मंडला के पाठासिहोरा छात्रावास में जूनियर छात्रों से कथित मारपीट के मामले में अधीक्षक अनिल कुमार उइके निलंबित किए गए। घटना में शामिल 8 छात्रों को भी छात्रावास से निष्कासित किया गया।
मंडला। मंडला जिले के नैनपुर क्षेत्र स्थित पाठासिहोरा के शासकीय बालक छात्रावास में जूनियर छात्रों के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जनजातीय कार्य विभाग ने छात्रावास अधीक्षक अनिल कुमार उइके को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं घटना में शामिल पाए गए आठ छात्रों को छात्रावास से बाहर कर दिया गया है।
मामला 21 सितंबर की रात का बताया जा रहा है। आरोप है कि कुछ सीनियर छात्रों ने जूनियर विद्यार्थियों पर रुपये चोरी करने का संदेह जताते हुए उनके साथ मारपीट की। घटना सामने आने के बाद छात्रावास की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं।
चोरी के शक में रात में उठाने का आरोप
बताया गया है कि छात्रावास में रहने वाले कुछ सीनियर छात्रों ने जूनियर विद्यार्थियों पर पैसे चोरी करने का आरोप लगाया था। इसके बाद रात में सो रहे कुछ बच्चों को उठाया गया।
आरोप है कि बच्चों के साथ बेल्ट से मारपीट की गई और उनके हाथों पर जलते अंगारे रखे गए। इस घटना के कारण कुछ छात्रों के हाथों में जलने के निशान और छाले आने की जानकारी सामने आई है।
परिजनों तक पहुंची घटना की जानकारी
घटना के बाद पीड़ित छात्रों ने अपने परिवार को पूरे मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने पर परिजन छात्रावास पहुंचे और बच्चों को उपचार के लिए लेकर गए।
इसके बाद मामले की जानकारी प्रशासन तक पहुंची और छात्रावास में हुए घटनाक्रम की जांच शुरू की गई। बच्चों की शिकायत के बाद पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया।
अधीक्षक पर भी लापरवाही के आरोप
विभागीय जांच में छात्रावास के चौकीदार के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की बात सामने आई। इसके अलावा अधीक्षक पर बिना सूचना मुख्यालय से बाहर रहने और छात्रों के बीच हुई घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं पहुंचाने के आरोप भी लगे हैं।
विभाग ने इन मामलों को प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए अनिल कुमार उइके के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।
आठ छात्रों को छात्रावास से निकाला गया
मारपीट और अनुशासनहीनता में शामिल पाए गए आठ छात्रों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। विभाग ने उन्हें छात्रावास से निष्कासित कर दिया है।
हालांकि मामले में शामिल छात्रों की उम्र कम होने के कारण उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। आगे की कार्रवाई जांच और नियमानुसार प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।
पुलिस और विभाग कर रहे संयुक्त जांच
घटना की जांच पिंडरई पुलिस और सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग के कार्यालय की ओर से की जा रही है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि घटना में कौन-कौन शामिल था और छात्रावास स्तर पर निगरानी में कहां चूक हुई।
जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
छात्रावास की व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना ने छात्रावासों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, निगरानी और अनुशासन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खासतौर पर रात के समय छात्रों की सुरक्षा और कर्मचारियों की मौजूदगी को लेकर प्रशासन अब पूरे मामले की समीक्षा कर रहा है।
फिलहाल विभागीय और पुलिस जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।












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