इंदौर में गरबा देखने गए 10वीं के छात्र की हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में गरबा पंडाल के बाहर शुरू हुआ मामूली विवाद एक किशोर की मौत का कारण बन गया। हीरानगर थाना क्षेत्र के बजरंग नगर में गरबा देखने गए 16 वर्षीय छात्र प्रथमेश जयभान पर चाकू से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल छात्र ने करीब एक सप्ताह तक अस्पताल में इलाज के दौरान जिंदगी के लिए संघर्ष किया, लेकिन सोमवार को उसकी मौत हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विवाद बाइक टकराने के बाद शुरू हुआ था। कहासुनी बढ़ने पर कुछ युवकों ने प्रथमेश पर हमला कर दिया। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी दीपेश भालेकर और उसके दो नाबालिग साथियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही थी।
बाइक टकराने के बाद शुरू हुआ विवाद
घटना 12 अक्टूबर की बताई जा रही है। प्रथमेश अपने घर से बजरंग नगर स्थित माता मंदिर के पास गरबा पंडाल देखने गया था। इसी दौरान पंडाल के आसपास बाइक टकराने को लेकर उसका कुछ युवकों से विवाद हो गया।
बताया गया कि शुरुआत में हुई कहासुनी और गाली-गलौज के बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि समूह में शामिल युवकों ने प्रथमेश पर हमला कर दिया और उस पर चाकू से कई वार किए। हमले में उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं।
गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया
हमले के बाद प्रथमेश गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों के अनुसार, उसे पहले घर लाया गया और फिर इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी रहा।
परिवार के मुताबिक, अत्यधिक खून बहने और गंभीर चोटों के चलते उसकी स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई थी। वह करीब एक सप्ताह तक बेहोशी की हालत में रहा। आखिरकार सोमवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। एक मामूली विवाद में किशोर की जान जाने से इलाके के लोग भी स्तब्ध हैं।
पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत तीन को पकड़ा
हीरानगर पुलिस के अनुसार, मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी दीपेश भालेकर और उसके दो नाबालिग साथियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने स्थानीय लोगों और गरबा पंडाल के आयोजकों से पूछताछ की, जिसके बाद आरोपियों की पहचान करने में मदद मिली।
पुलिस के मुताबिक, वारदात में शामिल बताए जा रहे अन्य दो आरोपियों की तलाश की जा रही थी। मामले की जांच के दौरान घटना की परिस्थितियों और हमले में शामिल सभी लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
प्रथमेश की हालत गंभीर होने के कारण पुलिस अस्पताल में उसका बयान दर्ज नहीं कर सकी थी। इसलिए जांच में दूसरे लोगों से मिली जानकारी और उपलब्ध साक्ष्यों की अहम भूमिका रही।
इंदौर में आपराधिक घटनाओं पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने शहर में कानून-व्यवस्था और युवाओं के बीच बढ़ते हिंसक विवादों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खबर में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर के शुरुआती 20 दिनों में इंदौर में हत्या की यह पांचवीं घटना बताई गई। वहीं, वर्ष 2026 में जनवरी से अब तक हत्या के 61 मामले दर्ज होने का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, इन आंकड़ों का सही संदर्भ और पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड से उनका मिलान अलग से किया जाना चाहिए।
जांच जारी, फरार आरोपियों की तलाश
प्रथमेश की मौत के बाद पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और अन्य संदिग्धों की तलाश के जरिए घटना से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।
गरबा देखने गए एक किशोर की मामूली विवाद के बाद मौत ने परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। अब मामले में आगे की कार्रवाई और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी पर नजर रहेगी।













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