Indore News: एलिवेटेड ब्रिज का काम शुरू, हाईकोर्ट में याचिका निराकृत होने के बाद पलासिया में खुदाई तेज

Indore Elevated Bridge: पलासिया में निर्माण कार्य शुरू
इंदौर: शहर के बहुप्रतीक्षित एलिवेटेड ब्रिज के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट में परियोजना को लेकर दायर याचिका निराकृत होने के बाद पलासिया क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। यहां बड़ी मशीनों की मदद से खुदाई की जा रही है। लोक निर्माण विभाग इस परियोजना पर 400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रहा है। निर्माण कार्य करीब दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
7.4 किलोमीटर लंबा होगा एलिवेटेड ब्रिज
प्रस्तावित एलिवेटेड ब्रिज की कुल लंबाई लगभग 7.4 किलोमीटर होगी। इसकी तीन भुजाएं बनाई जाएंगी। पहली भुजा ग्रेटर कैलाश अस्पताल की ओर, दूसरी गीताभवन चौराहे से मधुमिलन चौराहे की दिशा में और तीसरी व्हाइट चर्च रोड से पिपल्याहाना की ओर जाएगी।
यह ब्रिज फोरलेन होगा, जबकि इसकी तीनों भुजाएं दो-दो लेन की रहेंगी। ब्रिज की चौड़ाई लगभग 15.5 मीटर होगी और इस पर फुटपाथ का प्रावधान नहीं है। परियोजना पूरी होने के बाद एलआईजी क्षेत्र से भंवरकुआं और राजीव गांधी चौराहे की ओर जाने वाले वाहन चालकों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
बीआरटीएस कॉरिडोर हटाकर बनाई जा रही परियोजना
एलिवेटेड ब्रिज के निर्माण के लिए करीब 15 साल पहले बनाए गए बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाया गया था। उस कॉरिडोर के निर्माण पर लगभग 250 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। अब उसी मार्ग पर नई एलिवेटेड सड़क बनाने के लिए 400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा रही है।
परियोजना की उपयोगिता को लेकर पहले सवाल उठाए गए थे। ट्रैफिक सर्वे के आधार पर इसकी जरूरत और प्रस्तावित मार्ग को लेकर आपत्ति जताते हुए अतुल शेठ ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मामले में करीब आठ महीने तक सुनवाई चली। अब याचिका निराकृत होने के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ने लगा है।
सिंहस्थ कुंभ से पहले पूरा करने का लक्ष्य
नासिक नहीं, बल्कि उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान इस मार्ग का महत्व बढ़ने की उम्मीद है। योजना के अनुसार, ब्रिज को सिंहस्थ से पहले तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे उज्जैन से इंदौर होते हुए ओंकारेश्वर जाने वाले वाहनों को आवागमन में मदद मिल सकती है।
निर्माण पूरा होने के बाद शहर के व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने और प्रमुख चौराहों के बीच आवाजाही आसान बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है। हालांकि, परियोजना का वास्तविक प्रभाव यातायात के संचालन और निर्माण पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
ट्रैफिक व्यवस्था पर भी रहेगी नजर
पलासिया और आसपास के क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियां बढ़ने के साथ यातायात प्रबंधन भी महत्वपूर्ण रहेगा। निर्माण के दौरान वाहन चालकों को संभावित बदलावों और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार लेनी चाहिए।
एलिवेटेड ब्रिज का काम शुरू होने से लंबे समय से प्रतीक्षित परियोजना आगे बढ़ी है। अब इसकी समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ निर्माण पूरा करना संबंधित विभागों के लिए अहम रहेगा।




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