MP Weather: प्रदेश में बढ़ेगी रात की ठंड, तापमान में 2 डिग्री तक गिरावट का अनुमान; धनतेरस-दिवाली पर मौसम साफ

MP Weather: रात में बढ़ेगी ठंड, तापमान 2 डिग्री तक गिरने का अनुमान
भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज अब बदलने लगा है। बारिश और तेज हवाओं का दौर कमजोर पड़ने के बाद प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट आने और ठंड बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। वहीं 5 से 8 नवंबर तक प्रदेश में बारिश या आंधी का कोई अलर्ट नहीं है। धनतेरस और दीपावली के दौरान भी मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है।
प्रदेश के ज्यादातर शहरों में दिन के समय धूप खिली रहने और रात में हल्की ठंड महसूस होने का अनुमान है। हालांकि, तापमान में वास्तविक बदलाव अलग-अलग जिलों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार हो सकता है।
तूफानों का असर कमजोर, अब साफ रहेगा मौसम
पिछले सप्ताह मध्यप्रदेश के मौसम पर तूफान अर्नब और मुरासु के प्रभाव से बदलाव देखने को मिला था। इनके असर से पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, ग्वालियर और उज्जैन संभाग के कुछ इलाकों में भी वर्षा दर्ज की गई थी।
बुधवार को पूर्वी हिस्से के कुछ जिलों में बादल छाए रहे और हल्की बारिश हुई। अब मौसम प्रणाली का प्रभाव कमजोर पड़ने के बाद प्रदेश में मौसम शुष्क होने की संभावना है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहेंगी। फिलहाल 5 से 8 नवंबर के बीच किसी जिले के लिए आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी ठंड की रफ्तार
नवंबर के दूसरे सप्ताह में रात के तापमान में गिरावट आने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत की ओर से आने वाली ठंडी हवाओं का असर मध्यप्रदेश के तापमान पर पड़ सकता है।
इसका प्रभाव विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल संभाग में देखने को मिल सकता है। यहां रात के तापमान में गिरावट के साथ ठंड का अहसास बढ़ने की संभावना है।
प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी दिन और रात के तापमान के बीच अंतर बना रहेगा। दिन में धूप के कारण मौसम अपेक्षाकृत गर्म रह सकता है, जबकि सूर्यास्त के बाद तापमान में गिरावट महसूस होगी।
दमोह में सबसे ठंडी रात, ग्वालियर-खजुराहो में दिन का पारा सबसे ज्यादा
हाल के तापमान आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में रात के तापमान में अलग-अलग जिलों के बीच अंतर देखा गया है। दमोह में न्यूनतम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो उस रिपोर्ट में प्रदेश के मैदानी इलाकों में सबसे कम था।
रायसेन में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री और ग्वालियर में 16.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं शिवपुरी में रात का तापमान 21 डिग्री और नर्मदापुरम में 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दिन के तापमान की बात करें तो ग्वालियर और छतरपुर जिले के खजुराहो में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। गुना में 32.8 डिग्री, सागर में 32.7 डिग्री और धार तथा उज्जैन में 32.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेश में दिन के समय गर्मी का असर बना हुआ है, जबकि रातें धीरे-धीरे ठंडी होने लगी हैं।
धनतेरस और दीपावली पर बारिश की संभावना कम
त्योहारों के दौरान मौसम साफ रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, धनतेरस और दीपावली के आसपास प्रदेश में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है।
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में दिन के समय धूप रहने का अनुमान है। इससे बाजारों में खरीदारी और त्योहारों से जुड़ी गतिविधियों के लिए मौसम अनुकूल रह सकता है।
हालांकि, मौसम का पूर्वानुमान समय के साथ बदल सकता है। किसी नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने पर बारिश या तापमान में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
नवंबर के तीसरे-चौथे सप्ताह में फिर हो सकती है बारिश
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, नवंबर में बारिश की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं होती है। भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे शहरों में इस महीने पहले भी बारिश दर्ज की जाती रही है।
इस बार भी महीने के तीसरे या चौथे सप्ताह में कोई मौसम प्रणाली सक्रिय होने पर कुछ क्षेत्रों में वर्षा हो सकती है। फिलहाल इसके लिए कोई निश्चित तारीख या जिले तय नहीं हैं।
इसलिए आगामी दिनों में मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा। अभी उपलब्ध पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश में मौसम शुष्क रहने और रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना है।
ग्वालियर में नवंबर का ऐतिहासिक न्यूनतम 3 डिग्री तक पहुंच चुका
मध्यप्रदेश के कुछ शहरों में नवंबर के दौरान पहले भी काफी कम तापमान दर्ज किया गया है। ग्वालियर में नवंबर महीने का ऐतिहासिक न्यूनतम तापमान करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। यह रिकॉर्ड लगभग 57 साल पुराना बताया गया है।
उज्जैन में भी नवंबर के दौरान न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा चुका है। हालांकि, ये पुराने रिकॉर्ड हैं और वर्तमान मौसम के पूर्वानुमान से अलग हैं।
इस समय प्रदेश में तापमान धीरे-धीरे गिरने की स्थिति है। आने वाले दिनों में ठंड का असर कितना बढ़ेगा, यह उत्तर भारत से आने वाली हवाओं और मौसम प्रणाली की गतिविधियों पर निर्भर करेगा।
फिलहाल प्रदेश में मौसम का यही रहेगा मिजाज
मध्यप्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने और दिन में धूप निकलने का अनुमान है। रात के तापमान में करीब 2 डिग्री तक गिरावट आने से ठंड बढ़ सकती है। ग्वालियर-चंबल संभाग में इसका असर अधिक महसूस होने की संभावना है।
धनतेरस और दीपावली के दौरान बारिश का अलर्ट नहीं होने से त्योहारों के लिए मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। हालांकि, किसी भी नए मौसम बदलाव के लिए विभाग की ताजा चेतावनी और जिलेवार पूर्वानुमान देखना जरूरी होगा।




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