बेंगलुरु में MP को ₹1,200 करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव, ग्वालियर TMZ का फेज-2 जल्द
भोपाल। मध्य प्रदेश में निवेश लाने के प्रयासों के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को बेंगलुरु में उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ बैठक की। इस दौरान राज्य को ₹1,200 करोड़ से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी सामने आई। मुख्यमंत्री के अनुसार इन प्रस्तावों से करीब 20 हजार रोजगार के अवसर तैयार होने की संभावना है। बैठक में ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) को लेकर भी विशेष चर्चा हुई।
ग्वालियर TMZ में बढ़ी निवेशकों की रुचि
ग्वालियर में विकसित किए जा रहे Telecom Manufacturing Zone में पहले से करीब ₹5,000 करोड़ के निवेश की जानकारी दी गई है। नए प्रस्तावों के बाद पहले चरण में उपलब्ध जमीन के लगभग भर जाने की बात कही गई है।
निवेश की बढ़ती मांग को देखते हुए अब परियोजना के दूसरे चरण की तैयारी शुरू करने की योजना बताई गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार अगले एक से दो महीने में फेज-2 पर काम शुरू किया जा सकता है।
टेलीकॉम के अलावा कई सेक्टरों पर चर्चा
बेंगलुरु में हुई बैठकों का दायरा केवल टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं रहा। चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, डेटा सेंटर, स्पेसटेक, डीपटेक और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर भी बातचीत हुई।
रिपोर्ट के अनुसार GCC सेक्टर में एक कंपनी ने करीब ₹210 करोड़ के निवेश से यूनिट स्थापित करने की संभावना पर चर्चा की। सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइन से जुड़े दो प्रस्तावों में ₹100-₹100 करोड़ के निवेश की बात सामने आई।
स्टार्टअप्स और डीपटेक में भी निवेश की संभावना
डीपटेक क्षेत्र में एक वेंचर कैपिटल फंड ने मध्य प्रदेश के स्टार्टअप्स के लिए करीब ₹200 करोड़ की फंडिंग उपलब्ध कराने की योजना पर चर्चा की।
इसके अलावा डेटा सेंटर और स्पेसटेक से जुड़े निवेश प्रस्तावों को लेकर भी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार के साथ बातचीत की। ड्रोन निर्माण और परीक्षण के लिए इकोसिस्टम विकसित करने पर भी चर्चा हुई।
ग्वालियर TMZ में सात प्रमुख वर्टिकल
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अनुसार ग्वालियर के TMZ में टेलीकॉम क्षेत्र के सात प्रमुख वर्टिकल्स को एक साथ विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। परियोजना में करीब ₹500 करोड़ की साझा टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन लैब तैयार करने की योजना भी बताई गई है।
केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार की हिस्सेदारी वाली SPV के माध्यम से निवेशकों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए 48 घंटे की व्यवस्था की बात भी बैठक में कही गई।
बड़े शहरों से आगे छोटे शहरों पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक निवेश को केवल इंदौर, भोपाल और उज्जैन जैसे बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय ग्वालियर, जबलपुर और छोटे शहरों में भी उद्योग और MSME इकाइयों को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और छोटे उद्योगों के लिए नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
पहले चरण के TMZ में 24 कंपनियों ने दिखाई रुचि
इससे पहले केंद्र सरकार की जानकारी के अनुसार ग्वालियर TMZ के पहले चरण के लिए 24 कंपनियों ने आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। करीब 170 एकड़ जमीन पहले चरण के लिए चिन्हित की गई है और कुल प्रस्तावित निवेश लगभग ₹5,500 करोड़ बताया गया था। सरकार ने इससे 18,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार की संभावना जताई थी।
अब बेंगलुरु बैठकों से सामने आए नए प्रस्तावों के बाद ग्वालियर TMZ के अगले चरण को लेकर गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
नोट: ₹1,200 करोड़ से अधिक निवेश और करीब 20 हजार रोजगार के आंकड़े बैठक में बताए गए निवेश प्रस्तावों/अनुमानों पर आधारित हैं। वास्तविक निवेश और रोजगार परियोजनाओं के क्रियान्वयन के साथ स्पष्ट होंगे।












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