टीकमगढ़ में अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का खुलासा, 7 आरोपी गिरफ्तार; 9 बाइक बरामद
टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में पुलिस ने वाहन चोरी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान एक कथित अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से नौ चोरी की मोटरसाइकिलें, एक नंबर प्लेट और वाहन खोलने-काटने में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया है। बरामद सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 3.90 लाख रुपये बताई गई है।
अनगढ़ा बाईपास के पास पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस के अनुसार 21 सितंबर की सुबह मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग अनगढ़ा बाईपास के नजदीक चोरी की मोटरसाइकिलों को खपाने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर निगरानी और घेराबंदी शुरू की।
कार्रवाई के दौरान संदिग्धों को पकड़ा गया। पूछताछ और शुरुआती जांच के बाद पुलिस को वाहन चोरी से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की बात कही गई है।
अलग-अलग इलाकों से चोरी हुई थीं बाइक
पुलिस जांच में बरामद नौ मोटरसाइकिलों में से दो वाहन टीकमगढ़ कोतवाली क्षेत्र में दर्ज चोरी के मामलों से जुड़े पाए गए। वहीं बाकी बाइक टीकमगढ़ जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के अलावा झांसी और महरौनी क्षेत्र से चोरी होने की जानकारी सामने आई है।
इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामले को अंतर्राज्यीय वाहन चोरी नेटवर्क से जोड़कर जांच आगे बढ़ाई है।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि चोरी की गई मोटरसाइकिलें किन लोगों को बेची जाती थीं, वाहनों को कहां ठिकाने लगाया जाता था और गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस को पूछताछ के दौरान वाहन चोरी की अन्य घटनाओं के बारे में भी जानकारी मिलने की उम्मीद है।
आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार अग्रवाल के निर्देशन में की गई। पुलिस के मुताबिक कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रवि भूषण पाठक सहित टीम के अन्य सदस्यों की कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मामले में आगे की वैधानिक प्रक्रिया जारी है और पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य संभावित लोगों की जानकारी जुटा रही है।
नोट: आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही माना जाएगा।












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