शहडोल में हाथियों की चहलकदमी से अलर्ट, SP ने वन और पुलिस अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण

शहडोल में हाथियों की चहलकदमी, SP ने वन और पुलिस अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण
शहडोल। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में जंगली हाथियों की आवाजाही को देखते हुए वन विभाग और पुलिस प्रशासन सतर्क है। जयसिंहनगर उत्तर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत टेंगरहा गांव और आसपास के इलाकों में हाथियों की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने वन एवं पुलिस अधिकारियों के साथ क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान हाथियों की वर्तमान स्थिति, उनके संभावित आवागमन मार्गों और प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली गई।
हाथियों की गतिविधियों पर रखी जा रही नजर
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों से हाथियों की आवाजाही और ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न हो सकने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी सूचना पर वन विभाग तथा पुलिस मिलकर तत्काल आवश्यक कदम उठाएं।
वनमंडलाधिकारी डॉ. गौरव सक्सेना ने बताया कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। वन विभाग के अधिकांश कर्मचारियों और स्टाफ को गांवों की ओर तैनात किया गया है, ताकि हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके।
मुनादी और कंट्रोल रूम से ग्रामीणों तक पहुंच रही सूचना
हाथियों की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए लाउडस्पीकर, मुनादी और कोटवारों के माध्यम से जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही हाथियों की लोकेशन से संबंधित सूचनाएं साझा करने के लिए कंट्रोल रूम और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए सूचना तंत्र सक्रिय रखा गया है।
प्रशासन का जोर इस बात पर है कि ग्रामीणों को समय रहते हाथियों की गतिविधियों की जानकारी मिले, ताकि वे जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बच सकें।
ग्रामीणों के लिए जरूरी सावधानियां
वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों से हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, हाथियों की मौजूदगी वाले इलाकों में सावधानी बरतना जरूरी है।
- हाथियों से कम से कम 200 मीटर की दूरी बनाए रखें।
- रात के समय खेतों, जंगलों और हाथियों के आवागमन वाले रास्तों पर जाने से बचें।
- खेतों में लगे बिजली के तारों और लाइटों को बंद रखें।
- हाथियों को भगाने के लिए पटाखे न चलाएं और न ही आग या शोर-शराबे से उन्हें परेशान करें।
- हाथियों को देखने के लिए भीड़ न लगाएं और उनके करीब जाकर वीडियो या फोटो बनाने की कोशिश न करें।
- हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर खुद उनके पास जाने के बजाय वन विभाग या पुलिस को जानकारी दें।
पुलिस और वन विभाग के बीच समन्वय पर जोर
पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने और ग्रामीणों को आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाथियों की सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
निरीक्षण के दौरान एसडीओएफ डॉ. गौरव सक्सेना, एसडीओपी ऋषभ छारी सहित संबंधित वन एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
जंगली हाथियों की आवाजाही के बीच प्रशासन की प्राथमिकता ग्रामीणों को सतर्क रखना और इंसानों तथा वन्यजीवों के बीच संभावित टकराव को रोकना है। ऐसे में स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और हाथियों से जुड़ी किसी भी सूचना को जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाएं।




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