मध्यप्रदेश में पतंजलि गाय के घी का एक बैच असुरक्षित, बाजार से वापस मंगाने के आदेश; दुकानों पर मिला तो होगी जब्ती

पतंजलि गाय के घी का एक बैच असुरक्षित, बाजार से वापस मंगाने के आदेश

भोपाल। मध्यप्रदेश में पतंजलि गाय के घी के एक बैच को खाद्य प्रयोगशाला की जांच में असुरक्षित पाए जाने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने बाजार से वापस मंगाने के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने संबंधित उत्पाद की बिक्री, वितरण और आपूर्ति रोकने के निर्देश दिए हैं। दुकानों, थोक विक्रेताओं या वितरकों के पास यह बैच मिलने पर उसे जब्त किया जा सकता है। निर्माता और विक्रेता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है। citeturn371192search2turn371192search3

यह मामला छिंदवाड़ा जिले के तामिया क्षेत्र से लिए गए घी के नमूने की जांच से जुड़ा है। जांच रिपोर्ट में उत्पाद को असुरक्षित बताए जाने के बाद विभाग ने संबंधित बैच का स्टॉक बाजार से हटाने की प्रक्रिया शुरू की है। वहीं, भोपाल में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने पतंजलि घी और मैगी के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। इन नमूनों की रिपोर्ट आना बाकी है।

किस बैच के घी को लेकर जारी हुआ आदेश?

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आदेश में पतंजलि गाय के घी के 200 मिलीलीटर पैक का उल्लेख है। संबंधित उत्पाद का बैच नंबर FAWB260017 है और इसका निर्माण अप्रैल 2026 में हुआ था।

विभाग ने 8 अक्टूबर 2026 को इस बैच को बाजार से वापस मंगाने के निर्देश जारी किए। आदेश के तहत मध्यप्रदेश सहित देशभर के खाद्य प्रतिष्ठानों में उपलब्ध संबंधित बैच के स्टॉक को वापस लेने की कार्रवाई की जानी है। citeturn371192news1turn371192search2

उपभोक्ताओं के लिए बैच नंबर और पैक पर दर्ज निर्माण तिथि की जांच करना महत्वपूर्ण है। यह आदेश संबंधित बैच के लिए है; इसे पतंजलि के सभी उत्पादों या घी के सभी बैचों पर लागू मानना सही नहीं होगा।

छिंदवाड़ा के तामिया में लिया गया था नमूना

इस मामले की शुरुआत छिंदवाड़ा जिले के तामिया क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग की नमूना जांच से हुई। रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने 10 अगस्त 2026 को देलाखारी स्थित अनिल किराना दुकान से पतंजलि गाय के घी का 200 मिलीलीटर पैक नमूने के तौर पर लिया था।

यह नमूना बैच नंबर FAWB260017 का था। इसकी जांच भोपाल की कैलि लैब प्राइवेट लिमिटेड में कराई गई। 21 सितंबर 2026 को जारी रिपोर्ट में नमूने को असुरक्षित बताया गया। इसके बाद संबंधित बैच के स्टॉक को बाजार से वापस लेने की कार्रवाई शुरू की गई। citeturn371192search2turn371192search6

खाद्य पदार्थों की नमूना जांच का उद्देश्य बाजार में बिकने वाले उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा की निगरानी करना है। जब किसी उत्पाद को जांच में असुरक्षित पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों को उपभोक्ताओं तक उसकी बिक्री रोकने और उपलब्ध स्टॉक को हटाने के लिए कदम उठाने पड़ते हैं।

बाजार, वितरकों और दुकानों से वापस लिया जाएगा स्टॉक

खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित बैच की बिक्री, वितरण और आपूर्ति रोकने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत बाजार में उपलब्ध उत्पादों की पहचान कर उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

निर्देशों के अनुसार, वितरकों, थोक विक्रेताओं और खुदरा दुकानों के पास उपलब्ध संबंधित बैच के स्टॉक को बिक्री से हटाना होगा। वापस लिए गए उत्पाद को अन्य खाद्य सामग्री से अलग रखने और उस पर स्पष्ट रूप से बिक्री के लिए अनुपलब्ध होने का निशान लगाने संबंधी निर्देश भी रिपोर्ट में बताए गए हैं।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार से वापस लिया गया उत्पाद दोबारा सामान्य बिक्री में न पहुंच जाए। संबंधित बैच को फिर से बाजार में भेजने की अनुमति सक्षम अधिकारी की मंजूरी के बिना नहीं होगी। citeturn371192search2

दुकानों पर मिला तो होगी जब्ती और कानूनी कार्रवाई

खाद्य विभाग ने खाद्य प्रतिष्ठानों को संबंधित बैच की बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए हैं। यदि प्रतिबंधित बैच का घी किसी दुकान या अन्य प्रतिष्ठान पर बिक्री के लिए उपलब्ध मिलता है, तो उसे जब्त किया जा सकता है।

इसके साथ ही निर्माता और विक्रेता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत सक्षम न्यायालय में मामला दर्ज करने की कार्रवाई की जा सकती है। आगे की कार्रवाई संबंधित जांच और विभागीय प्रक्रिया के अनुसार होगी। citeturn371192search3turn371192search6

यह कार्रवाई खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। दुकानदारों और वितरकों को अपने स्टॉक में बैच नंबर की जांच कर संबंधित उत्पाद को अलग रखने और विभागीय निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।

भोपाल में घी और मैगी के चार नमूने लिए गए

इस मामले के सामने आने के बाद भोपाल में भी खाद्य पदार्थों की जांच की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग ने अलग-अलग दुकानों से पतंजलि घी के दो और मैगी के दो नमूने लिए हैं। कुल चार नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। citeturn371192news1

लालघाटी के न्यापुरा स्थित अग्रवाल सुपर मार्केट और बैरागढ़ के साईं सुपर मार्केट से पतंजलि घी के नमूने लिए गए। वहीं, अशोका गार्डन स्थित अरिहंत प्रोविजन स्टोर और मयंक प्रोविजन से मैगी के नमूने संकलित किए गए।

इन चारों नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी लंबित है। इसलिए इन दुकानों से लिए गए घी या मैगी के नमूनों को असुरक्षित घोषित नहीं किया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही उनकी गुणवत्ता के बारे में निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।

उपभोक्ता पैक पर बैच नंबर की जांच करें

खाद्य सुरक्षा से जुड़ी इस कार्रवाई के बीच उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे घर में रखे संबंधित उत्पाद के पैक पर बैच नंबर और निर्माण तिथि देखें। यदि पैक पर बैच नंबर FAWB260017 दर्ज है, तो उसका उपयोग करने के बजाय विक्रेता या संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग से आगे की प्रक्रिया की जानकारी लें।

दुकानदारों और वितरकों को भी संबंधित बैच की बिक्री और आपूर्ति रोककर विभागीय निर्देशों का पालन करना चाहिए। खाद्य सुरक्षा विभाग की आगे की जांच और कार्रवाई से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि असुरक्षित घोषित बैच बाजार में उपलब्ध न रहे।

फिलहाल आदेश इसी विशेष बैच से संबंधित है। अन्य बैचों या दूसरे उत्पादों के बारे में कोई निष्कर्ष उनकी अलग-अलग जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

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