भोपाल सरकारी स्कूल में छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षिका पर मारपीट के आरोप
भोपाल, मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल के मिसरोद क्षेत्र स्थित शासकीय नवीन हायर सेकंडरी स्कूल में सोमवार को उस समय हंगामा हो गया, जब बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अपनी शिक्षिका के खिलाफ सड़क पर उतर आए। कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों ने शिक्षिका बबिता कुशवाहा पर मारपीट, पढ़ाई के बजाय सफाई और दूसरे काम कराने, परीक्षा में फेल करने की धमकी देने तथा छात्राओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी करने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
विद्यार्थियों का कहना था कि शिक्षिका के खिलाफ पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा। छात्रों ने करीब तीन घंटे तक स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया और शिक्षिका को निलंबित करने की मांग पर अड़े रहे।
मामला बढ़ने के बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल कदम उठाते हुए बबिता कुशवाहा को मिसरोद स्कूल से हटा दिया और उनकी जगह दूसरी शिक्षिका को शैक्षणिक कार्य की जिम्मेदारी सौंप दी। हालांकि, विभाग की कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शन कर रहे छात्र निलंबन की मांग पर कायम रहे।
सुबह 9 बजे से सड़क पर उतर आए छात्र
मिसरोद के शासकीय नवीन हायर सेकंडरी स्कूल में सोमवार सुबह करीब 9 बजे छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन शुरू हुआ। विद्यार्थियों ने स्कूल के बाहर एकत्र होकर शिक्षिका के खिलाफ अपनी शिकायतें रखीं।
छात्रों का आरोप था कि स्कूल में उन्हें पढ़ाई के लिए आने के बजाय कई बार ऐसे काम कराए जाते हैं, जो उनके अनुसार कर्मचारियों से संबंधित हैं। विद्यार्थियों ने कहा कि परीक्षा और दूसरी गतिविधियों के दौरान उनसे बेंच व्यवस्थित कराने, सफाई करने और रोल नंबर लिखने जैसे काम कराए जाते थे।
कुछ विद्यार्थियों ने लैब की सफाई कराने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि जब वे ऐसे काम करने से इनकार करते थे तो कथित तौर पर उन्हें परीक्षा में फेल करने की धमकी दी जाती थी।
प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने कहा कि वे स्कूल में पढ़ाई करने आते हैं और उनसे कर्मचारियों की तरह काम नहीं कराया जाना चाहिए।
पाइप से मारपीट करने का भी आरोप
छात्रों की ओर से शिक्षिका पर मारपीट के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। विद्यार्थियों ने शिकायत में दावा किया कि उनके सामने कुछ सीनियर छात्रों की लोहे के पाइप से पिटाई की गई।
प्रदर्शन में शामिल कुछ छात्राओं ने भी हाथ-पैर पर पाइप से मारने का आरोप लगाया। एक छात्रा ने दावा किया कि सवाल का जवाब देर से देने पर उसके साथ भी मारपीट की गई।
हालांकि, इन आरोपों की फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इन दावों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षिका को स्कूल से हटाया है और शिकायतों की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
विज्ञान विषय के छात्रों से 2500 रुपये मांगने का आरोप
विद्यार्थियों ने शिक्षिका पर पैसे मांगने का आरोप भी लगाया है। छात्रों के अनुसार, विज्ञान विषय लेने वाले विद्यार्थियों से प्रोजेक्ट के नाम पर हर महीने 2500 रुपये मांगे जाने का आरोप है।
छात्रों का दावा है कि पैसे देने के दबाव के कारण कुछ विद्यार्थियों ने विज्ञान विषय तक छोड़ दिया। विद्यार्थियों ने शिक्षिका के साथ बातचीत का एक ऑडियो भी स्कूल प्रबंधन को सौंपने की बात कही है।
