल करें। इसके अलावा हल्दी, जैतून का तेल भी जरूर खाएं।
50 की उम्र में डाइट
यह बात बिल्कुल सही है कि अगर आप खुद स्वस्थ होंगे तभी पारिवारिक सदस्यों की सेहत की देखभाल कर सकेगे। इस उम्र में अपने स्वास्थ्य को सही रखने के लिए विटामिन बी, जिंक और प्रोटीन युक्त आहार को शामिल करें। बैलेंस डाइट का सेवन करना बहुत जरूरी है, इसमें अंडे, ड्राई फ्रूट्स आदि शामिल कर सकते हैं। इसके साथ ही योगा, सैर को भी अपने लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं।
60 की उम्र डाइट
इस उम्र में 10 साल पहले वाला डाइट प्लान बदल देना चाहिए क्योंकि इस समय मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। इसके अलावा और भी कई तरह की कमजोरी आनी शुरू हो जाती है। इस समय प्रोटीन युक्त आहार जैसे बीन्स, ड्राई फ्रूट्स, डेयरी प्रॉडक्ट्स, दूध, अंडे, टोफू आदि खाना चाहिए। इस बात का ख्याल रखें कि एक ही बार पेट भर कर खाना न खाएं, थोड़े-थोड़े अंतराल में कुछ न कुछ जरूर खाते रहें।
Health Benefits of Fig: अंजीर एक ऐसा फल है जिसे सूखा और कच्चा दोनों तरह से खाया जा सकता है। साथ ही ये शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है। अंजीर में भरपूर मात्रा में जिंक, सल्फर, क्लोरिन, मैंगनीज, मैग्नीशियम, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर पाया है। रोजाना इसके सेवन से महिलाओं और पुरुषों को हार्मोनल समस्या, पेट संबंधी समस्या, वजन घटाने और डायबिटीज को कंट्रोल करने जैसी कई समस्याओं में मदद मिल सकती है। अंजीर के रोजाना सेवन से शरीर की इम्युनिटी भी मजबूत होती है।
Health Tips: एक तो हमारी जीवन शैली ऐसी हो गई है कि हम धूप के संपर्क में कम आ पाते हैं। ऊपर से ठंड के मौसम में धूप कमजोर रहती है और कभी कभी निकलती भी नहीं है। ऐसे में हम धूप के संपर्क में नहीं आ पाते। इससे शरीर में विटामिन डी की कमी हो सकती है। कयोंकि सूरज की रोशनी के संपर्क में आकर हमारा शरीर विटामिन डी बनाता है। धूप के संपर्क में कम आने से विटामिन डी शरीर में कम बन पाता है।
नई दिल्ली। आज के समय में हर कोई एक-दूसरे से आगे निकल जाना चाहता है। कभी न खत्म होने वाली जिंदगी की इस रेस में भागते हुए लोग ये भूल जाते हैं कि सेहत है तो सबकुछ है। अगर किसी का स्वास्थ्य गड़बड़ है तो वह कितना भी चाह लें अपने कार्यों को अच्छे से नहीं कर सकता है। वहीं उस कामयाबी का भी कोई मतलब नहीं रह जाता है जिसे आप सेलिब्रेट न सके। आज दो पल में ही अचानक लोग काल के गाल में समा जा रहे हैं।
Health tips: सर्दियों ने दस्तक ने दी है। सुबह व शाम को ठंड पड़ने लगी है इसलिए अब गर्म कपड़े भी अपने कवर्ड से बाहर आ चुके हैं। सर्दी से बचने के लिए जरुरी है कि अपनी जीवनशैली में परिवर्तन करें और खान पान में बदलाव। क्योंकि सर्दी के मौसम में ठंडे पदार्थ नुकसान पहुंचाएंगे, इसलिए ऐसे खाने का सेवन करना चाहिए, जो आपके शरीर को सर्दी से बचाने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता तैयार करे।
हम जो खाते हैं, जो सोचते हैं, जैसे माहौल में रहते हैं, जैसी दिनचर्या होती है उस पर हमारी फिजिकल और मेंटल हेल्थ निर्भर करती है। आयुर्वेद ऐसा विज्ञान है जो इन सब में संयम और संतुलन बरतने की सलाह देता है। केमिकल्स के शरीर पर दुष्प्रभाव को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा लोग अब आयुर्वेदिक उपचारों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। अगर आप लंबी उम्र जीना चाहते हैं और स्वस्थ जिंदगी जीना चाहते हैं तो आयुर्वेद के सुझाए ये तरीके अपना सकते हैं।
शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा होती है तो हार्ट अटैक की समस्या बढ़ जाती है। High Cholesterol की समस्या तब ज्यादा होती है, जब अनियमित दिनचर्या रखते हैं और नियमित व्यायाम नहीं करते हैं। आमतौर पर जब लोगों को हार्ट से संबंधित कोई दिक्कत होने लगती है तब वे अपना कोलेस्ट्रॉल चेक कराते हैं। यदि आपकी भी खून की नसों में Cholesterol की मात्रा बढ़ गई है तो हम यहां आपको एक ऐसे फल के बारे बता रहे हैं, जिसका सेवन करके आप अपना High Cholesterol कम कर सकते हैं।
दुनिया की सबसे ताकतवर सब्जी के बारे में तो आप जानते ही होंगे, अगर नहीं जानते तो आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे। वैसे ये गांवों में तो आसानी से मिल जाती है, लेकिन शहरों में हमेशा महंगे दामों पर ही मिलती है। इसे हम ककोरा के नाम से जानते हैं। इसको कंटोला भी बोलते हैं। यह दुनिया की सबसे ताकतवर सब्जी मानी जाती है। इसे औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। इस सब्जी में इतनी ताकत होती है कि महज कुछ दिन के सेवन से ही आपका शरीर फौलादी बन जाता है। कंटोला को ककोड़े और मीठा करेला नाम से भी जाना जाता है।
अक्सर आपने अपने बड़ों से सुना होगा की हमें हरी सब्जियां खानी चाहिए। सेहत के लिए हरी सब्जी फायदेमंद होती है। हरी सब्जी खाने से दिमाग और शरीर दोनों का विकास अच्छे से होता है। ये सब्जियां हमें बीमारियों से दूर रखती हैं..
स्किन केयर में इस्तेमाल की जाने वाली ये चीजें स्किन को डैमेज भी कर सकती है। तो अगर आप भी बिना सोचे-समझे अपनी स्किन पर कुछ भी चीज लगा लेती है तो समय रहते संभल जाइए, क्यूंकि ये स्किन को बेहतर नहीं बल्कि बदतर बना सकती है।
भारतीय रसोई में ऐसे कई मसाले पाए जाते है जिनका यदि सही इस्तेमाल किया जाए तो बीमारिया हमें छू भी नहीं सकती और हम स्वास्थय रह सकते है। मसालों की जब बात हो रही है तो आज हम आपको हमारे किचन में पाए जाने वाले मसाले अदरक के ऐसे इस्तेमाल के बारे में बताने जा रहे है जिसके उपयोग से परिवार की सेहत का ध्यान रखा जा सकता है , तो देर किस बात की है