Indore Politics: कैलाश विजयवर्गीय के बिना हुआ विधानसभा-1 में भाजपा नेता का कार्यक्रम, बैनर से भी गायब रही तस्वीर

Indore Politics: मनोज मिश्रा के कार्यक्रम से गायब रहे कैलाश विजयवर्गीय, बैनर पर भी नहीं दिखी तस्वीर
इंदौर। मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री और इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 के विधायक कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर स्थानीय सियासत को लेकर चर्चा में हैं। इस बार मामला भाजपा नेता एवं पार्षद पति मनोज मिश्रा के दीपावली उपहार वितरण कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम में मंत्री विजयवर्गीय शामिल नहीं हुए और आयोजन के बैनरों पर भी उनकी तस्वीर नजर नहीं आई। इसके बाद भाजपा के स्थानीय राजनीतिक समीकरणों और नेताओं के बीच दूरी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे, विधायक मनोज पटेल सहित पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। खास बात यह रही कि आयोजन में ऐसे नेताओं की मौजूदगी भी रही, जिन्हें राजनीतिक रूप से विजयवर्गीय के विरोधी खेमे का माना जाता है। ऐसे में मंत्री की गैरमौजूदगी और बैनर से तस्वीर गायब रहने की घटना को स्थानीय राजनीति के नजरिये से देखा जा रहा है।
पार्षद पति मनोज मिश्रा ने आयोजित किया था कार्यक्रम
दीपावली के अवसर पर भाजपा नेता और पार्षद पति मनोज मिश्रा की ओर से उपहार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें पार्टी के कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और विधायक मनोज पटेल की मौजूदगी भी चर्चा में रही।
आयोजन के दौरान लगाए गए बैनरों पर कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर नहीं दिखाई दी। चूंकि कार्यक्रम उसी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित हुआ, जहां से विजयवर्गीय विधायक हैं, इसलिए इस बात ने राजनीतिक चर्चाओं को और बढ़ा दिया।
गौरव रणदिवे और विधायक मनोज पटेल भी पहुंचे
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और विधायक मनोज पटेल सहित कई नेताओं की मौजूदगी रही। आयोजन में शामिल होने पहुंचे विधायक मनोज पटेल से जब भाजपा में गुटबाजी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि आयोजकों ने उन्हें आमंत्रित किया था, इसलिए वह कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं।
कार्यक्रम में अलग-अलग नेताओं की मौजूदगी को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं हुईं। हालांकि, किसी नेता ने इसे पार्टी के भीतर किसी औपचारिक टकराव या विरोध की घोषणा नहीं बताया।
बैनर से तस्वीर गायब होने पर आयोजक ने क्या कहा?
कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर बैनरों पर नहीं होने को लेकर जब आयोजक मनोज मिश्रा से सवाल किया गया तो उन्होंने इसे कार्यकर्ताओं की गलती बताया। उनका कहना था कि कुछ कार्यकर्ताओं ने बैनर तैयार करवाए थे और उन्होंने पहले से इस्तेमाल हो रहे पुराने फोटो ही लगा दिए। तस्वीर नहीं होने को उन्होंने जानबूझकर लिया गया फैसला मानने से इनकार किया।
इस स्पष्टीकरण के बावजूद आयोजन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी रहीं। एक ओर आयोजक इसे कार्यकर्ताओं की भूल बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मंत्री की गैरमौजूदगी और कार्यक्रम में शामिल नेताओं की सूची को स्थानीय सियासत से जोड़कर देखा जा रहा है।
भाजपा की स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का दौर
इंदौर विधानसभा-1 में कैलाश विजयवर्गीय का राजनीतिक प्रभाव रहा है। ऐसे में इसी क्षेत्र में आयोजित किसी बड़े पार्टी कार्यक्रम में उनकी तस्वीर का बैनर से गायब होना और उनका शामिल नहीं होना चर्चा का विषय बन गया।
हालांकि, केवल किसी कार्यक्रम में शामिल नहीं होने या बैनर पर तस्वीर नहीं होने से पार्टी के भीतर गुटबाजी की पुष्टि नहीं होती। आयोजक ने इसे कार्यकर्ताओं की भूल बताया है। फिलहाल इस आयोजन को लेकर भाजपा के स्थानीय नेताओं के बीच राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा जरूर तेज हुई है।
अब सवाल यह है कि बैनर से तस्वीर गायब रहना महज आयोजन संबंधी चूक थी या इसके पीछे स्थानीय राजनीतिक समीकरण भी हैं। इस पर संबंधित नेताओं की ओर से कोई स्पष्ट राजनीतिक बयान सामने नहीं आया है।




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