गर्भवती गाय की हत्या के बाद दमोह में एक्शन तेज, अवैध मीट दुकान का निर्माण जेसीबी से ढहाया

दमोह में अवैध मीट दुकान पर जेसीबी कार्रवाई, निर्माण ढहाया

दमोह, मध्य प्रदेश। दमोह में गोवंश के अवशेष मिलने और गर्भवती गाय की हत्या के मामले के बाद प्रशासन ने अवैध मीट दुकानों और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। रविवार को पुलिस, नगर पालिका और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में मांस, मछली और अंडे की दुकानों की जांच की। इस दौरान किल्लाई नाका क्षेत्र में अतिक्रमण कर संचालित की जा रही एक मीट दुकान के अवैध निर्माण को नगर पालिका की टीम ने जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया।

प्रशासन की कार्रवाई उस समय हुई है जब शनिवार को नूरी नगर-सिताबावरी क्षेत्र में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद शहर में तनाव की स्थिति बनी थी। घटना के विरोध में हिंदू संगठनों और गौसेवकों ने प्रदर्शन किया था। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण और बिना अनुमति संचालित हो रही दुकानों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था।

किल्लाई नाका में मीट दुकान पर पहुंची संयुक्त टीम

रविवार को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर पुलिस, नगर पालिका और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने किल्लाई नाका सहित शहर के कई हिस्सों में निरीक्षण किया। टीम जब किल्लाई नाका स्थित मीट दुकान पर पहुंची तो वहां अतिक्रमण कर बनाए गए निर्माण को लेकर कार्रवाई शुरू की गई।

मौके पर मौजूद दुकानदार और परिवार की एक महिला ने अधिकारियों से कुछ समय देने की मांग की। उन्होंने प्रशासन से कहा कि उन्हें समय दिया जाए तो वे स्वयं अतिक्रमण हटा देंगे। हालांकि, प्रशासनिक टीम ने मौके पर कार्रवाई जारी रखी और नगर पालिका के अमले की मदद से चिन्हित अवैध निर्माण को जेसीबी से हटा दिया गया।

कार्रवाई के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी की।

अंडा, मांस और मछली की दुकानों की भी जांच

अवैध निर्माण हटाने के साथ-साथ प्रशासन ने क्षेत्र में संचालित अन्य अंडा, मांस और मछली की दुकानों की भी जांच की। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी माधवी बुधौलिया के नेतृत्व में खाद्य विभाग की टीम ने दुकानदारों से खाद्य लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे।

अधिकारियों ने दुकानों में खाद्य पदार्थों की बिक्री, लाइसेंस और निर्धारित नियमों के पालन से जुड़ी जानकारी भी जांची। जिन दुकानों पर जरूरी दस्तावेज या वैध लाइसेंस नहीं मिले, वहां कार्रवाई करते हुए दुकानों को बंद कराया गया।

प्रशासन ने दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना वैध लाइसेंस के मांस की बिक्री नहीं की जाए। साथ ही नगर पालिका द्वारा निर्धारित स्थान पर ही दुकान संचालित करने को कहा गया। सड़क किनारे या बिना अनुमति के दुकान लगाने वालों को भी चेतावनी दी गई।

नूरी नगर से कसाई मंडी तक चला निरीक्षण अभियान

संयुक्त टीम ने केवल किल्लाई नाका तक सीमित कार्रवाई नहीं की। पुलिस और प्रशासन की टीम नूरी नगर, कसाई मंडी, गढ़ी मोहल्ला और चमन तिगड्डा सहित कई क्षेत्रों में पहुंची। यहां संचालित चिकन और मटन की दुकानों की जांच की गई।

दुकानदारों से लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया। प्रशासन ने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि मांस की दुकान संचालित करने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। इसके अलावा दुकान का स्थान, खाद्य सुरक्षा से जुड़े मानक और नगर पालिका की अनुमति जैसे पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

शनिवार के प्रदर्शन के बाद तेज हुई कार्रवाई

दमोह में कार्रवाई की पृष्ठभूमि शनिवार को सामने आए गोवंश के अवशेष मिलने के मामले से जुड़ी है। नूरी नगर-सिताबावरी क्षेत्र में गोवंश के अवशेष मिलने की सूचना के बाद गौसेवक और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे थे।

घटना के विरोध में घंटाघर क्षेत्र में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ अवैध मीट दुकानों और अतिक्रमण पर कार्रवाई की मांग प्रशासन के सामने रखी थी। व्यापारी महासंघ के समर्थन के बाद आसपास के बाजार में भी कई प्रतिष्ठान बंद रहे।

बढ़ते विरोध के बीच प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद रविवार को संयुक्त प्रशासनिक टीम ने अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान शुरू किया।

गोवंश मामले में चार लोगों पर एफआईआर, दो गिरफ्तार

गोवंश से जुड़े मामले में पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, इनमें से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य दो आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास भी किया जा रहा है कि घटना में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सागर रेंज के डीआईजी शशिंद्र सिंह चौहान ने भी दमोह पहुंचकर घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। अधिकारियों को आरोपियों की गिरफ्तारी और चिन्हित अतिक्रमणों के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।

लापरवाही के आरोप में दो चौकी प्रभारी निलंबित

मामले में पुलिस स्तर पर भी कार्रवाई की गई है। कसाई मंडी चौकी प्रभारी राकेश पाठक और बृजलाल पटेल को लापरवाही के आरोप में निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

प्रशासन की ओर से लगातार कार्रवाई के बाद अवैध रूप से संचालित दुकानदारों में भी हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि खाद्य सुरक्षा नियमों, नगर पालिका के मानकों और वैध लाइसेंस संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

प्रशासन की कार्रवाई से क्या संदेश?

दमोह में हुई कार्रवाई का मुख्य फोकस दो स्तरों पर दिखाई दे रहा है। एक ओर गोवंश से जुड़ी घटना में पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण और बिना अनुमति या आवश्यक दस्तावेजों के संचालित हो रही मीट दुकानों की जांच शुरू की है।

हालांकि, किसी दुकान पर अतिक्रमण या लाइसेंस संबंधी कार्रवाई को गोवंश हत्या के मामले से सीधे जोड़कर देखना उचित नहीं होगा, जब तक जांच में दोनों के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध सामने न आए। प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई मुख्य रूप से अतिक्रमण, लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से संबंधित बताई गई है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई जारी है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ-साथ अन्य दुकानों और अतिक्रमणों पर भी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

कार्रवाई के दौरान मौजूद अधिकारी: सीएसपी एचआर पांडे, तहसीलदार रॉबिन जैन, कोतवाली टीआई मनीष कुमार, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी माधवी बुधौलिया और नगर पालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह सहित पुलिस, प्रशासन और नगर पालिका का अमला मौके पर मौजूद रहा।

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