बिटर गॉर्ड या करेला एक चिकित्स्कीय औषधि है, जिसका कि बहुत सी दवाइयों में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि यह टेस्ट में कड़वा और आँखों को नहीं सुहाता है, लेकिन रोजाना एक गिलास करेले का जूस पीने से बहुत सी स्वास्थ्य की समस्याएं दूर होती हैं। इसमें कई औषधीय गुण होते हैं जैसे विटामिन्स और एंटी ओक्सिडेन्ट्स। करेले की उपज सबसे पहले भारत में हुई फिर इसे 14 वी शताब्दी में चीन ले जाया गया। भारत में पाया जाने वाला करेला चीन में पाए जाने वाले करेले से भिन्न होता है भारतीय करेला जहाँ खुरदरा और छोटा होता है वहीं चीनी करेला चिकना और लम्बा होता है।
करेला ऊष्णकटिबंधीय स्थानों पर पाया जाता है जैसे अफ्रीका, कॅरीबीयन और एशिया। अनेक तरह के करेले पाए जाते हैं एक हल्के हरे और बड़े एवं दुसरे गहरे हरे और छोटे। दोनों ही स्वास्थ्य की दृष्टी से अच्छे होते हैं।
करेला खाएं रोग को दूर भगाएं
कच्चे करेले का जूस बहुत फायदेमंद है, क्योंकि इसमें सभी जरूरी विटामिन्स और एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कि शरीर को चाहियें। रोज सुबह करेले को जूस लेना चाहिए।
करेला ब्लड शुगर के लेवल को कम करता है -
अपने शुगर को नियंत्रित करने के लिए आप तीन दिन तक खली पेट सुबह करेले का जूस ले सकते हैं मोमर्सिडीन और चैराटिन जैसे एंटी-हाइपर ग्लेसेमिक तत्वों के कारण करेले का जूस ब्लड शुगर लेवल को मांसपेशियों में संचारित करने में मदद करता है। इसके बीजों में भी पॉलीपेप्टाइड-पी होता है जो कि इन्सुलिन को काम में लेकर डायबेटिक्स में शुगर लेवल को कम करता है।
करेले के रस के फायदे (Health Benefits of Karela Juice)
पाचन तंत्र में
करेले में एन्थेलमिन्टिक यौगिक होते हैं, जो जठरांत्रिय रोगों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। करेले का रस परजीवी कृमियों एवं अन्य ज़हरीले पदार्थों का भी नाश कर देता है।
संक्रमण में
करेले की पत्तियां भी गुणकारी होती हैं यह मलेरिया के जीवाणुओ को बढ़ने से रोकती है एवं खसरा, चेचक, खाज और यहाँ तक की एच.आई.वी. जैसे अन्य विशाणुओ को कमज़ोर कर देती है। अगर मलेरिया के लक्षण दिख रहे हों तो कुछ करेले की पत्तियों को उबालकर उसका पानी पी लीजिये। स्वाद के लिए नमक या शक्कर मिलाई जा सकती है। करेले के बीज ह्रदय की बीमारियों से रक्षा करते हैं और यह वसा को जलाने में भी सहायक हैं। हालाँकि इसका स्वाद कड़वा होता है पर स्वास्थ की दृष्टी से यह बहुत ही अच्छा होता है।
महुमेह में (Karela Juice for Diabetes)
महुमेह में करेले का रस बहुत ही असरकारी है। इसके आधे कप रस के सेवन से ही शरीर में इन्सुलिन की मात्रा बढ़ जाती है। इसमें पाया जाने वाला केरंटिन शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखता है। अब तो करेला टेबलेट्स भी औषधीय दुकानों पर उपलब्ध हैं।
अन्य स्वास्थ्य लाभ (Other Health Benefits of Kerala)
करेला कैंसर कारक कोशिकाओ को बढ़ने से रोकता है साथ ही यह अधिश्वेत रक्तता और रक्ताल्पता (एनिमिया) के लिए भी लाभदायक है। यह रक्तचाप नियंत्रण में भी सहायक है।
Health Benefits of Fig: अंजीर एक ऐसा फल है जिसे सूखा और कच्चा दोनों तरह से खाया जा सकता है। साथ ही ये शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है। अंजीर में भरपूर मात्रा में जिंक, सल्फर, क्लोरिन, मैंगनीज, मैग्नीशियम, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर पाया है। रोजाना इसके सेवन से महिलाओं और पुरुषों को हार्मोनल समस्या, पेट संबंधी समस्या, वजन घटाने और डायबिटीज को कंट्रोल करने जैसी कई समस्याओं में मदद मिल सकती है। अंजीर के रोजाना सेवन से शरीर की इम्युनिटी भी मजबूत होती है।
