Budhni News: आदिवासियों के घर टूटने पर नाराज हुए शिवराज
Budhni News: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी क्षेत्र स्थित कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने का मामला चर्चा में है। कार्रवाई के दौरान फसलों को नुकसान पहुंचने और पानी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुएं को मिट्टी से भरने की बात भी सामने आई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गांव पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
कोसमी गांव में 12 आदिवासी परिवार प्रभावित
जानकारी के अनुसार, कोसमी गांव में बारेला आदिवासी समुदाय के 12 परिवारों के मकानों को हटाने की कार्रवाई की गई। प्रभावित परिवारों के खेतों में खड़ी मक्का और तुअर की फसल को नुकसान पहुंचने की बात भी सामने आई है। इसके अलावा, पानी के लिए इस्तेमाल होने वाले एक कुएं को मिट्टी से भर दिया गया।
इस कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने की जगह, पेयजल और आजीविका से जुड़ी समस्याएं खड़ी हो गई हैं। गांव में हुई इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर नाराजगी देखने को मिली।
पीड़ित परिवारों से मिले शिवराज, अधिकारियों पर जताई नाराजगी
रविवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान कोसमी गांव पहुंचे और प्रभावित परिवारों से बातचीत की। परिवारों की स्थिति देखने के बाद उन्होंने कार्रवाई पर सवाल उठाए और इसे अन्यायपूर्ण बताया।
शिवराज ने कहा कि वह इस पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को देंगे। उन्होंने मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भी इस विषय पर बातचीत की।
प्रभावित परिवारों के समर्थन में शिवराज सिंह चौहान देर रात तक धरने पर भी बैठे रहे। उन्होंने कहा कि मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
प्रभावित परिवारों को नए मकान दिलाने का भरोसा
शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित परिवारों को आश्वासन दिया कि उनके लिए नए पक्के मकानों की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि स्थायी आवास उपलब्ध होने तक उनके रहने और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि परिवारों के घरों के साथ उनकी मेहनत और आजीविका भी प्रभावित हुई है। ऐसे में उनकी समस्याओं का समाधान करना जरूरी है।
वन विभाग ने क्या बताया?
वन विकास निगम के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में वर्ष 2021 में पौधरोपण किया गया था। विभाग का आरोप है कि कुछ परिवारों ने पौधरोपण क्षेत्र को नुकसान पहुंचाकर वहां खेती शुरू कर दी और झोपड़ियां बना लीं। विभाग के मुताबिक, संबंधित परिवारों के खिलाफ वन अपराध के मामले दर्ज किए गए थे और उन्हें बेदखली के नोटिस भी दिए गए थे।
विभाग ने इसी आधार पर कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किए जाने की बात कही है। हालांकि, प्रभावित परिवारों की स्थिति और कार्रवाई से जुड़े सभी पहलुओं पर संबंधित पक्षों की विस्तृत जानकारी सामने आना जरूरी है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव से चर्चा कर सकते हैं शिवराज
इस मामले में शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बातचीत करने की बात कही है। अब प्रभावित परिवारों को राहत देने, आवास की व्यवस्था करने और कार्रवाई की जिम्मेदारी तय करने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर नजर रहेगी।
कोसमी की घटना ने वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े सवालों को सामने ला दिया है। मामले में आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई से स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।












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