दिल्ली महारैली के लिए MP कांग्रेस का बड़ा लक्ष्य, एक लाख लोगों को ले जाने की तैयारी; जिलों को सौंपी जिम्मेदारी

MP कांग्रेस का दिल्ली रैली के लिए एक लाख लोगों का लक्ष्य, जिलों को जिम्मेदारी
भोपाल। दिल्ली में प्रस्तावित कांग्रेस की महारैली को लेकर मध्यप्रदेश में संगठनात्मक तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य से एक लाख लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए जिला और विधानसभा स्तर के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी की बैठकों में कार्यकर्ताओं की संख्या के साथ-साथ बसों की बुकिंग, रेल टिकट और यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।
कांग्रेस की ओर से 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ जन मार्च और महारैली आयोजित करने की तैयारी है। पार्टी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर यह कार्यक्रम कर रही है।
बसों की बुकिंग और रेल आरक्षण पर नजर
प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व जिलों से यह जानकारी जुटा रहा है कि कितने कार्यकर्ता दिल्ली जाएंगे और उनके आने-जाने की व्यवस्था किस स्तर तक पूरी हुई है। जिला पदाधिकारियों से बसों और चार पहिया वाहनों की बुकिंग, रेलवे टिकटों के आरक्षण तथा कार्यकर्ताओं की सूची तैयार होने की स्थिति बताने को कहा जा रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी समीक्षा बैठकों के जरिए तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। पार्टी की कोशिश है कि यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी हों और अलग-अलग जिलों से भागीदारी का आकलन किया जा सके।
ग्वालियर-चंबल संभाग को 2,000 लोगों का लक्ष्य
कांग्रेस ने क्षेत्र के हिसाब से पदाधिकारियों को अलग-अलग लक्ष्य दिए हैं। ग्वालियर-चंबल संभाग में जिला अध्यक्षों, विधायकों, पूर्व विधायकों और संबंधित प्रभारियों को दो-दो हजार लोगों को दिल्ली ले जाने की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं, प्रदेश के अन्य जिलों में पदाधिकारियों को एक-एक हजार लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया है। समीक्षा बैठकों में यह भी देखा जा रहा है कि निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अब तक कितनी तैयारी हुई है।
यह संख्या पार्टी की ओर से तय किया गया लक्ष्य है। वास्तविक भागीदारी कितनी रहेगी, यह कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट होगा।
रैली के साथ संगठन की भी समीक्षा
दिल्ली महारैली की तैयारियों के बीच प्रदेश कांग्रेस संगठन के कामकाज की भी समीक्षा कर रही है। विधानसभा प्रभारियों से बूथ स्तर पर संगठन की स्थिति और कार्यकर्ताओं की सक्रियता का विवरण मांगा जा रहा है।
इसमें बूथ लेवल एजेंट-2 (BLA-2) के गठन और सत्यापन, मंडलम इकाइयों की स्थिति तथा वार्ड और पंचायत समितियों से जुड़े कामकाज की जानकारी शामिल है। प्रभारियों से उनके क्षेत्र के दौरों और वहां बिताए गए समय का ब्योरा भी मांगा जा रहा है।
दो स्तरों पर जवाबदेही
कांग्रेस की इस कवायद में एक ओर दिल्ली में अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य है, तो दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर संगठन की मजबूती और सक्रियता का आकलन किया जा रहा है।
जिला और विधानसभा स्तर के नेताओं को रैली की तैयारियों के साथ-साथ अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों की प्रगति की जानकारी भी देनी होगी।
निष्कर्ष: दिल्ली महारैली के लिए मध्यप्रदेश कांग्रेस ने एक लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है। अब जिला स्तर पर परिवहन और कार्यकर्ताओं की सूची से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। वास्तविक उपस्थिति का आकलन रैली के बाद ही किया जा सकेगा।




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