टीकमगढ़ में हॉस्टल से 3 बच्चे लापता, संचालक भी गायब; पुलिस जांच शुरू
टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के खरगापुर में संचालित एक आवासीय हॉस्टल से तीन बच्चों के अचानक लापता होने का मामला सामने आया है। बच्चों के परिजनों ने थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना दी और उनकी सुरक्षित तलाश की मांग की। इसी बीच हॉस्टल का संचालक भी मौके पर मौजूद नहीं मिला, जिसके बाद मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
तीनों बच्चे अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ते हैं
जानकारी के अनुसार लापता तीन बच्चों में दो सातवीं कक्षा और एक चौथी कक्षा में पढ़ाई करता है। हॉस्टल से बच्चों के गायब होने की जानकारी मिलने के बाद उनके परिजन चिंतित हो गए और खरगापुर पुलिस से संपर्क किया।
परिजनों ने पुलिस से बच्चों को जल्द तलाश कर सुरक्षित वापस लाने की मांग की है।
हॉस्टल संचालक भी मौके पर नहीं मिला
मामला सामने आने के बाद जब बच्चों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की गई तो हॉस्टल संचालक रमेश अहिरवार भी वहां मौजूद नहीं मिला। इससे बच्चों के गायब होने की परिस्थितियों को लेकर जांच और महत्वपूर्ण हो गई है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि तीनों बच्चे हॉस्टल से कब बाहर निकले और वे किस परिस्थिति में वहां से गए। इस संबंध में पुलिस जानकारी जुटा रही है।
बिना मान्यता हॉस्टल चलने की चर्चा
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर यह बात भी सामने आई है कि संबंधित आवासीय हॉस्टल बिना मान्यता संचालित हो सकता है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि खरगापुर में कुछ अन्य आवासीय हॉस्टल भी निर्धारित अनुमति के बिना संचालित किए जा रहे हैं। इन दावों की भी जांच की जरूरत बताई जा रही है।
शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी उठे सवाल
बच्चों के हॉस्टल से गायब होने के बाद संबंधित व्यवस्था की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, शिक्षा विभाग की लापरवाही या किसी अधिकारी की भूमिका से जुड़े आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी हॉस्टल की मान्यता, संचालन से जुड़े दस्तावेज और वहां रहने वाले अन्य बच्चों से संबंधित जानकारी की जांच कर सकते हैं।
बच्चों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस का फिलहाल मुख्य फोकस तीनों बच्चों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने पर है। इसके साथ ही हॉस्टल संचालक और वहां की व्यवस्था से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा सकती है।
जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि बच्चे हॉस्टल से किस समय बाहर गए, उनके जाने की जानकारी किसे थी और उनकी तलाश के लिए अब तक क्या-क्या प्रयास किए गए हैं।
मामले में आगे की स्थिति पुलिस जांच और बच्चों की बरामदगी के बाद अधिक स्पष्ट होगी।
नोट: हॉस्टल के बिना मान्यता संचालित होने तथा शिक्षा विभाग की भूमिका से संबंधित बातें फिलहाल जांच/स्थानीय जानकारी पर आधारित हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।












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