हर औरत मां बनने का सुख पाना चाहती है लेकिन 9 माह का यह समय इतना आसान भी नहीं होता। इस समय के शरीर में बहुत तरह के बदलाव आते हैं। खाने-पीने की ओर खास ध्यान देना पड़ता है ताकि मां और बच्चा, दोनों स्वस्थ रहें। विटामिन्स, आयरन और कैल्शियम मां को भरपूर मात्रा में मिलना बहुत जरूरी है। इन पोषक तत्वों से ही बच्चे का शारीरिक विकास अच्छी तरह से होता है।
हड्डियों के लिए जरूरी है कैल्शियम
प्रेग्नेंसी में कैल्शियम से भरपूर, आहार और सप्लीमेंट लेने की बहुत आवश्यकता होती है क्योंकि इससे ही बच्चे की हड्डियों का विकास होता है। बच्चे को जब पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम नहीं मिलता तो उसे मां की हड्डियों से कैल्शियम लेने की जरूरत पड़ती है, जिससे डिलीवरी के बाद मां के शरीर में कमजोरी आनी शुरू हो जाती है, जिससे बाद में गठिया और कमर दर्द की परेशानी भी झेलनी पड़ सकती है। ऐसी दिक्कते सिर्फ गर्भावस्था में ही नहीं बल्कि बच्चे को दूध पिलाने वाली औरतों में भी आ सकती हैं। इसके पीछे का कारण शरीर में कैल्शियम और पोषक तत्वों की कमी को होना है।
दूध पिलाने वाली मां को कैल्शियम की ज्यादा जरूरत
प्रेग्नेंट और स्तनपान करवाने वाली औरतों को न्यूटिशियंस और कैल्शियम से भरपूर आहार खाने की बहुत जरूरत होती है क्योंकि गर्भवती और बच्चे को दूध पिलाने वाली मां के शरीर से ही बच्चा का पूर्ण पोषण होता है इसलिए इन महिलाओं को दूसरी औरतों के मुकाबले कैल्शियम की भी ज्यादा जरूरत होती है। बच्चे की हड्डियों के विकास के लिए कैल्शियम बहुत जरूरी है। वहीं, अगर मां में ही कैल्शियम पर्याप्त नहीं होगा तो बच्चे को भी यह पूरी तरह से नहीं मिल पाएगा। इसके अलावा कैल्शियम की कमी उन महिलाओं को भी हो सकती हैं, जिनका खान-पान सही नहीं है या जो कठोर एक्सरसाइज करती हैं।
कैल्शियम युक्त आहार का करें सेवन
18 से 40 साल तक की उम्र की महिलाएं हरी सब्जियों, अंडे, ड्राई फ्रूट्स, फलों और डेयरी प्रॉडक्टस से कैल्शियम की पूर्ति कर सकती हैं। महिलाओं को कैल्शियम के बाजारी सप्लीमेंट लेने की बजाए अपनी डाइट पर ध्यान देना चाहिए।
अन्य पोषक तत्व भी जरूरी
कैल्शियम के अलावा मिनरल्स, प्रोटीन, आयरन, फाइबर और विटामिन भी प्रेग्नेंसी में बहुत जरूरी है। इसके साथ ही पेय पदार्थ और10-12 गिलास पानी का सेवन करने से सेहत संबंधी बहुत-सी दिक्कतें दूर रहती हैं। इससे शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। गर्भावस्था और मां को दूध पिलाने वाली मांओ को दिन भर थोड़े-थोड़े समय के बाद कुछ न कुछ जरूर खाते रहना चाहिए।
हल्की-फुल्की एक्सरसाइज
सेहतमंद रहने के लिए एक्सरसाइज भी बहुत जरूरी है। यह हड्ड़ियों को मजबूती देती है और इससे तनाव मुक्त भी रहा जा सकता है। नॉर्मल डिलीवरी के 2-3 हफ्ते बाद और सी सैक्शन डिलीवरी के 4-6 हफ्तों बाद हल्की एक्सरसाइज करनी शुरू कर देनी चाहिए। सैर, योग, बॉडी स्ट्रैचिंग और हल्का-फुल्का व्यायाम जरूर करना चाहिए। सिर्फ औरतों को ही नहीं, बल्कि हर वर्ग और उम्र को लोगों को रोजाना एक्सरसाइज करनी चाहिए।
Health Benefits of Fig: अंजीर एक ऐसा फल है जिसे सूखा और कच्चा दोनों तरह से खाया जा सकता है। साथ ही ये शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है। अंजीर में भरपूर मात्रा में जिंक, सल्फर, क्लोरिन, मैंगनीज, मैग्नीशियम, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर पाया है। रोजाना इसके सेवन से महिलाओं और पुरुषों को हार्मोनल समस्या, पेट संबंधी समस्या, वजन घटाने और डायबिटीज को कंट्रोल करने जैसी कई समस्याओं में मदद मिल सकती है। अंजीर के रोजाना सेवन से शरीर की इम्युनिटी भी मजबूत होती है।
