इंदौर बिल्डर बंटी नागर आत्महत्या मामले में जांच तेज, मोबाइल डेटा खंगाल रही पुलिस; पार्टनरों से पूछताछ

इंदौर के बिल्डर बंटी नागर की आत्महत्या मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। दो मोबाइल जब्त कर डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और कारोबारी पार्टनरों से पूछताछ की जा रही है।

इंदौर। शहर के चर्चित बिल्डर बंटी नागर की मौत के मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। शुरुआती जांच में अभी तक आत्महत्या की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। पुलिस अब उनके मोबाइल फोन में मौजूद डिजिटल जानकारी, कारोबारी संबंधों और साझेदारी से जुड़े विवादों को खंगाल रही है।

जांच के अगले चरण में सोमवार को बंटी के कारोबारी पार्टनरों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मौत से पहले वे किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे और क्या किसी आर्थिक या कारोबारी दबाव का असर उनकी स्थिति पर पड़ा था।

मौत की वजह अब भी बनी हुई है पहेली

बंटी नागर ने अपने कार्यालय में फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, जिससे जांच और महत्वपूर्ण हो गई है।

परिवार से पूछताछ में भी ऐसा कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया, जिससे यह समझा जा सके कि वे किन परिस्थितियों से परेशान थे। पुलिस अब उनके निजी और व्यावसायिक संपर्कों से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर घटनाक्रम समझने का प्रयास कर रही है।

दो मोबाइल पुलिस के कब्जे में

जांच के दौरान पुलिस ने बंटी के दोनों मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन उपकरणों को जांच के लिए खंगाला जा रहा है।

पुलिस मोबाइल की तस्वीरों, संदेशों और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच करेगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि फोन में मौजूद कोई बातचीत या जानकारी उनकी मानसिक और आर्थिक स्थिति से जुड़े महत्वपूर्ण संकेत दे सकती है।

पार्टनरों से पूछताछ पर रहेगा फोकस

बंटी नागर के सांवेर रोड इलाके में कई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट चल रहे थे। इन परियोजनाओं में उनके साथ कई कारोबारी साझेदार भी जुड़े हुए थे।

पुलिस अब इन पार्टनरों से यह जानकारी जुटा रही है कि हाल के दिनों में किसी प्रोजेक्ट, पैसे के लेन-देन या साझेदारी को लेकर कोई विवाद चल रहा था या नहीं। जांच में एक महिला कारोबारी साझेदार के बारे में भी जानकारी सामने आई है।

आर्थिक दबाव की दिशा में जांच

पुलिस फिलहाल कारोबारी गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है। बताया गया है कि बंटी ने कुछ प्रोजेक्ट्स के लिए निजी स्तर पर भी पैसा जुटाया था।

इसी कारण पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उन पर किसी तरह का आर्थिक दबाव था या नहीं। कारोबार से जुड़े दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में लिए जा सकते हैं।

ब्लैकमेलिंग की आशंका भी जांच में शामिल

पुलिस आत्महत्या के पीछे संभावित ब्लैकमेलिंग के एंगल को भी नजरअंदाज नहीं कर रही है। मोबाइल में मौजूद बातचीत और डिजिटल सामग्री के आधार पर इस पहलू की जांच की जाएगी।

फिलहाल पुलिस ने किसी व्यक्ति पर इस संबंध में आरोप तय नहीं किया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत के पीछे कौन-सी परिस्थितियां जिम्मेदार थीं।

कार्यालय को किया गया सील

घटना के बाद पुलिस ने बंटी नागर के कार्यालय को सील कर दिया है। जरूरत पड़ने पर जांच टीम दोबारा वहां पहुंचकर दस्तावेज और अन्य सामग्री की पड़ताल कर सकती है।

पुलिस की प्राथमिकता अब घटनाक्रम से जुड़े सभी डिजिटल और कारोबारी साक्ष्यों को एक साथ रखकर मौत की वजह तक पहुंचना है।

जांच जारी, वजह सामने आना बाकी

पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंपा गया और सोमवार को अंतिम संस्कार किया जाना है। वहीं पुलिस अपनी जांच को अलग-अलग पहलुओं से आगे बढ़ा रही है।

मोबाइल रिकॉर्ड, कारोबारी साझेदारी, वित्तीय दबाव और व्यक्तिगत परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद ही बंटी नागर की मौत के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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