उज्जैन-इंदौर मार्ग पर सुगम परिवहन बस में भीषण आग, यात्रियों ने कूदकर बचाई जान
उज्जैन। उज्जैन-इंदौर मार्ग पर मंगलवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रामवास क्षेत्र के पास उज्जैन से इंदौर जा रही एक यात्री बस में अचानक भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि बस का टायर फटने के बाद वाहन का संतुलन बिगड़ा और कुछ ही देर में बस से धुआं उठने लगा। आग तेजी से फैलने के बाद बस पूरी तरह आग की लपटों में घिर गई।
हादसे के समय बस में करीब 12 यात्री सवार बताए जा रहे हैं। बस से धुआं और आग उठती देखकर यात्रियों में घबराहट फैल गई। हालांकि, यात्रियों ने समय रहते बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री की मौत या गंभीर जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है।
रामवास क्षेत्र में हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार घटना उज्जैन से करीब 15 किलोमीटर दूर रामवास क्षेत्र की है। मंगलवार दोपहर उज्जैन से इंदौर की ओर जा रही बस में अचानक समस्या आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस का टायर फटने के बाद वाहन असंतुलित हुआ और इसी दौरान बस में आग लग गई।
कुछ ही समय में आग ने विकराल रूप ले लिया। बस से निकलते धुएं को देखकर यात्रियों को खतरे का अंदाजा हुआ और उन्होंने तत्काल बस से बाहर निकलना शुरू कर दिया। यात्रियों के बाहर आने के बाद आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।
यात्रियों ने कूदकर बचाई जान
बस में आग लगने के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। करीब 12 यात्रियों के बस में मौजूद होने की जानकारी सामने आई है। आग तेजी से फैलने के कारण यात्रियों ने किसी तरह बस से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर पहुंचने में सफलता हासिल की।
हादसे में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। समय रहते यात्रियों के बाहर निकल जाने से एक बड़ा हादसा टल गया।
सूचना के बाद पहुंची दमकल की चार गाड़ियां
घटना की सूचना दमकल विभाग और पुलिस को दी गई। रिपोर्टों के अनुसार सूचना मिलने के करीब 45 मिनट बाद फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास किया।
आग इतनी तेज थी कि उसे पूरी तरह बुझाने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगा। दमकल टीम की मशक्कत के बावजूद बस को बचाया नहीं जा सका। आग बुझने के बाद मौके पर बस का अधिकांश हिस्सा पूरी तरह जल चुका था और केवल लोहे का ढांचा दिखाई दे रहा था।
बस के स्वामित्व और सरकारी ब्रांडिंग को लेकर जांच
हादसे के बाद बस के स्वामित्व और उस पर मौजूद सरकारी ब्रांडिंग को लेकर भी सवाल उठे हैं। दुर्घटनाग्रस्त बस पर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का नाम लिखा हुआ था और बस पर रेडियम ब्रांडिंग भी दिखाई दे रही थी।
वहीं, उपलब्ध जानकारी के अनुसार संबंधित जिम्मेदारों की ओर से यह कहा गया है कि दुर्घटनाग्रस्त बस मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की नई बसों का हिस्सा नहीं थी, बल्कि निजी ऑपरेटर की पुरानी डीजल बस थी।
ऐसे में जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी है कि यदि बस निजी ऑपरेटर की थी तो उस पर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की ब्रांडिंग किस आधार पर की गई थी। पुलिस और परिवहन विभाग इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
टायर फटने के बाद आग लगने की बात सामने आई
प्रारंभिक जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस का टायर फटने के बाद वाहन का संतुलन बिगड़ा और इसके बाद आग लगी। हालांकि, आग लगने की वास्तविक तकनीकी वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
यह भी देखा जाएगा कि बस की तकनीकी स्थिति क्या थी, उसका फिटनेस रिकॉर्ड क्या था और घटना के समय वाहन में सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे या नहीं।
फिलहाल टायर फटना आग लगने की प्रारंभिक वजह के तौर पर सामने आया है, लेकिन अंतिम कारण के संबंध में संबंधित विभाग की जांच महत्वपूर्ण होगी।
नई बस सेवा के शुभारंभ के कुछ ही दिन बाद घटना
यह घटना ऐसे समय हुई है, जब मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत हाल ही में की गई है। 25 सितंबर 2026 को भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश स्तर पर इस सेवा का शुभारंभ किया था।
इस सेवा के तहत प्रदेश के सात प्रमुख शहरों के लिए 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को हरी झंडी दिखाई गई थी। उज्जैन को धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 10 बसें उपलब्ध कराए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
इसके बाद 27 सितंबर को उज्जैन में महाकाल लोक से पीएम ई-बस सेवा और उज्जैन दर्शन सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया गया था।
इंदौर में भी सामने आया था बस हादसा
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद इंदौर में भी इस सेवा से जुड़ी ई-बस हादसे का शिकार हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार 27 सितंबर को राजबाड़ा क्षेत्र में हुई घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई थी और दो लोग घायल हुए थे।
अब उज्जैन-इंदौर मार्ग पर बस में आग लगने की घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान खींचा है। हालांकि, दोनों घटनाओं की परिस्थितियां अलग हैं और उज्जैन की घटना में बस के सेवा से वास्तविक संबंध तथा उसकी तकनीकी स्थिति की जांच अभी जारी है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की पूरी तस्वीर
फिलहाल राहत की सबसे बड़ी बात यही है कि बस में सवार यात्रियों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया और इस घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
पुलिस और संबंधित विभाग की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि बस में आग किस तकनीकी कारण से लगी, टायर फटने की स्थिति कैसे बनी और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के नाम की ब्रांडिंग उस बस पर किस अनुमति या व्यवस्था के तहत की गई थी।
घटना के बाद सार्वजनिक परिवहन में चलने वाले वाहनों की फिटनेस, तकनीकी जांच और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी संबंधित विभाग की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण हो जाती है।












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