मंदसौर में स्कॉर्पियो के गुप्त खानों से मिले ₹1.29 करोड़, सरपंच समेत तीन गिरफ्तार

मंदसौर में स्कॉर्पियो से मिले ₹1.29 करोड़, सरपंच समेत तीन गिरफ्तार

मंदसौर। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस ने एक बिना नंबर की काली महिंद्रा स्कॉर्पियो से 1 करोड़ 29 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। यह रकम गाड़ी की बॉडी में बनाए गए विशेष गुप्त खानों में छिपाकर रखी गई थी। मामले में बरखेड़ा उदा गांव के सरपंच भवानीशंकर मीणा और उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के दो अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई, इसे कहां ले जाया जा रहा था और गाड़ी में छिपाकर रखने के पीछे क्या वजह थी। प्रारंभिक सूचना में नकदी का संबंध मादक पदार्थों की तस्करी से होने की आशंका जताई गई थी, लेकिन जांच पूरी होने से पहले इसे प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दी दबिश

यह कार्रवाई मंदसौर जिले के शामगढ़ थाना क्षेत्र के बरखेड़ा उदा गांव में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव में एक व्यक्ति के घर के पीछे बने बाड़े में बिना नंबर की काली स्कॉर्पियो खड़ी है। गाड़ी में बड़ी मात्रा में नकदी होने की आशंका भी जताई गई थी।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए कार्रवाई की। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची, तो वहां संदिग्ध स्कॉर्पियो मिली। गाड़ी के पास मौजूद तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। इसके बाद वाहन को जब्त कर तीनों व्यक्तियों को पूछताछ के लिए शामगढ़ थाने लाया गया।

इस कार्रवाई में शामगढ़ के साथ सुवासरा और भानपुरा थाना क्षेत्रों की पुलिस टीम के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई।

मैकेनिक की मदद से सामने आए गुप्त खाने

स्कॉर्पियो की तलाशी के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि नकदी सामान्य जगह पर नहीं रखी गई है। इसके बाद वाहन की बारीकी से जांच कराने के लिए मैकेनिक को बुलाया गया।

मैकेनिक की मदद से गाड़ी के अलग-अलग हिस्सों की जांच की गई। इसी दौरान बॉडी में बनाए गए विशेष गुप्त खानों का पता चला। इन खानों में नोटों के बंडल छिपाकर रखे गए थे।

जब नकदी बाहर निकालकर उसकी गिनती की गई, तो कुल रकम 1 करोड़ 29 लाख रुपये निकली। इसके बाद पुलिस ने पूरी नकदी जब्त कर ली और बरामदगी से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू की।

गाड़ी में इस तरह से रकम छिपाने का तरीका मामले का महत्वपूर्ण पहलू बन गया है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि गुप्त खाने कब और किस उद्देश्य से बनाए गए थे तथा नकदी रखने में किन लोगों की भूमिका रही।

सरपंच समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी

इस मामले में पुलिस ने तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इनमें बरखेड़ा उदा गांव के भवानीशंकर मीणा और उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले मोहम्मद इस्लाम तथा सूर्य प्रकाश गंगवार शामिल हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, भवानीशंकर मीणा की उम्र 49 वर्ष, मोहम्मद इस्लाम की उम्र 47 वर्ष और सूर्य प्रकाश गंगवार की उम्र 59 वर्ष बताई गई है। दोनों अन्य व्यक्ति उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस इन तीनों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद रकम पर किसका अधिकार था, तीनों व्यक्तियों के बीच क्या संबंध है और नकदी को किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।

फिलहाल केवल गिरफ्तारी के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। मामले में उनकी वास्तविक भूमिका और नकदी के स्रोत का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।

मादक पदार्थों की तस्करी से संबंध की आशंका

पुलिस को मिली शुरुआती सूचना में नकदी का संबंध कथित मादक पदार्थों की तस्करी से होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, इतनी बड़ी रकम बरामद होने के बावजूद यह स्पष्ट होना बाकी है कि पैसा वास्तव में किस गतिविधि से जुड़ा था।

जांच एजेंसियों के सामने कई सवाल हैं। रकम किसने उपलब्ध कराई? इसे स्कॉर्पियो में छिपाकर क्यों रखा गया? क्या इसे किसी दूसरे शहर या राज्य में ले जाया जाना था? और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं?

इन सवालों के जवाब जुटाने के लिए पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। बरामद नकदी के स्रोत की जांच के लिए आयकर विभाग को भी सूचना दिए जाने की बात सामने आई है। अब यह देखा जाएगा कि रकम से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन और अन्य उपलब्ध साक्ष्य क्या संकेत देते हैं।

जांच के बाद स्पष्ट होगी नकदी की पूरी कहानी

मंदसौर में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर वाहन के जरिए बड़ी मात्रा में नकदी ले जाने और उसे छिपाने के मामलों पर ध्यान खींचा है। स्कॉर्पियो की बॉडी में गुप्त खाने बनाकर रकम रखने का खुलासा जांच का अहम हिस्सा है।

हालांकि, मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल अब भी यही है कि 1 करोड़ 29 लाख रुपये कहां से आए और उनका इस्तेमाल किस काम के लिए किया जाना था। पुलिस की जांच और वित्तीय पड़ताल से इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।

फिलहाल नकदी जब्त की जा चुकी है और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मादक पदार्थों की तस्करी से संबंध और रकम के वास्तविक स्रोत को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकेगा।

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