गुना में APK फाइल खोलना पड़ा भारी, पंचायत सचिव के खाते से निकले ₹3.05 लाख
गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जिसमें एक ग्राम पंचायत सचिव के बैंक खाते से करीब 3.05 लाख रुपये निकाल लिए गए। बताया जा रहा है कि सचिव के मोबाइल पर WhatsApp के जरिए एक APK फाइल भेजी गई थी। इसे सरकारी काम से संबंधित समझकर खोलने के बाद खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए रकम ट्रांसफर हो गई।
सरकारी काम से जुड़ी फाइल समझकर खोली APK
मामला मृगवास थाना क्षेत्र की सानई चौकी अंतर्गत तलावड़ा गांव से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार ग्राम पंचायत बरोद में सचिव के पद पर कार्यरत 59 वर्षीय मिंटूलाल मीणा को 18 अगस्त 2026 को WhatsApp पर एक अज्ञात नंबर से APK फाइल या लिंक प्राप्त हुआ था।
सचिव ने इसे सरकारी कार्य से संबंधित फाइल समझकर खोल दिया। इसके बाद उनके मोबाइल और बैंकिंग गतिविधियों तक अनधिकृत पहुंच बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है।
कुछ दिनों में खाते से निकले ₹3.05 लाख
पुलिस के अनुसार खाते से रकम कई चरणों में दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई।
- 18 अगस्त: ₹4,969 के दो ट्रांजैक्शन
- 21 अगस्त: ₹99,979 के चार ट्रांजैक्शन
- 22 अगस्त: ₹99,999 के चार ट्रांजैक्शन
- 23 अगस्त: ₹1,00,103 का एक ट्रांजैक्शन
इस तरह कुल ₹3,05,050 खाते से निकल गए।
बैंक पहुंचने पर सामने आया पूरा मामला
सचिव को खाते से हुई निकासी की जानकारी 23 अगस्त को बैंक जाने के बाद हुई। बैंक स्टेटमेंट देखने पर उन्हें कई ऐसे UPI लेन-देन दिखाई दिए, जिन्हें उन्होंने स्वयं नहीं किया था।
इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी और साइबर अपराध रिपोर्टिंग सिस्टम के माध्यम से भी मामले की जानकारी दर्ज कराई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल से प्राप्त ई-जीरो FIR और जांच प्रक्रिया के बाद मृगवास पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है।
अब पुलिस साइबर सेल की मदद से उन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनके जरिए रकम आगे ट्रांसफर हुई। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के पीछे किसी एक व्यक्ति का हाथ है या कोई संगठित साइबर गिरोह सक्रिय है।
APK फाइलों को लेकर रहें सावधान
यह घटना एक बार फिर अनजान APK फाइलों और लिंक को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत दिखाती है। केंद्र सरकार की साइबर सुरक्षा सलाह में भी अनजान या अविश्वसनीय स्रोतों से मिली executable files को डाउनलोड या खोलने से बचने की सलाह दी गई है। वित्तीय साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करना और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल का इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण है।
नोट: पुलिस जांच अभी जारी है। आरोपियों की पहचान और ठगी के पूरे तरीके के बारे में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।












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