पुराना जुकाम ,नाक की एलर्जी कया है :- पुराना जुकाम एक ऐसी बीमारी है कि एलर्जी के कारण होती है । नाक में धूल मिटटी , प्रदूषण के कणो के आने से होती है । आम तौर पर एलर्जी रीनाइटिस , क्रोनिक सर्दी , घास बुख़ार .क्रोनिक रीनाइटिस में रूप में जाना जाता है । यह रोग जब किसी व्यक्ति को लग जाता है तो उसकी नाक में से पानी , नाक बंद रहना ,छींके आना ,कानों में आवाज आनी शुरू हो जाती है । बहुत अधिक छींकना , लाल खुजली ,आंखों में पानी का अनुभव कर सकते है । इसका समय पर उपचार न किया जाए तो यह बीमारी हमारे अन्दर कई बीमारी और ला देती है । उदहारण के लिए जैसे दमा, पीनस निमोनिया इत्यादि ।
सबसे आम एलर्जी कण : -
धूल के कण
प्रदूषण या ध्रूमपान कण
मोल्ड रसोई या बाथरूम जैसे क्षेत्रों में मान लीजिए ।
घर में पर्दो पर , गलीचों से , गदा से मिटटी के कण एलर्जी करते है ।
क्या नाक एलर्जी ट्रिगर करता है :- कारण जाने
धान के मौसम के दौरान , कटाई के मौसम और चावल के दौरान गेहूं कि भूसी ।
पुराने अलमारी खोलना , पुराने समाचार पत्र और नम कपडे पहनना ।
एक ऐसी कमरे से एक गैर ऐसी पर्यवरण में बाहर आना ।
रसोई ( तड़का ) में खाना पकाने से धुआँ ।
पर्दूषण , धूम्रपान और इफेक्शन के कारण होती है
अगर एलर्जी का इलाज न करें तो क्या हो सकता है ?
अनचाहे नाक एलर्जी या एलर्जिक रीनाइटिस पेरशानियों का कारण बन सकता है ।
अगर नाक संब्धी एलर्जी बर्षो तक बनी रहती है , तो वे छाती एलर्जी ब्रॉंकइटिस और असथमा का कारण बन सकते है ।
यह नाक में बढ़ने का कारण बन सकती है और नाक में पॉलीप्स बना सकता है जो नाक संबधी एलर्जी को आगे बढ़ाता है ।
यह कानों में भीड़ पैदा कर सकता है जो आगे आर्ड्रम पर दबाव डालता है और सुनवाई में कमी का कारण बन सकता है ।
2) पुराना जुकाम और नजला के लक्षण :- इसके लक्षणों से व्यक्ति परेशान रहता है जैसे कि :-
1) बार बार छीके आना ।
2) नाक में से पानी बहना , नाक बंद रहना , नाक में मास बढ़ना ।
3) गले में रेशा रहना ।
4) सर दर्द रहना ।
5) गला भी खराब हो जाता है और एक - दो दिन तक लगातार नाक से निकलने वाले बलगम गले के नीचे उतर कर कफ बन जाता है जो खांसी का कारण बनता है ।
6) शरीर में कुछ खाना पीना नहीं लगना ।
7) कान में आवाज आना ।
8) छाती में सुखी खांसी ।
3) पुराना जुकाम और नजला के घरेलू नुस्के :-
1) देसी गौ माता के शुद्ध देसी घी से उपचार :- पुराना जुकाम नजला इन सभी बीमारियों का सबसे अच्छा इलाज है देसी गौ माता का शुद्ध देसी घी उस गौ माता का घी लेना है जिसकी पीठ पर हम्प होता है यह घी आपको लगातर तीन महीने डालना है कि या दस से जयदा साल पुराने नजले को भी खत्म कर देता है ।
1) पुराना जुकाम कि जड़ से कारण को पहचाने इससे पहले कि बहुत देर हो जाए ?
