बाणसागर डैम में 100% जलभराव, 12 गेट खोले गए; सोन नदी में छोड़ा गया भारी पानी

बाणसागर डैम में 100% जलभराव, 12 गेट खोले गए; सोन नदी में छोड़ा गया भारी पानी

शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर बाणसागर बांध पर साफ दिखाई देने लगा है। बांध अपने पूर्ण जलभराव स्तर तक पहुंच गया है। पानी की लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए शनिवार दोपहर बांध के 18 में से 12 गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू की गई।

करीब छह साल बाद यह पहला मौका बताया जा रहा है, जब बाणसागर के एक साथ 12 गेट खोले गए हैं। पानी छोड़े जाने के बाद सोन नदी का प्रवाह भी बढ़ गया है। प्रशासन ने नदी और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

341.64 मीटर पर पहुंचा बांध का जलस्तर

26 सितंबर को दोपहर 12 बजे बाणसागर बांध का जलस्तर 341.64 मीटर दर्ज किया गया। यह बांध के निर्धारित पूर्ण जलभराव स्तर के बराबर है। इस समय बांध में लगभग 5429.60 MCM पानी जमा था और जलभराव 100 प्रतिशत दर्ज किया गया।

कैचमेंट क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण बांध में पानी की आवक भी तेज बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक करीब 7525.73 क्यूमेक्स पानी प्रति सेकंड बांध की ओर पहुंच रहा था।

तीन-तीन मीटर खोले गए 12 गेट

बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के 12 रेडियल गेट खोले गए। इनमें गेट नंबर 4 से 15 तक के 12 गेट शामिल हैं और सभी को करीब तीन-तीन मीटर तक उठाया गया है।

स्पिलवे के जरिए करीब 7243 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा पावर हाउस, हेड रेगुलेटर, आरबीसी और भितरी सिस्टम के जरिए भी पानी की निकासी हो रही है।

छह साल बाद दिखा ऐसा नजारा

बाणसागर डैम से एक साथ 12 गेट खोले जाने की स्थिति लंबे अंतराल के बाद बनी है। बांध प्रबंधन के सामने अब लगातार बढ़ती आवक के बीच जलस्तर को नियंत्रित रखने की जिम्मेदारी है।

बारिश का दौर जारी रहने की वजह से आने वाले समय में पानी की निकासी और जलस्तर पर लगातार नजर रखना जरूरी हो गया है।

शहडोल में एक दिन में 35.4 मिमी बारिश

जिले में 26 सितंबर को औसतन 35.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सोहागपुर में सबसे अधिक 53 मिमी, बुढ़ार में 49 मिमी और गोहपारू में 37 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। जैतपुर और चनौढ़ी में 31-31 मिमी, जयसिंहनगर में 27 मिमी और ब्यौहारी में 20 मिमी बारिश हुई।

अब तक जिले में कुल औसत बारिश 1205 मिमी पहुंच गई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि तक 1101.7 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।

नदी-नालों में बढ़ा पानी, निचले इलाकों में जलभराव

लगातार बारिश के कारण शहडोल जिले के नदी-नालों में पानी का स्तर बढ़ रहा है। कुछ निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी सामने आई है।

प्रशासन ने लोगों से सोन नदी और अन्य जलस्रोतों के नजदीक जाने से बचने की अपील की है। खासकर गणेश विसर्जन के दौरान लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बांध और नदी पर प्रशासन की नजर

बाणसागर प्रबंधन लगातार जलस्तर और पानी की आवक पर निगरानी बनाए हुए है। अधिकारियों के लिए फिलहाल प्राथमिकता अतिरिक्त पानी को नियंत्रित तरीके से बाहर निकालना और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है।

बारिश की स्थिति को देखते हुए आगे गेटों के संचालन और पानी की निकासी में बदलाव किया जा सकता है।

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