Health Tips: एक तो हमारी जीवन शैली ऐसी हो गई है कि हम धूप के संपर्क में कम आ पाते हैं। ऊपर से ठंड के मौसम में धूप कमजोर रहती है और कभी कभी निकलती भी नहीं है। ऐसे में हम धूप के संपर्क में नहीं आ पाते। इससे शरीर में विटामिन डी की कमी हो सकती है। कयोंकि सूरज की रोशनी के संपर्क में आकर हमारा शरीर विटामिन डी बनाता है। धूप के संपर्क में कम आने से विटामिन डी शरीर में कम बन पाता है।
नई दिल्ली। आज के समय में हर कोई एक-दूसरे से आगे निकल जाना चाहता है। कभी न खत्म होने वाली जिंदगी की इस रेस में भागते हुए लोग ये भूल जाते हैं कि सेहत है तो सबकुछ है। अगर किसी का स्वास्थ्य गड़बड़ है तो वह कितना भी चाह लें अपने कार्यों को अच्छे से नहीं कर सकता है। वहीं उस कामयाबी का भी कोई मतलब नहीं रह जाता है जिसे आप सेलिब्रेट न सके। आज दो पल में ही अचानक लोग काल के गाल में समा जा रहे हैं।
Health tips: सर्दियों ने दस्तक ने दी है। सुबह व शाम को ठंड पड़ने लगी है इसलिए अब गर्म कपड़े भी अपने कवर्ड से बाहर आ चुके हैं। सर्दी से बचने के लिए जरुरी है कि अपनी जीवनशैली में परिवर्तन करें और खान पान में बदलाव। क्योंकि सर्दी के मौसम में ठंडे पदार्थ नुकसान पहुंचाएंगे, इसलिए ऐसे खाने का सेवन करना चाहिए, जो आपके शरीर को सर्दी से बचाने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता तैयार करे।
हम जो खाते हैं, जो सोचते हैं, जैसे माहौल में रहते हैं, जैसी दिनचर्या होती है उस पर हमारी फिजिकल और मेंटल हेल्थ निर्भर करती है। आयुर्वेद ऐसा विज्ञान है जो इन सब में संयम और संतुलन बरतने की सलाह देता है। केमिकल्स के शरीर पर दुष्प्रभाव को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा लोग अब आयुर्वेदिक उपचारों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। अगर आप लंबी उम्र जीना चाहते हैं और स्वस्थ जिंदगी जीना चाहते हैं तो आयुर्वेद के सुझाए ये तरीके अपना सकते हैं।
शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा होती है तो हार्ट अटैक की समस्या बढ़ जाती है। High Cholesterol की समस्या तब ज्यादा होती है, जब अनियमित दिनचर्या रखते हैं और नियमित व्यायाम नहीं करते हैं। आमतौर पर जब लोगों को हार्ट से संबंधित कोई दिक्कत होने लगती है तब वे अपना कोलेस्ट्रॉल चेक कराते हैं। यदि आपकी भी खून की नसों में Cholesterol की मात्रा बढ़ गई है तो हम यहां आपको एक ऐसे फल के बारे बता रहे हैं, जिसका सेवन करके आप अपना High Cholesterol कम कर सकते हैं।
दुनिया की सबसे ताकतवर सब्जी के बारे में तो आप जानते ही होंगे, अगर नहीं जानते तो आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे। वैसे ये गांवों में तो आसानी से मिल जाती है, लेकिन शहरों में हमेशा महंगे दामों पर ही मिलती है। इसे हम ककोरा के नाम से जानते हैं। इसको कंटोला भी बोलते हैं। यह दुनिया की सबसे ताकतवर सब्जी मानी जाती है। इसे औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। इस सब्जी में इतनी ताकत होती है कि महज कुछ दिन के सेवन से ही आपका शरीर फौलादी बन जाता है। कंटोला को ककोड़े और मीठा करेला नाम से भी जाना जाता है।
अक्सर आपने अपने बड़ों से सुना होगा की हमें हरी सब्जियां खानी चाहिए। सेहत के लिए हरी सब्जी फायदेमंद होती है। हरी सब्जी खाने से दिमाग और शरीर दोनों का विकास अच्छे से होता है। ये सब्जियां हमें बीमारियों से दूर रखती हैं..
स्किन केयर में इस्तेमाल की जाने वाली ये चीजें स्किन को डैमेज भी कर सकती है। तो अगर आप भी बिना सोचे-समझे अपनी स्किन पर कुछ भी चीज लगा लेती है तो समय रहते संभल जाइए, क्यूंकि ये स्किन को बेहतर नहीं बल्कि बदतर बना सकती है।
भारतीय रसोई में ऐसे कई मसाले पाए जाते है जिनका यदि सही इस्तेमाल किया जाए तो बीमारिया हमें छू भी नहीं सकती और हम स्वास्थय रह सकते है। मसालों की जब बात हो रही है तो आज हम आपको हमारे किचन में पाए जाने वाले मसाले अदरक के ऐसे इस्तेमाल के बारे में बताने जा रहे है जिसके उपयोग से परिवार की सेहत का ध्यान रखा जा सकता है , तो देर किस बात की है