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मध्य प्रदेश

मोहन भागवत बोले- स्वयंसेवकों का आचरण ही संघ की पहचान, समाज सेवा की भावना पर दिया जोर

· October 25, 2026 · 2 मिनट पढ़ें

मोहन भागवत का जबलपुर में संदेश: स्वयंसेवकों का आचरण ही RSS की पहचान

जबलपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक पहचान उसके सदस्यों के आचरण और व्यवहार से होती है। स्वयंसेवकों का जीवन और व्यवहार ऐसा होना चाहिए, जिससे समाज को प्रेरणा मिले। उन्होंने कहा कि संघ में आने का उद्देश्य कुछ हासिल करना नहीं, बल्कि समाज के लिए योगदान देना होना चाहिए।

डॉ. मोहन भागवत ने यह बात जबलपुर के नरसिंह मंदिर स्थित सरस्वती शिक्षा परिषद एवं विद्या भारती कार्यालय में आयोजित कार्यकर्ता मिलन कार्यक्रम में कही। शनिवार को हुए इस कार्यक्रम में उन्होंने मुख्य शिक्षक और उससे ऊपर के दायित्वों पर कार्यरत स्वयंसेवकों को संबोधित किया। कार्यक्रम लगभग एक घंटे तक चला।

स्वयंसेवक ही संगठन का वास्तविक प्रतिनिधि

डॉ. भागवत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पहचान केवल उसके कार्यालय, शाखा या किसी समूह से नहीं बनती, बल्कि स्वयंसेवक ही संगठन का वास्तविक प्रतिनिधि होता है। उसका आचरण और व्यवहार समाज में संगठन की छवि प्रस्तुत करता है।

उन्होंने स्वयंसेवकों को अपने व्यवहार में जिम्मेदारी और अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया। उनके अनुसार, समाज के बीच काम करने वाले प्रत्येक स्वयंसेवक का आचरण ऐसा होना चाहिए, जिसे दूसरे लोग भी अपनाने की प्रेरणा ले सकें।

निस्वार्थ सेवा और समर्पण पर जोर

कार्यकर्ता मिलन कार्यक्रम में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि संघ से जुड़ने के पीछे स्वार्थ या व्यक्तिगत लाभ की भावना नहीं होनी चाहिए। स्वयंसेवक का मूल उद्देश्य समाज के लिए काम करना और अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना होना चाहिए।

उन्होंने समर्पण, जिम्मेदारी और सेवा भावना को स्वयंसेवक के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनके संदेश का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि संगठन से जुड़े लोगों का व्यवहार उनके विचारों और उद्देश्यों को समाज तक पहुंचाता है।

जबलपुर दौरे में कार्यकर्ताओं से संवाद

डॉ. मोहन भागवत 24 से 26 अक्टूबर तक जबलपुर प्रवास पर हैं। इस दौरान वे स्थानीय पदाधिकारियों, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और महाकौशल प्रांत के कॉलेजों में पढ़ने वाले युवा स्वयंसेवकों से संवाद कर रहे हैं। दौरे के कार्यक्रमों में संगठनात्मक गतिविधियों और समसामयिक विषयों पर चर्चा भी शामिल है।

जबलपुर में आयोजित कार्यकर्ता मिलन कार्यक्रम में उनका संदेश स्वयंसेवकों के व्यक्तिगत आचरण, सामाजिक जिम्मेदारी और निस्वार्थ सेवा पर केंद्रित रहा।

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