फर्जी IAS तृप्ति सिंह केस में नया मोड़, शिकायतकर्ता रोहित भी आरोपी; नौकरी का झांसा देने का आरोप
भोपाल। खुद को IAS अधिकारी बताकर नौकरी दिलाने और पैसे लेने के आरोपों से जुड़े तृप्ति सिंह मामले में जांच के दौरान एक और अहम मोड़ सामने आया है। पुलिस ने उस रोहित लिल्हारे को भी मामले में आरोपी बनाया है, जिसने सबसे पहले तृप्ति सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान रोहित और तृप्ति के बीच संपर्क, एक युवती से हुई बातचीत और बैंक लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड सामने आए। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने रोहित की भूमिका की भी जांच शुरू की और उसे केस में आरोपी बनाया।
नौकरी और जॉइनिंग को लेकर भरोसा दिलाने का आरोप
पुलिस का दावा है कि तृप्ति सिंह के कहने पर रोहित ने एक युवती से फोन पर बात की थी। बातचीत के दौरान उसे नौकरी मिलने और जॉइनिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ने का भरोसा दिलाया गया।
आरोप है कि रोहित ने युवती से कहा कि जरूरी जॉइनिंग और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और केवल मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी से सत्यापन बाकी है।
पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच के बाद इस बातचीत को मामले की जांच में महत्वपूर्ण माना है।
पुलिस खंगाल रही तृप्ति और रोहित के बीच संपर्क
रोहित के बयान दर्ज किए जाने के बाद पुलिस अब उसके और तृप्ति सिंह के बीच हुई बातचीत की प्रकृति की जांच कर रही है। इसके साथ ही संबंधित युवती से संपर्क और नौकरी दिलाने के दावों से जुड़ी गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे वीडियो भी मिलने की जानकारी है, जिन्हें तृप्ति ने विधानसभा परिसर में युवतियों के साथ रिकॉर्ड कर रोहित को भेजा था। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन वीडियो का इस्तेमाल नौकरी से जुड़े भरोसे को मजबूत करने के लिए किया गया था या नहीं।
40 लाख रुपये के लेन-देन की भी जांच
पुलिस के मुताबिक रोहित ने तृप्ति सिंह को करीब 40 लाख रुपये दिए थे। हालांकि इस रकम के लेन-देन का पूरा संदर्भ और दोनों के बीच आर्थिक संबंध अभी जांच के दायरे में हैं।
पुलिस बैंक खातों, ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की मदद से यह समझने की कोशिश कर रही है कि रकम का लेन-देन किस उद्देश्य से हुआ और मामले में इसकी क्या भूमिका है।
डेढ़ लाख रुपये लेने की शिकायत से खुली नई कड़ी
यह मामला उस शिकायत से जुड़ा है जिसमें ख्याति नाम की युवती ने आरोप लगाया था कि तृप्ति सिंह ने खुद को पर्यटन विभाग की अतिरिक्त संचालक बताते हुए उसे सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और इसके बदले करीब 1.50 लाख रुपये लिए।
इसी शिकायत की जांच के दौरान सामने आए मोबाइल नंबर और कॉल रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस की जांच रोहित तक पहुंची।
पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं तीन आरोपी
तृप्ति सिंह से जुड़े इस मामले में उसके भाई सुधांशु सिंह, प्रखर सिंह और ड्राइवर भूपेंद्र बैरागी को पहले ही आरोपी बनाया जा चुका है। पुलिस ने सितंबर के शुरुआती दिनों में तीनों को गिरफ्तार किया था।
इसके अलावा तृप्ति सिंह के खिलाफ अशोकनगर कोतवाली में भी अलग मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
अब पांच आरोपियों तक पहुंची जांच
रोहित को आरोपी बनाए जाने के बाद इस मामले में आरोपियों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। पुलिस फिलहाल कॉल डिटेल, मोबाइल रिकॉर्ड, बैंक खातों और आपसी संपर्कों के जरिए पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रत्येक आरोपी की भूमिका क्या रही और नौकरी दिलाने के नाम पर कथित लेन-देन का पूरा नेटवर्क किस तरह संचालित होता था।












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