MP Weather Alert: मध्यप्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, मऊगंज-सीधी-सिंगरौली में ऑरेंज अलर्ट

MP Weather Alert: 12 जिलों में भारी बारिश, 3 में ऑरेंज अलर्ट
भोपाल। मध्यप्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार 29 अक्टूबर 2026 को 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट बताया गया है।
बारिश के इस दौर का असर विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के कई इलाकों में देखने को मिल सकता है। भोपाल और ग्वालियर समेत प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी बादल छाने, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
इन 12 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी मध्यप्रदेश के इन जिलों में बारिश को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है:
- अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: मऊगंज, सीधी और सिंगरौली।
- भारी बारिश की चेतावनी: रीवा, सतना, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट।
कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने से स्थानीय स्तर पर जलभराव और आवागमन में परेशानी हो सकती है। मौसम की स्थिति जिले और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग रह सकती है।
भोपाल-ग्वालियर समेत कई शहरों में भी बदलेगा मौसम
प्रदेश के मध्य और उत्तरी हिस्सों में भी बादल छाने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा सहित कई जिलों में मौसम बदल सकता है।
ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड और श्योपुर में भी हल्की बारिश, तेज हवा और गरज-चमक का असर रहने का अनुमान है। जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, सागर और आसपास के क्षेत्रों में भी बादल और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
इसके विपरीत, उज्जैन, इंदौर, रतलाम, मंदसौर, नीमच और पश्चिमी मध्यप्रदेश के कुछ अन्य जिलों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने का अनुमान जताया गया है।
अक्टूबर में मानसून की विदाई के बाद भी क्यों हो रही बारिश?
मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी अलग-अलग मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से बारिश का सिलसिला जारी है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम और अन्य मौसमी परिस्थितियों के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाने और बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
बीते दिनों सतना, कटनी, छतरपुर और अनूपपुर समेत कई क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश दर्ज की गई। मौसम में बदलाव के कारण दिन के तापमान में गिरावट और रात में ठंडक बढ़ने का असर भी देखने को मिल रहा है।
किसानों की बढ़ सकती है चिंता
अक्टूबर के इस दौर में बारिश का असर खेतों में तैयार फसलों पर भी पड़ सकता है। खासकर जिन क्षेत्रों में धान की कटाई या अन्य फसलों की तैयारी चल रही है, वहां बारिश की मात्रा और अवधि महत्वपूर्ण होगी। तेज बारिश से खेतों में पानी भरने और कटाई के काम में देरी की आशंका रह सकती है।
किसानों को सलाह है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और फसल की कटाई, सुखाने तथा भंडारण की योजना उसी के अनुसार बनाएं।
करवा चौथ पर चंद्र दर्शन को लेकर भी रहेगी नजर
29 अक्टूबर को करवा चौथ के अवसर पर कई शहरों में बादल छाए रहने की संभावना के कारण चंद्र दर्शन को लेकर भी उत्सुकता बनी रहेगी। हालांकि, रात में चांद दिखाई देगा या नहीं, यह संबंधित शहर में उस समय के स्थानीय मौसम पर निर्भर करेगा। बादल छाए रहने की स्थिति में चंद्र दर्शन में देरी हो सकती है।
मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए लोगों को जिलेवार पूर्वानुमान और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों तथा बिजली के खंभों के पास रुकने से बचना चाहिए।




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