छतरपुर: बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के कुलसचिव पर ₹5,000 का जमानती वारंट, 16 नवंबर को पेश होने का निर्देश

छतरपुर: बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के कुलसचिव पर ₹5,000 का वारंट
छतरपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल के खिलाफ पांच हजार रुपये का जमानती वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित नहीं होने पर की गई। रिपोर्ट के अनुसार, कुलसचिव को समन तामील होने के बावजूद वे सुनवाई के दौरान न्यायालय में पेश नहीं हुए थे।
अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान हुई कार्रवाई
यह मामला शिवम स्वर्णकार एवं अन्य की ओर से दायर अवमानना याचिका क्रमांक CONC No. 6249/2026 से जुड़ा है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक खोत की एकलपीठ में हुई।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता सिद्धांत कोचर ने अदालत को बताया कि कुलसचिव को दस्ती नोटिस तामील कराया जा चुका है। इसके समर्थन में याचिकाकर्ता क्रमांक छह का शपथ-पत्र भी प्रस्तुत किया गया था।
इसके बावजूद कुलसचिव न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी ओर से कोई अधिवक्ता भी सुनवाई में पेश नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।
16 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 को निर्धारित की है। इस तारीख पर कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल को न्यायालय के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
जमानती वारंट जारी करने का उद्देश्य अगली सुनवाई पर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करना है। अब आगामी सुनवाई में यह देखा जाएगा कि कुलसचिव अदालत के समक्ष उपस्थित होते हैं या नहीं और अवमानना याचिका पर आगे क्या कार्रवाई होती है।
विश्वविद्यालय प्रशासन में मामले को लेकर चर्चा
महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर का प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव के खिलाफ हाईकोर्ट की इस कार्रवाई के बाद मामला प्रशासनिक स्तर पर चर्चा में है।
हालांकि, वारंट जारी होने के आधार पर मामले के अंतिम नतीजे या किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। अवमानना याचिका पर आगे की कार्रवाई न्यायालय की सुनवाई और आदेशों के अनुसार तय होगी।




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