इंदौर में रेलवे स्टेशन का काम रुका, पहले बनेगा चार लेन का शास्त्री ब्रिज
इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में रेलवे स्टेशन के विस्तार की योजना के बीच शास्त्री ब्रिज के निर्माण को प्राथमिकता देने का फैसला लिया गया है। पुराने शास्त्री ब्रिज को हटाने से पहले उसके समानांतर नया चार लेन का पुल बनाया जाएगा। इसके निर्माण की जिम्मेदारी इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) को सौंपी गई है। नए पुल को तैयार करने के लिए लगभग डेढ़ साल की समयसीमा निर्धारित की गई है।
एमजी रोड पर स्थित शास्त्री ब्रिज शहर के मध्य और पूर्वी हिस्सों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। इस रास्ते पर यातायात का दबाव अधिक रहता है। ऐसे में पुराने पुल को पहले तोड़कर नया निर्माण शुरू करने से आवागमन प्रभावित हो सकता है। इसी समस्या को देखते हुए पहले वैकल्पिक पुल बनाने और उसके बाद पुराने पुल को हटाने की योजना तैयार की गई है।
पहले नया पुल, फिर पुराने शास्त्री ब्रिज को हटाने की तैयारी
रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और विस्तार की योजना के तहत स्टेशन परिसर को मौजूदा शास्त्री ब्रिज तक विस्तारित किया जाना है। इस काम के लिए पुराने पुल को हटाना आवश्यक होगा। हालांकि, पुल शहर के व्यस्त मार्ग पर स्थित होने के कारण इसे हटाने से यातायात व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है।
नई योजना के अनुसार, पहले पुराने पुल के समानांतर नया ब्रिज तैयार किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद पुराने शास्त्री ब्रिज को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। इससे शहर के प्रमुख मार्ग पर यातायात बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इस बदलाव का असर रेलवे स्टेशन के विस्तार की समयसीमा पर भी पड़ेगा। फिलहाल प्राथमिकता नए पुल के निर्माण को दी गई है। स्टेशन के विस्तार से जुड़े अगले चरण पुराने ब्रिज को हटाने और निर्माण स्थल उपलब्ध होने के बाद आगे बढ़ सकेंगे।
छह की जगह चार लेन का बनेगा नया ब्रिज
शास्त्री ब्रिज को पहले छह लेन का बनाने की योजना पर चर्चा हुई थी, लेकिन अब इसे चार लेन का बनाया जाएगा। नए पुल की लंबाई लगभग 438 मीटर निर्धारित की गई है, जबकि मौजूदा पुल करीब 400 मीटर लंबा है।
पुल की लंबाई और डिजाइन में बदलाव के कारण आसपास की यातायात व्यवस्था को भी नए सिरे से व्यवस्थित करना होगा। इसमें रीगल तिराहे का पुनर्निर्धारण भी शामिल है। निर्माण के दौरान इस क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि एमजी रोड इंदौर के प्रमुख व्यस्त मार्गों में शामिल है।
नए ब्रिज की चौड़ाई और संरचना को ध्यान में रखते हुए चार लेन की व्यवस्था तैयार की जाएगी। इसके निर्माण से पुराने पुल को हटाने और रेलवे स्टेशन के विस्तार के लिए जरूरी जगह उपलब्ध कराने का रास्ता खुलेगा।
जमीन से सात मीटर ऊंचा होगा पुल
प्रस्तावित शास्त्री ब्रिज की ऊंचाई जमीन से लगभग सात मीटर रखी जाएगी। इसकी डिजाइन इस तरह तैयार की जा रही है कि रेलवे स्टेशन के विस्तार में बाधा न आए और पुल के नीचे से ट्रेनों का आवागमन भी जारी रह सके।
इसके लिए वायाडक्ट आधारित संरचना अपनाई जाएगी। इस तरह की डिजाइन में ऊंचे ढांचे के माध्यम से सड़क और रेल यातायात के लिए अलग-अलग जगह उपलब्ध कराई जाती है।
पुल की ऊंचाई और संरचना का निर्धारण रेलवे स्टेशन की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। स्टेशन के विस्तार की योजना को सफल बनाने के लिए पुल और रेलवे परिसर के बीच बेहतर तालमेल जरूरी होगा।
सीवर लाइन और बिजली व्यवस्था में भी होंगे बदलाव
नए पुल का निर्माण शुरू करने से पहले क्षेत्र में मौजूद बुनियादी सुविधाओं को व्यवस्थित करना होगा। योजना के तहत मौजूदा सीवर लाइन को स्थानांतरित किया जाएगा और नई सीवर लाइनें बिछाई जाएंगी। इसका उद्देश्य निर्माण के दौरान जल निकासी व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाना है।
इसके अलावा बिजली के खंभों और स्ट्रीट लाइटों को भी जरूरत के अनुसार स्थानांतरित या बदला जाएगा। पुल के दोनों ओर सर्विस रोड बनाने की योजना भी है, जिससे मुख्य मार्ग के आसपास वाहनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।
इन तैयारियों का समय पर पूरा होना जरूरी होगा, क्योंकि सीवर, बिजली और सड़क से जुड़े कार्यों में देरी होने पर पुल निर्माण की गति प्रभावित हो सकती है।
70 साल से अधिक पुराना है शास्त्री ब्रिज
इंदौर का मौजूदा शास्त्री ब्रिज सात दशक से अधिक पुराना बताया जाता है। समय के साथ इसकी स्थिति को लेकर चिंताएं सामने आती रही हैं। हाल ही में पुल के एक हिस्से के धंसने और कुछ स्थानों पर प्लास्टर उखड़ने की घटनाओं ने इसकी स्थिति पर ध्यान आकर्षित किया था।
रेलवे अधिकारियों ने भी पुल का निरीक्षण किया था। मौजूदा संरचना की स्थिति और रेलवे स्टेशन के प्रस्तावित विस्तार को देखते हुए नया पुल बनाने की जरूरत महसूस की गई।
पुराने पुल को हटाने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह शहर के प्रमुख यातायात मार्गों में से एक है। नए पुल के निर्माण से भविष्य में रेलवे स्टेशन के विस्तार के लिए आवश्यक जगह उपलब्ध कराने की योजना है।
निर्माण की समयसीमा पर रहेगी नजर
नए चार लेन के शास्त्री ब्रिज के निर्माण के लिए लगभग डेढ़ साल का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान पुल के साथ सीवर लाइन, बिजली व्यवस्था, सर्विस रोड और रीगल तिराहे से जुड़े बदलाव भी किए जाने हैं।
निर्माण कार्य की प्रगति और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय इस परियोजना के महत्वपूर्ण पहलू होंगे। नया पुल तैयार होने के बाद पुराने ब्रिज को हटाने और रेलवे स्टेशन के विस्तार का रास्ता साफ हो सकेगा।
फिलहाल इंदौर के रेलवे स्टेशन के विकास की योजना में शास्त्री ब्रिज का निर्माण अहम चरण बन गया है। शहरवासियों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्माण निर्धारित समय में पूरा होता है या नहीं और इस दौरान एमजी रोड पर यातायात व्यवस्था को किस तरह संभाला जाता है।












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