सागर BMC में चार बुजुर्गों की आंखों में लौटी रोशनी, तीन नेत्रदान से हुआ कॉर्निया ट्रांसप्लांट
सागर। मध्य प्रदेश के सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में नेत्र रोग विभाग और आई बैंक की टीम ने कॉर्निया प्रत्यारोपण के जरिए चार बुजुर्ग मरीजों की दृष्टि बहाल करने में सफलता हासिल की है। पिछले करीब 15 दिनों में हुए तीन मरणोपरांत नेत्रदान से कुल छह कॉर्निया प्राप्त हुए थे, जिनमें से चार को प्रत्यारोपण के लिए उपयुक्त पाया गया।
चार मरीजों की आंखों की रोशनी हुई बहाल
बीएमसी के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने चार मरीजों के कॉर्निया ट्रांसप्लांट किए। ये सभी मरीज सागर शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हैं तथा किसान और मजदूर परिवारों से जुड़े बताए गए हैं।
इन मरीजों में 73 वर्षीय एक व्यक्ति की आंख फंगल संक्रमण के कारण खराब हो गई थी। वहीं 70 वर्षीय महिला की आंख चोट लगने के बाद प्रभावित हुई थी। एक अन्य 70 वर्षीय मरीज लंबे समय से कॉर्निया में सफेदी के कारण देखने में असमर्थ थे। 71 वर्षीय मरीज की आंख में मोतियाबिंद की सर्जरी के बाद कॉर्निया में परेशानी उत्पन्न हो गई थी, जिससे उनकी दृष्टि प्रभावित हुई थी।
तीन लोगों के नेत्रदान से मिली मदद
बीएमसी के अनुसार तीन दानदाताओं के मरणोपरांत नेत्रदान से छह कॉर्निया प्राप्त हुए थे। चिकित्सकीय जांच के बाद चार कॉर्निया प्रत्यारोपण के लिए उपयुक्त पाए गए और उन्हें जरूरतमंद मरीजों में इस्तेमाल किया गया। शेष दो कॉर्निया निर्धारित प्रत्यारोपण मानकों के अनुरूप नहीं थीं।
इन दोनों का उपयोग मेडिकल कॉलेज के पीजी चिकित्सकों द्वारा शोध और चिकित्सा अध्ययन के लिए किया जाएगा।
BMC में कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा निःशुल्क
बीएमसी प्रशासन के अनुसार अस्पताल में कॉर्निया प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध है और मरीजों के लिए यह प्रक्रिया निःशुल्क की जाती है। अस्पताल प्रशासन ने नेत्रदान को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए आगे आने की अपील की है।
डॉक्टरों और स्टाफ की टीम ने किया सहयोग
कॉर्निया प्रत्यारोपण की पूरी प्रक्रिया में नेत्र रोग विभाग, आई बैंक, पीजी डॉक्टरों, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम ने सहयोग किया। आई बैंक की टीम ने नेत्रदान से लेकर कॉर्निया को सुरक्षित रखने और प्रत्यारोपण तक की प्रक्रिया में समन्वय किया।
नेत्रदान से किसी की जिंदगी में लौट सकती है रोशनी
सागर BMC में हुए इन सफल प्रत्यारोपणों ने एक बार फिर नेत्रदान की उपयोगिता को सामने रखा है। किसी व्यक्ति के निधन के बाद किया गया नेत्रदान जरूरतमंद मरीज की दृष्टि बहाल करने में मदद कर सकता है। अस्पताल प्रशासन ने समाज से नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की है।
नोट: मरीजों की पहचान से संबंधित नाम उपलब्ध रिपोर्ट में परिवर्तित नामों के रूप में दिए गए हैं। स्वास्थ्य संबंधी परिणाम मरीज की चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।












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