ग्वालियर में शराब दुकान के विरोध में महिलाओं का प्रदर्शन, सड़क पर बोतलें फेंककर लगाया जाम
ग्वालियर। जिले के भितरवार क्षेत्र के सिल्हा गांव में शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर महिलाओं ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने सड़क पर शराब की बोतलें फेंककर रास्ता रोक दिया। महिलाओं का कहना है कि शराब की दुकान के कारण गांव में पारिवारिक और सामाजिक समस्याएं बढ़ रही हैं।
शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर सड़क पर उतरीं महिलाएं
सिल्हा गांव की महिलाओं ने शराब की दुकान को हटाने की मांग करते हुए सड़क पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि दुकान के आसपास शराब का सेवन करने वाले लोगों की आवाजाही से स्थानीय महिलाओं को परेशानी होती है।
महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि शराब की दुकान के आसपास अंडे और मांस की दुकानें लगने से क्षेत्र का माहौल उनके लिए असुविधाजनक हो गया है। कुछ महिलाओं ने शराब पीने वालों पर छेड़छाड़ करने जैसे आरोप भी लगाए।
बोतलें सड़क पर फेंककर रास्ता रोका
विरोध के दौरान महिलाओं ने शराब की बोतलें सड़क पर फेंक दीं, जिसके चलते कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। महिलाओं ने स्पष्ट किया कि जब तक शराब की दुकान को लेकर समाधान नहीं होता, उनका विरोध जारी रह सकता है।
महिलाओं का कहना है कि इससे पहले भी करीब पांच दिन पहले डबरा के पिछोर तिराहे पर शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था। उनके मुताबिक उस समय अधिकारियों ने समस्या के समाधान का भरोसा दिया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से वे दोबारा प्रदर्शन के लिए मजबूर हुईं।
लाड़ली बहना की राशि लेने से इनकार करने की बात
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने यह भी कहा कि वे लाड़ली बहना योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता लेने से इनकार करेंगी। उनका कहना था कि उनके अनुसार शराब की वजह से परिवार प्रभावित हो रहे हैं, ऐसे में केवल आर्थिक सहायता देने के बजाय शराब की समस्या पर कार्रवाई होनी चाहिए।
महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि गांव में शराब की दुकान हटाई जाए और स्थानीय महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
पुलिस ने बातचीत के बाद खुलवाया जाम
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर भितरवार एसडीओपी गगन हनवत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रही महिलाओं से बातचीत की और सड़क से हटकर यातायात सामान्य करने की अपील की।
बातचीत के बाद महिलाओं ने जाम खोल दिया। हालांकि उन्होंने दुकान को लेकर अपनी मांग दोहराते हुए आगे भी आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
शराब दुकान वैध है या नहीं, जांच जारी
एसडीओपी के अनुसार शराब दुकान के वैध या अवैध होने की जांच की जा रही है। इसके साथ ही दुकान के आसपास संचालित मटन और अंडे के ठेलों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
पूरे मामले की जानकारी जिला प्रशासन को देने की बात भी पुलिस की ओर से कही गई है। अब प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि शराब दुकान को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।
नोट: शराब की दुकान से होने वाली परेशानियों और छेड़छाड़ से जुड़े आरोप प्रदर्शनकारी महिलाओं के हैं। दुकान की वैधता और अन्य तथ्यों की प्रशासनिक जांच जारी है।












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