MP Weather: दिन में गर्मी, रात में ठंड; 20 अक्टूबर से बदलेगा मौसम
मध्य प्रदेश मौसम समाचार: मध्य प्रदेश में अक्टूबर के दौरान मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी महसूस हो रही है, जबकि रात के तापमान में गिरावट से ठंडक बढ़ने लगी है। इंदौर में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम के मौजूदा रुझान के अनुसार, 20 अक्टूबर के बाद रातें और ठंडी हो सकती हैं।
इंदौर में रात का तापमान 15.8 डिग्री तक पहुंचा
प्रदेश के कई शहरों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इंदौर में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं शाजापुर में 16.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 16.9 डिग्री, पचमढ़ी में 17.5 डिग्री और भोपाल में 17.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
दूसरी ओर, दिन के समय गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। ग्वालियर और नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। ऐसे में लोगों को सुबह और रात में हल्की ठंडक, जबकि दोपहर में गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ जिलों में बूंदाबांदी, कई जगह छाए रहे बादल
रविवार को ग्वालियर-चंबल और रीवा संभाग के कुछ हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज और सतना सहित कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश या बादल छाए रहने की स्थिति बनी।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, एक मौसमी चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव कम होने के बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कुछ दिनों तक सीमित रह सकती हैं। हालांकि, उत्तर भारत में सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी प्रणालियों के कारण आगे मौसम में बदलाव की संभावना बनी रहेगी।
मानसून की विदाई के बाद भी क्यों बदल रहा मौसम?
मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो चुकी थी। इसके बावजूद अक्टूबर में अलग-अलग मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में बारिश देखने को मिली। इस महीने दिन में गर्मी, रात में ठंडक और कहीं-कहीं बारिश जैसी स्थितियां बन सकती हैं।
फिलहाल मौसम का रुख संकेत दे रहा है कि अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। हालांकि, दिन के समय तेज धूप और गर्मी से तुरंत राहत मिलने की संभावना कम बताई गई है।
मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश
इस साल जून से सितंबर के बीच मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य वर्षा का आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर था। इस तरह पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।
पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में वर्षा सामान्य से लगभग 12 प्रतिशत कम रही। जून में बारिश की कमी और मानसून के बीच-बीच में कमजोर पड़ने का असर पूरे सीजन के आंकड़ों पर पड़ा।
आगे कैसा रहेगा मध्य प्रदेश का मौसम?
मौसम के मौजूदा अनुमान के मुताबिक, 20 अक्टूबर से रात की ठंडक बढ़ सकती है, जबकि दिन में गर्मी का असर बना रह सकता है। मौसम की स्थिति में आगे होने वाले बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और दूसरी मौसमी प्रणालियों की सक्रियता पर निर्भर करेंगे।
नोट: मौसम संबंधी पूर्वानुमान बदल सकते हैं। ताजा जानकारी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आधिकारिक अपडेट देखते रहें।












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