ग्वालियर में आधी रात युवक की गोली मारकर हत्या, बाइक रोककर हमलावरों ने की फायरिंग
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बुधवार तड़के एक युवक की गोली मारकर हत्या का मामला सामने आया है। घटना गोला का मंदिर थाना क्षेत्र की रेसकोर्स रोड पर LNIPE के सामने हुई। प्रारंभिक पुलिस जांच में वारदात को आपराधिक रंजिश और संभावित गैंगवार से जोड़कर देखा जा रहा है। मृतक की पहचान छोटू राजावत के रूप में हुई है।
बाइक रोककर सड़क पर उतारा
पुलिस के अनुसार छोटू राजावत अपने दोस्तों के साथ सिरोल इलाके से लौट रहा था। वह एक बाइक पर दोस्त नितेश परमार के साथ सवार था, जबकि उसके अन्य साथी दूसरी बाइक पर थे।
रेसकोर्स रोड पर LNIPE के सामने पहुंचने के दौरान कई बाइक पर आए हथियारबंद लोगों ने उन्हें घेर लिया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हमलावरों ने छोटू को बाइक से नीचे खींचा और उसके बाद फायरिंग कर दी। गोलियां लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हमलावरों की संख्या 8-9 होने की बात
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली शुरुआती जानकारी में हमलावरों की संख्या करीब 8 से 9 बताई जा रही है। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही गोला का मंदिर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आसपास के इलाके की जांच शुरू की।
भोला सिकरवार हत्याकांड से जोड़ा जा रहा एंगल
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह संभावना सामने आई है कि छोटू राजावत पर गैंगस्टर भोला सिकरवार हत्याकांड में मुखबिरी करने का शक किया जा रहा था। इसी कथित संदेह को हत्या की वजह से जोड़कर जांच की जा रही है।
हालांकि, पुलिस ने अभी इस एंगल की अंतिम पुष्टि नहीं की है। हत्या के पीछे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
CCTV फुटेज से आरोपियों की तलाश
वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटानी शुरू कर दी है। फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान करने और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच के दौरान राजवीर चौहान, रानू सिकरवार, हेमू सिकरवार, दिन्नू सिकरवार और अजीत तोमर समेत कुछ नाम पुलिस के सामने आए हैं। इन लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है; अभी किसी की भूमिका को अंतिम रूप से स्थापित नहीं माना गया है।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस टीम वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्य भी जुटा रही है।
फिलहाल पुलिस का फोकस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ-साथ हत्या के वास्तविक कारण का पता लगाने पर है। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के पकड़े जाने के बाद घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
नोट: गैंगवार और पुराने हत्याकांड में मुखबिरी से जुड़े तथ्य पुलिस की प्रारंभिक जांच का हिस्सा हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।












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