बीना-आगासौद यार्ड रीमॉडलिंग: 15 अक्टूबर तक 17 ट्रेनें बदले रूट से चलेंगी
सागर/बीना। बीना और आगासौद रेलवे स्टेशनों के बीच चल रहे यार्ड रीमॉडलिंग कार्य का असर अक्टूबर में भी रेल यात्रियों पर पड़ रहा है। तीसरी रेल लाइन को बीना और आगासौद से जोड़ने के लिए चल रहे प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है। रेलवे ने अक्टूबर के लिए प्रभावित ट्रेनों का संशोधित शेड्यूल जारी किया है।
इस बदलाव के तहत 17 ट्रेनें निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग से चलेंगी, जबकि अलग-अलग तारीखों में कई यात्री ट्रेनें निरस्त भी रहेंगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का नया रूट, तारीख और संचालन स्थिति जरूर जांच लें।
तीसरी रेल लाइन जोड़ने के लिए चल रहा काम
बीना और आगासौद के बीच तीसरी रेल लाइन को जोड़ने और यार्ड की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रीमॉडलिंग का काम किया जा रहा है। यह काम चरणबद्ध तरीके से प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग गतिविधियों के माध्यम से किया जा रहा है।
रेलवे के मुताबिक, काम पूरा होने के बाद इस रेल खंड की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों के संचालन को अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा। इससे भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही, परिचालन दक्षता और समयबद्धता में सुधार की उम्मीद है।
17 ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी
यार्ड रीमॉडलिंग के दौरान अक्टूबर में 17 ट्रेन सेवाओं के रूट में बदलाव किया गया है। इनमें मध्यप्रदेश से गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण लंबी दूरी की ट्रेनें भी शामिल हैं।
रीवा-डॉ. अंबेडकर नगर त्रि-साप्ताहिक एक्सप्रेस को 8, 11 और 13 अक्टूबर को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। वापसी में डॉ. अंबेडकर नगर-रीवा एक्सप्रेस 9, 12 और 14 अक्टूबर को बदले हुए मार्ग से चलेगी।
इसी तरह रीवांचल एक्सप्रेस के दोनों दिशाओं के संचालन में भी बदलाव किया गया है। रीवा से रानी कमलापति जाने वाली ट्रेन 8 से 14 अक्टूबर तक कटनी, जबलपुर और इटारसी होकर चलेगी, जबकि वापसी की ट्रेन भी इसी अवधि में परिवर्तित मार्ग का उपयोग करेगी।
भोपाल-जोधपुर और अन्य ट्रेनों का भी बदलेगा रूट
भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस और जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस भी यार्ड रीमॉडलिंग के कारण परिवर्तित मार्ग से चलेंगी। भोपाल-जोधपुर ट्रेन के लिए 1 से 15 अक्टूबर तक और वापसी सेवा के लिए 1 से 14 अक्टूबर तक बदलाव लागू रहेगा।
इसके अलावा वेरावल-जबलपुर और जबलपुर-वेरावल एक्सप्रेस को भी निर्धारित तारीखों पर भोपाल-इटारसी मार्ग से चलाया जाएगा।
रेलवे ने हावड़ा-भोपाल, भोपाल-हावड़ा, भोपाल-धनबाद, धनबाद-भोपाल, भोपाल-चोपन, चोपन-भोपाल और भोपाल-सिंगरौली जैसी ट्रेनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं।
कई ट्रेनों को इटारसी-जबलपुर-कटनी होकर चलाया जाएगा
कुछ ट्रेनों को बीना क्षेत्र से गुजरने के बजाय वैकल्पिक रेल मार्ग से निकाला जाएगा। इनमें कई सेवाओं को इटारसी, जबलपुर, कटनी साउथ और न्यू कटनी जंक्शन के रास्ते चलाने की व्यवस्था की गई है।
इससे ट्रेन के वास्तविक यात्रा मार्ग और कुछ मामलों में यात्रा समय में भी बदलाव हो सकता है। इसलिए यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे टिकट बुकिंग के समय या यात्रा से पहले संबंधित ट्रेन का अपडेट जरूर देख लें।
गोंडवाना एक्सप्रेस भी एक दिन बदले मार्ग से चलेगी
जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस को भी 8 अक्टूबर को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। यह ट्रेन निर्धारित रूट के बजाय कटनी, ओहन और वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी के रास्ते चलेगी।
रेलवे द्वारा किए जा रहे इन बदलावों का उद्देश्य निर्माण कार्य के दौरान ट्रेनों का सुरक्षित संचालन बनाए रखना है। यार्ड में काम चलने के कारण सामान्य रेल परिचालन को प्रभावित किए बिना ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जा रहा है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि अक्टूबर में बीना क्षेत्र से यात्रा करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांचें। केवल ट्रेन का नंबर या नाम देखना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि यह भी देखना जरूरी है कि उस तारीख को ट्रेन किस मार्ग से चलेगी और उसके निर्धारित ठहराव में कोई बदलाव किया गया है या नहीं।
विशेष रूप से जिन यात्रियों की यात्रा 8 से 15 अक्टूबर के बीच है, उन्हें यात्रा से पहले रेलवे की ओर से जारी नवीनतम जानकारी जरूर देखनी चाहिए।
काम पूरा होने के बाद बढ़ेगी रेल क्षमता
बीना-आगासौद यार्ड रीमॉडलिंग और तीसरी रेल लाइन से जुड़े काम को पूरा होने के बाद इस क्षेत्र में रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। यार्ड की नई व्यवस्था से ट्रेनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जा सकेगा।
फिलहाल निर्माण कार्य के चलते यात्रियों को अस्थायी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन रेलवे के अनुसार यह बदलाव सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से काम पूरा कराने के लिए किए जा रहे हैं।













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