भोपाल में SIR के विरोध में कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग कार्यालय का घेराव किया। बैरिकेड पार करने की कोशिश के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं में झड़प हुई, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।
भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन सोमवार को भोपाल में उग्र हो गया। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़ रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोकने की कोशिश की। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार करने लगे और कई कार्यकर्ता उन पर चढ़ गए।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। घटना में कांग्रेस विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे समेत कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
PCC से शुरू हुआ प्रदर्शन
निर्वाचन आयोग के कार्यालय पहुंचने से पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर सभा आयोजित की गई। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
सभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता नारे लगाते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर रवाना हुए। रास्ते में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेड लगाए थे।
बैरिकेड पार करने की कोशिश से बढ़ा विवाद
प्रदर्शनकारी बैरिकेड के पास पहुंचे तो कुछ कार्यकर्ताओं ने आगे जाने की कोशिश की। देखते ही देखते कई लोग बैरिकेड पर चढ़ गए और पार्टी के झंडे लहराने लगे।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने का प्रयास किया। दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने पानी की बौछार शुरू कर दी। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर मौके से हटाया गया।
हेमंत कटारे समेत कई लोग घायल
प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में कांग्रेस के विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे सहित कई कार्यकर्ताओं के घायल होने की बात सामने आई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें संभाला और बाद में अस्पताल ले जाया गया।
प्रदर्शन स्थल पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई थी और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किए गए।
ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहनकर किया प्रतीकात्मक प्रदर्शन
कांग्रेस के प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नाम को लेकर भी प्रतीकात्मक विरोध किया गया। एक कार्यकर्ता ने उनका मुखौटा पहन रखा था और उसे जंजीरों से बांधकर प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने SIR तथा निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर नारेबाजी की।
SIR को लेकर कांग्रेस की क्या मांग है?
कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि SIR की प्रक्रिया के बाद मध्य प्रदेश की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नाम कम हुए हैं। पार्टी ने हटाए गए नामों का विधानसभा, जिला और कारणवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी दोहराई है। ये कांग्रेस की राजनीतिक मांगें और दावे हैं।
निर्वाचन आयोग ने SIR प्रक्रिया को लेकर क्या कहा?
निर्वाचन आयोग की ओर से SIR प्रक्रिया को लेकर दस्तावेजों के सत्यापन और मतदाताओं से संबंधित मामलों की जांच की व्यवस्था जारी है। 26 सितंबर को आयोग ने निर्देश दिया कि जिन लोगों को SIR के दौरान unmapped या logical discrepancy से जुड़े नोटिस मिले हैं, उनके घर जाकर बूथ लेवल अधिकारी दस्तावेज जुटा सकते हैं और उन्हें सिस्टम पर अपलोड किया जा सकता है।
आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि मतदाता सूची और SIR से जुड़े मुद्दों पर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। दूसरी ओर निर्वाचन प्रक्रिया के तहत आयोग की ओर से सत्यापन और दस्तावेजी प्रक्रिया चल रही है।
भोपाल में हुए प्रदर्शन के बाद अब इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।







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