छात्रों का कहना है कि इस ऑडियो में परीक्षा परिणाम, पास-फेल और पैसे खर्च होने से जुड़ी बातचीत है। हालांकि, ऑडियो की आवाज और उसमें कही गई बातों के संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस आरोप की भी विभागीय जांच में पड़ताल की जानी बाकी है कि वास्तव में किसी छात्र से निर्धारित शुल्क के अलावा पैसे मांगे गए थे या नहीं और यदि ऐसा हुआ तो उसका उद्देश्य क्या था।
छात्रों ने स्कूल में तोड़फोड़ भी की
शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन के दौरान छात्रों का गुस्सा भी सामने आया। प्रदर्शन के दौरान स्कूल के वॉशरूम का गेट और सीसीटीवी कैमरा तोड़े जाने की जानकारी सामने आई है।
जिला शिक्षा अधिकारी और मिसरोद थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर विद्यार्थियों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने छात्रों से शांत रहने और अपनी शिकायत उचित माध्यम से रखने की अपील की।
लेकिन विद्यार्थी शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि मामला उनकी 12वीं और बोर्ड परीक्षा की तैयारी से जुड़ा है और वे संबंधित शिक्षिका के साथ आगे पढ़ाई जारी नहीं रखना चाहते।
प्रदर्शन के बीच विभाग ने शिक्षिका को स्कूल से हटाया
लगातार करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए बबिता कुशवाहा को मिसरोद स्कूल से हटा दिया।
जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश के अनुसार, उन्हें राज्य स्तरीय सेवा संकल्प अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल बरखेड़ा में पदस्थ रहीं रेणुका श्रीवास्तव को मिसरोद स्कूल में शैक्षणिक कार्य की जिम्मेदारी दी गई है।
दोनों आदेश 5 अक्टूबर से तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं।
हालांकि, शिक्षिका को स्कूल से हटाए जाने के बाद भी छात्र संतुष्ट नहीं हुए। विद्यार्थियों ने कहा कि वे केवल स्थानांतरण या दूसरी जिम्मेदारी देने के बजाय निलंबन की कार्रवाई चाहते हैं।
शिक्षिका ने छात्रों के आरोपों को बताया गलत
दूसरी ओर, शिक्षिका बबिता कुशवाहा ने विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से अध्यापन कार्य कर रही हैं और भौतिक विज्ञान में बेहतर परिणाम के लिए विद्यार्थियों के साथ सख्ती करती हैं।
उन्होंने पैसे लेकर पास कराने या फेल करने, विद्यार्थियों से सफाई कराने और हर महीने 2500 रुपये मांगने के आरोपों को खारिज किया है।
शिक्षिका के अनुसार, प्रायोगिक कार्य के दौरान प्रयोगशाला में उपकरणों को व्यवस्थित करना और उनकी सफाई करना पढ़ाई की प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि छात्रों की शिकायत में कुछ विद्यार्थियों के हस्ताक्षर फर्जी हो सकते हैं।
बबिता कुशवाहा ने बताया कि उन्हें प्राचार्य की ओर से नोटिस मिला है और वह उसका जवाब देंगी।
अब जांच में सामने आएगी वास्तविक स्थिति
मामले में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि छात्रों की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों की स्वतंत्र जांच होनी बाकी है। मारपीट, धमकी, पैसे मांगने और आपत्तिजनक टिप्पणी जैसे आरोपों की पुष्टि केवल शिकायत या प्रदर्शन के आधार पर नहीं मानी जा सकती।
शिक्षा विभाग ने फिलहाल विवाद को शांत करने के लिए शिक्षिका को स्कूल से हटाकर दूसरी शिक्षिका को शैक्षणिक जिम्मेदारी सौंप दी है। आगे की जांच में छात्रों के बयान, शिक्षिका का जवाब, स्कूल प्रबंधन की जानकारी और उपलब्ध ऑडियो या अन्य साक्ष्यों की जांच की जा सकती है।
साथ ही, स्कूल परिसर में हुई तोड़फोड़ के मामले को भी अलग से देखा जा सकता है। छात्रों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की जिम्मेदारी भी तय करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल छात्रों की मुख्य मांग शिक्षिका के निलंबन की है, जबकि शिक्षिका ने सभी आरोपों से इनकार किया है। ऐसे में जांच के निष्कर्ष ही यह तय करेंगे कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे किस स्तर की कार्रवाई की जाएगी।












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