Health Tips: एक तो हमारी जीवन शैली ऐसी हो गई है कि हम धूप के संपर्क में कम आ पाते हैं। ऊपर से ठंड के मौसम में धूप कमजोर रहती है और कभी कभी निकलती भी नहीं है। ऐसे में हम धूप के संपर्क में नहीं आ पाते। इससे शरीर में विटामिन डी की कमी हो सकती है। कयोंकि सूरज की रोशनी के संपर्क में आकर हमारा शरीर विटामिन डी बनाता है। धूप के संपर्क में कम आने से विटामिन डी शरीर में कम बन पाता है।
नई दिल्ली। आज के समय में हर कोई एक-दूसरे से आगे निकल जाना चाहता है। कभी न खत्म होने वाली जिंदगी की इस रेस में भागते हुए लोग ये भूल जाते हैं कि सेहत है तो सबकुछ है। अगर किसी का स्वास्थ्य गड़बड़ है तो वह कितना भी चाह लें अपने कार्यों को अच्छे से नहीं कर सकता है। वहीं उस कामयाबी का भी कोई मतलब नहीं रह जाता है जिसे आप सेलिब्रेट न सके। आज दो पल में ही अचानक लोग काल के गाल में समा जा रहे हैं।
Health tips: सर्दियों ने दस्तक ने दी है। सुबह व शाम को ठंड पड़ने लगी है इसलिए अब गर्म कपड़े भी अपने कवर्ड से बाहर आ चुके हैं। सर्दी से बचने के लिए जरुरी है कि अपनी जीवनशैली में परिवर्तन करें और खान पान में बदलाव। क्योंकि सर्दी के मौसम में ठंडे पदार्थ नुकसान पहुंचाएंगे, इसलिए ऐसे खाने का सेवन करना चाहिए, जो आपके शरीर को सर्दी से बचाने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता तैयार करे।
हम जो खाते हैं, जो सोचते हैं, जैसे माहौल में रहते हैं, जैसी दिनचर्या होती है उस पर हमारी फिजिकल और मेंटल हेल्थ निर्भर करती है। आयुर्वेद ऐसा विज्ञान है जो इन सब में संयम और संतुलन बरतने की सलाह देता है। केमिकल्स के शरीर पर दुष्प्रभाव को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा लोग अब आयुर्वेदिक उपचारों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। अगर आप लंबी उम्र जीना चाहते हैं और स्वस्थ जिंदगी जीना चाहते हैं तो आयुर्वेद के सुझाए ये तरीके अपना सकते हैं।
शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा होती है तो हार्ट अटैक की समस्या बढ़ जाती है। High Cholesterol की समस्या तब ज्यादा होती है, जब अनियमित दिनचर्या रखते हैं और नियमित व्यायाम नहीं करते हैं। आमतौर पर जब लोगों को हार्ट से संबंधित कोई दिक्कत होने लगती है तब वे अपना कोलेस्ट्रॉल चेक कराते हैं। यदि आपकी भी खून की नसों में Cholesterol की मात्रा बढ़ गई है तो हम यहां आपको एक ऐसे फल के बारे बता रहे हैं, जिसका सेवन करके आप अपना High Cholesterol कम कर सकते हैं।
दुनिया की सबसे ताकतवर सब्जी के बारे में तो आप जानते ही होंगे, अगर नहीं जानते तो आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे। वैसे ये गांवों में तो आसानी से मिल जाती है, लेकिन शहरों में हमेशा महंगे दामों पर ही मिलती है। इसे हम ककोरा के नाम से जानते हैं। इसको कंटोला भी बोलते हैं। यह दुनिया की सबसे ताकतवर सब्जी मानी जाती है। इसे औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। इस सब्जी में इतनी ताकत होती है कि महज कुछ दिन के सेवन से ही आपका शरीर फौलादी बन जाता है। कंटोला को ककोड़े और मीठा करेला नाम से भी जाना जाता है।
अक्सर आपने अपने बड़ों से सुना होगा की हमें हरी सब्जियां खानी चाहिए। सेहत के लिए हरी सब्जी फायदेमंद होती है। हरी सब्जी खाने से दिमाग और शरीर दोनों का विकास अच्छे से होता है। ये सब्जियां हमें बीमारियों से दूर रखती हैं..
स्किन केयर में इस्तेमाल की जाने वाली ये चीजें स्किन को डैमेज भी कर सकती है। तो अगर आप भी बिना सोचे-समझे अपनी स्किन पर कुछ भी चीज लगा लेती है तो समय रहते संभल जाइए, क्यूंकि ये स्किन को बेहतर नहीं बल्कि बदतर बना सकती है।
भारतीय रसोई में ऐसे कई मसाले पाए जाते है जिनका यदि सही इस्तेमाल किया जाए तो बीमारिया हमें छू भी नहीं सकती और हम स्वास्थय रह सकते है। मसालों की जब बात हो रही है तो आज हम आपको हमारे किचन में पाए जाने वाले मसाले अदरक के ऐसे इस्तेमाल के बारे में बताने जा रहे है जिसके उपयोग से परिवार की सेहत का ध्यान रखा जा सकता है , तो देर किस बात की है