MP High Court: छात्र को 7 दिन में अंकसूची और टीसी देने के निर्देश, स्टेमफील्ड स्कूल को हाईकोर्ट की राहत संबंधी सुनवाई में आदेश

MP High Court: स्टेमफील्ड स्कूल को 7 दिन में अंकसूची और TC देने के निर्देश
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर के 14 वर्षीय छात्र को राहत देते हुए स्टेमफील्ड इंटरनेशनल स्कूल प्रबंधन को सात दिन के भीतर कक्षा सातवीं और आठवीं की अंकसूची तथा स्थानांतरण प्रमाणपत्र (टीसी) उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। छात्र लंबे समय से शैक्षणिक दस्तावेज प्राप्त करने के लिए स्कूल के चक्कर लगा रहा था। न्यायालय ने कहा है कि यदि स्कूल निर्धारित अवधि में दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाता, तो उसे इसके कारण भी बताने होंगे।
यह आदेश न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने छात्र शिवराज त्रिपाठी की याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को निर्धारित की गई है।
सात दिन में दस्तावेज देने का निर्देश
याचिका में छात्र की ओर से बताया गया कि उसने कक्षा सातवीं और आठवीं उत्तीर्ण करने के बाद स्कूल प्रबंधन से दोनों कक्षाओं की अंकसूची और स्थानांतरण प्रमाणपत्र मांगा था। लेकिन आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके कारण छात्र को अपनी पढ़ाई से जुड़े रिकॉर्ड हासिल करने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
हाईकोर्ट ने छात्र के शैक्षणिक हित को ध्यान में रखते हुए स्कूल प्रबंधन को सात दिन के भीतर संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दस्तावेज देने में कोई बाधा है, तो स्कूल को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उसका कारण बताना होगा।
बलदेवबाग स्थित स्कूल से जुड़ा मामला
यह मामला जबलपुर के बलदेवबाग क्षेत्र में स्थित स्टेमफील्ड इंटरनेशनल स्कूल से संबंधित है। याचिकाकर्ता छात्र आनंद कॉलोनी, बलदेवबाग का निवासी बताया गया है।
छात्र की ओर से अधिवक्ता राजेश चंद और रोहित नानेपाग ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि स्कूल से कक्षा सातवीं और आठवीं की अंकसूचियां तथा टीसी मांगी गई थीं, लेकिन प्रबंधन की ओर से दस्तावेज नहीं दिए गए।
दस्तावेज नहीं मिलने के कारण छात्र को शैक्षणिक रिकॉर्ड प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। याचिका में स्कूल की मान्यता और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्धता से जुड़े दस्तावेजों पर भी सवाल उठाए गए हैं।
स्कूल की मान्यता और सीबीएसई संबद्धता पर भी सवाल
याचिका में केवल अंकसूची और टीसी नहीं मिलने का मुद्दा ही नहीं उठाया गया, बल्कि स्कूल की मान्यता और सीबीएसई संबद्धता से संबंधित दस्तावेजों को लेकर भी प्रश्न किए गए हैं।
इन मुद्दों पर अदालत में प्रारंभिक सुनवाई के दौरान छात्र की ओर से दलीलें रखी गईं। हाईकोर्ट ने फिलहाल दस्तावेज उपलब्ध कराने के संबंध में समयबद्ध निर्देश जारी किए हैं। स्कूल की मान्यता और संबद्धता से जुड़े सवालों पर अंतिम निष्कर्ष इस आदेश से नहीं निकाला जा सकता।
19 नवंबर को अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख तय की है। सात दिन की समय-सीमा में स्कूल प्रबंधन को अंकसूची और टीसी उपलब्ध कराने अथवा दस्तावेज नहीं देने के कारण बताने होंगे।
यह आदेश छात्र के शैक्षणिक दस्तावेजों से संबंधित राहत के लिए है। मामले में स्कूल की ओर से उठाए गए मुद्दों और याचिका में शामिल अन्य सवालों पर आगे की सुनवाई में स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल हाईकोर्ट के निर्देश के बाद छात्र को अपनी सातवीं और आठवीं की अंकसूची तथा स्थानांतरण प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए समयबद्ध राहत मिली है।




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