एलर्जी कि कण नाक कि नालियों कि परेशान करते है । रोगी अत्यधिक छींकना शुरू कर देता है । इन सवरों में नाक बहती है और गले में गिरती है ,जिससे गले में खुजली होती है । यह रोगियों को स्राव को बार -बार निगलने कि लिए मजबूत करती है । यदि यह स्राव फेफड़ो में जाते है तो गंभीर स्थिति ही सकती है जो अस्थ्या है ।
Treatment :- आरोग्यम आयुर्वेदिक अस्पताल में 20 साल से नजले की एलर्जी का इलाज किया जा रहा है :-
आरोग्यम की डॉक्टरज ने एलर्जी की इलाज में पहला खोज पत्र युरपीयन यूनियन अकैडमी का आयुर्वेदा में प्रस्तुत ,जिसे सुनने की लिए यूरोप की महशूर डॉप मैडीकल डॉक्टरज व् आयुर्वेदा चर्या ने भाग लिए।
इस खोज को मान्यता मिली है ,याद रहे यह वही डॉक्टरज है जिन्हे नैशनल अवॉर्ड से सन्मानित किया गया है ।
2 ) आरोग्यम आयुर्वेदिक अस्तपताल में 20 से नजले की एलर्जी का इलाज किया जा रहा है ।
Health Benefits of Fig: अंजीर एक ऐसा फल है जिसे सूखा और कच्चा दोनों तरह से खाया जा सकता है। साथ ही ये शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है। अंजीर में भरपूर मात्रा में जिंक, सल्फर, क्लोरिन, मैंगनीज, मैग्नीशियम, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर पाया है। रोजाना इसके सेवन से महिलाओं और पुरुषों को हार्मोनल समस्या, पेट संबंधी समस्या, वजन घटाने और डायबिटीज को कंट्रोल करने जैसी कई समस्याओं में मदद मिल सकती है। अंजीर के रोजाना सेवन से शरीर की इम्युनिटी भी मजबूत होती है।
Health Tips: एक तो हमारी जीवन शैली ऐसी हो गई है कि हम धूप के संपर्क में कम आ पाते हैं। ऊपर से ठंड के मौसम में धूप कमजोर रहती है और कभी कभी निकलती भी नहीं है। ऐसे में हम धूप के संपर्क में नहीं आ पाते। इससे शरीर में विटामिन डी की कमी हो सकती है। कयोंकि सूरज की रोशनी के संपर्क में आकर हमारा शरीर विटामिन डी बनाता है। धूप के संपर्क में कम आने से विटामिन डी शरीर में कम बन पाता है।
नई दिल्ली। आज के समय में हर कोई एक-दूसरे से आगे निकल जाना चाहता है। कभी न खत्म होने वाली जिंदगी की इस रेस में भागते हुए लोग ये भूल जाते हैं कि सेहत है तो सबकुछ है। अगर किसी का स्वास्थ्य गड़बड़ है तो वह कितना भी चाह लें अपने कार्यों को अच्छे से नहीं कर सकता है। वहीं उस कामयाबी का भी कोई मतलब नहीं रह जाता है जिसे आप सेलिब्रेट न सके। आज दो पल में ही अचानक लोग काल के गाल में समा जा रहे हैं।
Health tips: सर्दियों ने दस्तक ने दी है। सुबह व शाम को ठंड पड़ने लगी है इसलिए अब गर्म कपड़े भी अपने कवर्ड से बाहर आ चुके हैं। सर्दी से बचने के लिए जरुरी है कि अपनी जीवनशैली में परिवर्तन करें और खान पान में बदलाव। क्योंकि सर्दी के मौसम में ठंडे पदार्थ नुकसान पहुंचाएंगे, इसलिए ऐसे खाने का सेवन करना चाहिए, जो आपके शरीर को सर्दी से बचाने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता तैयार करे।
हम जो खाते हैं, जो सोचते हैं, जैसे माहौल में रहते हैं, जैसी दिनचर्या होती है उस पर हमारी फिजिकल और मेंटल हेल्थ निर्भर करती है। आयुर्वेद ऐसा विज्ञान है जो इन सब में संयम और संतुलन बरतने की सलाह देता है। केमिकल्स के शरीर पर दुष्प्रभाव को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा लोग अब आयुर्वेदिक उपचारों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। अगर आप लंबी उम्र जीना चाहते हैं और स्वस्थ जिंदगी जीना चाहते हैं तो आयुर्वेद के सुझाए ये तरीके अपना सकते हैं।
शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा होती है तो हार्ट अटैक की समस्या बढ़ जाती है। High Cholesterol की समस्या तब ज्यादा होती है, जब अनियमित दिनचर्या रखते हैं और नियमित व्यायाम नहीं करते हैं। आमतौर पर जब लोगों को हार्ट से संबंधित कोई दिक्कत होने लगती है तब वे अपना कोलेस्ट्रॉल चेक कराते हैं। यदि आपकी भी खून की नसों में Cholesterol की मात्रा बढ़ गई है तो हम यहां आपको एक ऐसे फल के बारे बता रहे हैं, जिसका सेवन करके आप अपना High Cholesterol कम कर सकते हैं।
दुनिया की सबसे ताकतवर सब्जी के बारे में तो आप जानते ही होंगे, अगर नहीं जानते तो आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे। वैसे ये गांवों में तो आसानी से मिल जाती है, लेकिन शहरों में हमेशा महंगे दामों पर ही मिलती है। इसे हम ककोरा के नाम से जानते हैं। इसको कंटोला भी बोलते हैं। यह दुनिया की सबसे ताकतवर सब्जी मानी जाती है। इसे औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। इस सब्जी में इतनी ताकत होती है कि महज कुछ दिन के सेवन से ही आपका शरीर फौलादी बन जाता है। कंटोला को ककोड़े और मीठा करेला नाम से भी जाना जाता है।
अक्सर आपने अपने बड़ों से सुना होगा की हमें हरी सब्जियां खानी चाहिए। सेहत के लिए हरी सब्जी फायदेमंद होती है। हरी सब्जी खाने से दिमाग और शरीर दोनों का विकास अच्छे से होता है। ये सब्जियां हमें बीमारियों से दूर रखती हैं..
स्किन केयर में इस्तेमाल की जाने वाली ये चीजें स्किन को डैमेज भी कर सकती है। तो अगर आप भी बिना सोचे-समझे अपनी स्किन पर कुछ भी चीज लगा लेती है तो समय रहते संभल जाइए, क्यूंकि ये स्किन को बेहतर नहीं बल्कि बदतर बना सकती है।
भारतीय रसोई में ऐसे कई मसाले पाए जाते है जिनका यदि सही इस्तेमाल किया जाए तो बीमारिया हमें छू भी नहीं सकती और हम स्वास्थय रह सकते है। मसालों की जब बात हो रही है तो आज हम आपको हमारे किचन में पाए जाने वाले मसाले अदरक के ऐसे इस्तेमाल के बारे में बताने जा रहे है जिसके उपयोग से परिवार की सेहत का ध्यान रखा जा सकता है , तो देर किस बात की है