Bhopal News: CGST अधिकारी गिरफ्तार, ₹72.50 लाख नकद बरामद
Bhopal News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के एक मामले में CGST के सुपरिटेंडेंट राजेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। उन पर एक कबाड़ कारोबारी से हर महीने ₹2 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप है। सीबीआई ने उन्हें कथित तौर पर रिश्वत की रकम लेते हुए गिरफ्तार किया। इसके बाद भोपाल और कानपुर स्थित उनके आवासों पर तलाशी ली गई, जहां से ₹72.50 लाख नकद और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है।
कबाड़ कारोबारी से हर महीने रिश्वत मांगने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, शिकायत एक कबाड़ कारोबारी की ओर से दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि अधिकारी ने कारोबारी से कहा था कि यदि उसके माल से लदे वाहनों को रास्ते में नहीं रोका जाए और कारोबार में बाधा न डाली जाए, तो इसके बदले हर महीने ₹2 लाख देने होंगे।
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच की और कथित रिश्वत लेन-देन की पुष्टि के लिए जाल बिछाया। इसी कार्रवाई के दौरान अधिकारी को ₹2 लाख लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
वाहन रोकने और गोदाम पर कार्रवाई का भी मामला
शिकायत के मुताबिक, 15 सितंबर 2026 को इंदौर से भोपाल आ रहे कबाड़ से लदे एक वाहन को ई-वे बिल से जुड़ी आपत्ति के आधार पर रोका गया था। इसके बाद उसी रात मंडीदीप स्थित कारोबारी के गोदाम पर भी कार्रवाई की गई।
कारोबारी ने आरोप लगाया कि इस घटनाक्रम के बाद उस पर आर्थिक दबाव बनाया गया और कारोबार में बाधा नहीं आने देने के बदले नियमित रूप से रकम मांगी गई। इन आरोपों की पुष्टि और उनसे जुड़े तथ्यों की जांच सीबीआई कर रही है।
भोपाल और कानपुर में तलाशी, ₹72.50 लाख नकद बरामद
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीमों ने अधिकारी के भोपाल और कानपुर स्थित आवासों की तलाशी ली। इस दौरान कुल ₹72 लाख 50 हजार नकद मिलने की जानकारी दी गई है। इसके अतिरिक्त अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए।
जांच एजेंसी अब बरामद रकम के स्रोत और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। यह जांच का विषय है कि संबंधित संपत्तियों और नकदी का स्रोत क्या है तथा उनका अधिकारी की ज्ञात आय से कोई संबंध है या नहीं।
सीबीआई की जांच जारी
इस मामले में सीबीआई रिश्वत की कथित मांग, रकम के लेन-देन और बरामद दस्तावेजों की जांच कर रही है। एजेंसी अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल कर सकती है।
फिलहाल मामले में सामने आए आरोपों और बरामदगी के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। आरोपी अधिकारी के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगा।












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