इंदौर के राजवाड़ा चौक पर सिटी बस हादसे के बाद बस स्टैंड खाली रहा। हादसे में एक घायल की मौत हुई, जबकि बस में तोड़फोड़ के मामले में तीन लोगों पर FIR दर्ज की गई।
इंदौर। राजवाड़ा चौक पर रविवार को हुए सिटी बस हादसे के बाद सोमवार को इलाके की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला। हादसे के बाद राजवाड़ा चौक स्थित सिटी बस स्टैंड पर बसें नजर नहीं आईं। प्रशासन अब इस हिस्से को नो-बस जोन बनाने की तैयारी में है, ताकि भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में दोबारा ऐसी स्थिति न बने।
इसी बीच हादसे के बाद बस में की गई तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। उधर, दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
हादसे के बाद खाली रहा बस स्टैंड
राजवाड़ा पैलेस के सामने जिस स्थान पर सिटी बसों के खड़े होने की अनुमति थी, वहां घटना के समय चार बसें मौजूद थीं। हादसे के बाद प्रशासन ने इस क्षेत्र में बसों की पार्किंग और संचालन को लेकर दोबारा विचार शुरू कर दिया है।
अधिकारियों के स्तर पर राजवाड़ा चौक को नो-बस जोन बनाने की तैयारी की जा रही है। इस फैसले का उद्देश्य पैदल यात्रियों, वाहनों और पर्यटकों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित करना बताया जा रहा है।
हादसे में घायल व्यक्ति ने दम तोड़ा
राजवाड़ा चौक पर हुए हादसे में गंभीर रूप से घायल जितेंद्र शर्मा की देर रात उपचार के दौरान मौत हो गई। उनके सिर और सीने में गंभीर चोटें आई थीं और घटना के बाद उनका इलाज चल रहा था।
मौत की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जांच और तेज कर दी है।
चालक से पूछताछ में सामने आया हादसे का कारण
पुलिस ने दुर्घटना में शामिल बस के चालक से पूछताछ की। पूछताछ में चालक ने बताया कि बस के ब्रेक फेल नहीं हुए थे।
उसके अनुसार बस को खड़ा करते समय हैंडब्रेक नहीं लगाया गया था, जिसके कारण वाहन ढलान की ओर चल पड़ा। स्थिति संभालने की कोशिश में चालक से ब्रेक के स्थान पर एक्सीलेटर दब गया और बस अनियंत्रित होकर आगे बढ़ गई।
इस घटनाक्रम के आधार पर पुलिस हादसे को तकनीकी खराबी के बजाय चालक की गलती से जोड़कर जांच कर रही है।
बस में तोड़फोड़ के आरोप में तीन पर केस
हादसे के बाद मौके पर जुटी भीड़ में कुछ लोगों द्वारा बस में तोड़फोड़ किए जाने का मामला भी सामने आया। इस संबंध में एमजी रोड पुलिस ने सुपरवाइजर की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस ने अभिषेक ठाकुर, विजय यादव और पंकज को मामले में आरोपी बनाया है। इन पर भीड़ को उकसाने और बसों में तोड़फोड़ करने के आरोप लगाए गए हैं।
राजवाड़ा क्षेत्र में रिक्शों पर भी सवाल
राजवाड़ा पैलेस के सामने रिक्शों की पार्किंग को लेकर भी प्रशासन ने पहले दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद यहां अब भी कई रिक्शे खड़े दिखाई देते हैं, जिससे पैदल और वाहन यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी रहती है।
हादसे के बाद इस पूरे क्षेत्र में वाहनों की पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ने की संभावना है।
अब सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर फोकस
राजवाड़ा इंदौर का प्रमुख पर्यटन और व्यावसायिक क्षेत्र है, जहां दिनभर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने यातायात को सुचारू रखने के साथ सार्वजनिक परिवहन और पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती है।
हादसे के बाद सिटी बस संचालन, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन को लेकर लिए जाने वाले फैसलों पर अब नजर बनी हुई है।












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