MP Cabinet: हर विधानसभा में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, 2030-31 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य
भोपाल। मध्य प्रदेश कैबिनेट की मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को हुई बैठक में खेल, सार्वजनिक परिवहन, औद्योगिक विकास और बिजली से जुड़े कई प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए। सरकार ने प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों में आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने के लिए करीब ₹940 करोड़ का प्रावधान किया है। वहीं, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को विस्तार देने के लिए वर्ष 2030-31 तक करीब 15 हजार बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है।
हर विधानसभा क्षेत्र में बनेगा मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
कैबिनेट के फैसले के अनुसार प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में खेल सुविधाओं को विकसित करने की योजना है। उपलब्ध भूमि के आधार पर कॉम्प्लेक्स में इंडोर और आउटडोर खेलों की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
जहां करीब 10 एकड़ जमीन उपलब्ध होगी, वहां लगभग ₹7 करोड़ की लागत से खेल परिसर विकसित करने का प्रावधान बताया गया है। यहां खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए कोच समेत जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
सरकार के मुताबिक करीब 140 विधानसभा क्षेत्रों में इस स्तर की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जबकि अन्य स्थानों पर मौजूदा खेल सुविधाओं के विस्तार की जरूरत है। प्रस्तावित परिसरों को मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स नाम दिया जाएगा।
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के मैदान में बनेगा हेलीपैड
इस योजना की खास बात यह है कि प्रस्तावित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के मैदान में हेलीपैड की सुविधा भी शामिल की गई है। सरकार के अनुसार इसका उपयोग आपात परिस्थितियों में एयर एंबुलेंस की आवाजाही के लिए किया जा सकेगा।
इससे ऐसे क्षेत्रों में आपात चिकित्सा के दौरान एयर एंबुलेंस की लैंडिंग के लिए अलग से जगह तैयार करने की जरूरत कम हो सकती है।
25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा
कैबिनेट बैठक में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत 25 सितंबर से भोपाल में प्रस्तावित है। शुरुआत के मौके पर करीब 350 बसों को सेवा में शामिल किए जाने की जानकारी दी गई है।
योजना के तहत मार्च तक लगभग 1,000 बसों को नेटवर्क में जोड़ने का लक्ष्य बताया गया है और आगे वर्ष 2030-31 तक करीब 15,000 बसें संचालित करने की योजना है।
GPS और CCTV से लैस होंगी बसें
प्रस्तावित बस सेवा में तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है। बसों में GPS, CCTV और ऑनलाइन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं शामिल करने की योजना है। इलेक्ट्रिक बसों को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को रेलवे स्टेशनों से जोड़ने तथा सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। साथ ही PPP मॉडल के तहत सात आधुनिक बस टर्मिनल विकसित करने की योजना बताई गई है।
औद्योगिक कॉरिडोर के साथ चार बड़े औद्योगिक क्षेत्र
कैबिनेट की जानकारी के अनुसार इंदौर-भोपाल और भोपाल-जबलपुर के बीच ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजनाओं के साथ औद्योगिक विकास को भी गति देने की योजना है।
इंदौर से जबलपुर के बीच औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना के तहत चार स्थानों पर बड़े औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाने की जानकारी दी गई। इसके साथ स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए स्किल सिटी विकसित करने का भी प्रस्ताव है। सरकार के अनुमान के अनुसार इन पहलों से करीब 2 लाख रोजगार अवसर बन सकते हैं।
बढ़ती बिजली जरूरत के लिए 2,800 मेगावाट थर्मल पावर
कैबिनेट ने प्रदेश की भविष्य की बिजली मांग को ध्यान में रखते हुए 2,800 मेगावाट थर्मल पावर खरीदने का निर्णय भी लिया है। सरकार के अनुसार इससे वर्ष 2037 तक अनुमानित बिजली मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट के इन फैसलों में खेल सुविधाओं के विस्तार, सार्वजनिक परिवहन के नेटवर्क को बढ़ाने, औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए क्षमता सुनिश्चित करने पर जोर दिखाई देता है।
नोट: रोजगार, बसों की संख्या और परियोजनाओं से जुड़े आंकड़े सरकार द्वारा बताए गए लक्ष्य/अनुमान हैं। वास्तविक संख्या और क्रियान्वयन परियोजनाओं की प्रगति के अनुसार बदल सकते हैं।












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