इंदौर के रेडिएंट कॉलेज में गरबा आयोजन पर विवाद, बजरंग दल ने जताई आपत्ति
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजन को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। तिलक नगर थाना क्षेत्र स्थित रेडिएंट कॉलेज में आयोजित किए जा रहे गरबा कार्यक्रम पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई। संगठन ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। इसके अलावा, आयोजन में मुस्लिम युवकों के शामिल होने की सूचना मिलने पर भी कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया।
संगठन का दावा है कि उसके विरोध के बाद कॉलेज में गरबा कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। हालांकि, कार्यक्रम की अनुमति, आयोजन रद्द होने के कारण और पूरे घटनाक्रम को लेकर कॉलेज प्रबंधन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है।
गरबा कार्यक्रम को लेकर क्यों हुआ विवाद?
जानकारी के अनुसार, रेडिएंट कॉलेज में गरबा कार्यक्रम आयोजित किए जाने की सूचना मिलने के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आयोजन पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि कार्यक्रम के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।
इसी बीच कार्यकर्ताओं को सूचना मिली कि गरबा आयोजन में मुस्लिम युवक भी शामिल हो रहे हैं। इसके बाद संगठन ने कार्यक्रम का विरोध करने का निर्णय लिया और कॉलेज प्रबंधन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
यह पूरा विवाद दो प्रमुख मुद्दों के इर्द-गिर्द रहा—पहला, कार्यक्रम के लिए आवश्यक अनुमति का सवाल और दूसरा, आयोजन में शामिल होने वाले लोगों को लेकर संगठन की आपत्ति। इन दोनों बिंदुओं पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
कॉलेज पहुंचे कार्यकर्ताओं ने किया हनुमान चालीसा का पाठ
गरबा कार्यक्रम का विरोध जताने के लिए बजरंग दल के कार्यकर्ता कॉलेज पहुंचे। यहां उन्होंने आयोजन को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और कॉलेज प्रबंधन को सद्बुद्धि मिलने की कामना करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ किया।
संगठन की ओर से कार्यक्रम को लेकर आपत्ति दर्ज कराने के बाद गरबा आयोजन रद्द किए जाने का दावा किया गया। हालांकि, आयोजन किस स्तर पर और किन परिस्थितियों में रद्द हुआ, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
कॉलेज प्रबंधन की प्रतिक्रिया का इंतजार
मामले में कॉलेज प्रबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना महत्वपूर्ण है। इससे स्पष्ट हो सकेगा कि गरबा कार्यक्रम के लिए अनुमति ली गई थी या नहीं, आयोजन की क्या व्यवस्था थी और कार्यक्रम को रद्द करने का निर्णय किस वजह से लिया गया।
इसी तरह, कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को लेकर उठाए गए सवालों पर भी संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना बाकी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से विरोध करने वाले संगठन के आरोपों और उसके द्वारा किए गए कार्यक्रम के रद्द होने के दावे पर आधारित है।
नवरात्रि के आयोजनों में अनुमति और सुरक्षा पर चर्चा
नवरात्रि के दौरान इंदौर में अलग-अलग स्थानों पर गरबा और अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ऐसे आयोजनों में अनुमति की शर्तों, प्रवेश व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर प्रशासन की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।
रेडिएंट कॉलेज का मामला ऐसे समय सामने आया है, जब शहर में गरबा आयोजनों की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर चर्चा जारी है। हालांकि, इस मामले को अन्य आयोजनों पर हुई कार्रवाई से अलग रखते हुए इसके तथ्यों की पुष्टि संबंधित पक्षों और प्रशासन की जानकारी के आधार पर की जानी चाहिए।
फिलहाल रेडिएंट कॉलेज में गरबा आयोजन को लेकर बजरंग दल की आपत्ति, कार्यकर्ताओं द्वारा हनुमान चालीसा पाठ और कार्यक्रम रद्द होने के दावे के बाद मामले पर नजर बनी हुई है। कॉलेज प्रबंधन या प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही घटनाक्रम की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।












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