Indore Central Museum: सिंहस्थ से पहले इंदौर का सेंट्रल म्यूजियम 157 दिन बंद, करीब 12 करोड़ रुपये से होगा कायाकल्प

Indore Central Museum: 157 दिन बंद रहेगा इंदौर का संग्रहालय, करीब 12 करोड़ से होगा कायाकल्प
इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित ऐतिहासिक सेंट्रल म्यूजियम को नवीनीकरण कार्यों के चलते करीब 157 दिनों तक पर्यटकों के लिए बंद रखा जाएगा। संग्रहालय में चल रहे निर्माण, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। आगामी सिंहस्थ 2028 से पहले संग्रहालय को बेहतर सुविधाओं और आधुनिक तकनीक से सुसज्जित करने की तैयारी है।
इस परियोजना पर करीब 12 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग रिपोर्टों में परियोजना की लागत 11.75 करोड़ और 12.75 करोड़ रुपये बताई गई है। संग्रहालय को दोबारा खोलने का संभावित लक्ष्य 31 मार्च 2027 रखा गया है। हालांकि, अंतिम तारीख निर्माण कार्यों की प्रगति और अन्य तैयारियों पर निर्भर करेगी।
निर्माण कार्य तेज करने के लिए बंद किया गया संग्रहालय
इंदौर का सेंट्रल म्यूजियम ऐतिहासिक मूर्तियों, प्राचीन सिक्कों, पुरातात्विक वस्तुओं और सांस्कृतिक विरासत के संग्रह के लिए जाना जाता है। यहां पिछले कई महीनों से बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और परिसर का कायाकल्प करने के लिए काम चल रहा है।
निर्माण कार्य के दौरान पर्यटकों की आवाजाही होने से काम की गति प्रभावित हो रही थी। इसके साथ ही निर्माण क्षेत्र में आगंतुकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता थी। इसी वजह से संबंधित विभागों ने संग्रहालय को अस्थायी रूप से पूरी तरह बंद रखकर शेष कार्य तेजी से पूरा करने का निर्णय लिया।
लिफ्ट, कैफेटेरिया और आधुनिक गैलरी बनेंगी आकर्षण
नवीनीकरण परियोजना के तहत संग्रहालय में पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसमें लिफ्ट, आधुनिक शौचालय, कैफेटेरिया, रैंप और स्टोर जैसी सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।
इसके अलावा कुछ पुरानी गैलरियों को नए स्वरूप में विकसित करने की योजना है। आधुनिक डिस्प्ले, बेहतर लाइटिंग और तकनीक आधारित सूचना व्यवस्था के जरिए आगंतुकों को ऐतिहासिक वस्तुओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
परियोजना में इंटरप्रिटेशन सेंटर, स्मृति-चिह्नों की दुकान, ऑडिटोरियम और प्रदर्शनी हॉल जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। इन व्यवस्थाओं से संग्रहालय में आने वाले पर्यटकों, विद्यार्थियों और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों को बेहतर अनुभव मिलने की उम्मीद है।
प्राचीन मूर्तियों और विरासत के संरक्षण पर भी ध्यान
संग्रहालय में रखी प्राचीन मूर्तियां और अन्य ऐतिहासिक वस्तुएं प्रदेश की समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। नवीनीकरण के दौरान इन वस्तुओं को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
निर्माण कार्य शुरू होने के बाद संग्रहालय के आंतरिक बरामदों में रखी कुछ प्राचीन प्रतिमाओं को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया था। इसके साथ ही विरासत की वस्तुओं के रखरखाव के लिए स्टोरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने का काम भी परियोजना में शामिल है।
सिंहस्थ 2028 से पहले बेहतर पर्यटन सुविधाओं की तैयारी
उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 को देखते हुए मध्यप्रदेश में पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं और ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। इंदौर आने वाले पर्यटकों के लिए सेंट्रल म्यूजियम भी एक महत्वपूर्ण आकर्षण है।
आधुनिकीकरण का उद्देश्य संग्रहालय की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए इसे अधिक सुविधाजनक और तकनीक-अनुकूल बनाना है। हालांकि, संग्रहालय के दोबारा खुलने की अंतिम तारीख संबंधित विभाग की आधिकारिक घोषणा और काम पूरा होने की स्थिति के अनुसार ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल संग्रहालय बंद रहने की अवधि में निर्माण और नवीनीकरण के शेष कार्य पूरे किए जाने हैं। काम निर्धारित समय पर पूरा होने की स्थिति में पर्यटक मार्च 2027 के अंत तक इसके नए स्वरूप को देख सकेंगे।




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