भोपाल बैरागढ़ ब्रिज पर सख्ती, ठेकेदार पर ₹20 लाख जुर्माना; मार्च 2027 तक काम पूरा
भोपाल। राजधानी के बैरागढ़ क्षेत्र में निर्माणाधीन एलिवेटेड ब्रिज की धीमी प्रगति और निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोक निर्माण विभाग ने सख्ती दिखाई है। मंगलवार को निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने काम की स्थिति और यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। इसके बाद निर्माण एजेंसी पर ₹20 लाख की पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए गए। परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा करने की समय-सीमा भी तय की गई है।
तीन दिन में अव्यवस्थाएं दूर करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर सामने आई कमियों को लेकर अधिकारियों और एजेंसी को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित व्यवस्थाओं को तीन दिन के भीतर दुरुस्त करने को कहा गया है।
इसके साथ ही मुख्य अभियंता को परियोजना की प्रगति की हर सप्ताह समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण की रफ्तार, गुणवत्ता और तय समयसीमा से जुड़ी रिपोर्ट हर 15 दिन में मंत्री को भेजी जाएगी।
माइक्रो प्लान के आधार पर होगी निगरानी
निर्माण कार्य की निगरानी के लिए अब केवल सामान्य प्रगति रिपोर्ट के बजाय चरणबद्ध योजना अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत प्रत्येक निर्माण चरण के लिए लक्ष्य तय कर साप्ताहिक आधार पर प्रगति का आकलन किया जाएगा।
देरी या अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में निर्माण एजेंसी पर नियमानुसार आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।
सर्विस रोड और ट्रैफिक व्यवस्था पर फोकस
निरीक्षण में बैरागढ़ क्षेत्र की सर्विस रोड की स्थिति भी चर्चा में रही। अधिकारियों को इसे तत्काल सुधारने को कहा गया, क्योंकि ब्रिज का निर्माण पूरा होने तक यही मार्ग आसपास के लोगों और वाहनों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क रास्ता रहेगा।
निर्माण क्षेत्र में जहां काम चल रहा है वहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखने, अनावश्यक बैरियर हटाने और यातायात के लिए जगह को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
स्ट्रीट लाइट और अस्पताल मार्ग भी सुधारने के निर्देश
निर्माण स्थल के आसपास स्ट्रीट लाइट चालू करने के साथ निर्माण सामग्री और मलबा हटाने को कहा गया है। सिविल अस्पताल के आसपास मरीजों और एंबुलेंस की आवाजाही सुचारु रखने के लिए भी व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
बैरागढ़-संत हिरदाराम नगर क्षेत्र में यातायात का दबाव अधिक होने के कारण निर्माण के दौरान सुरक्षा और आवागमन को लेकर विशेष निगरानी की जा रही है।
ब्रिज में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था
एलिवेटेड कॉरिडोर में बारिश के पानी के संरक्षण की व्यवस्था को भी परियोजना का हिस्सा बनाने के निर्देश दिए गए हैं। ब्रिज के नीचे पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।
निर्माण विभाग के अनुसार परियोजना की निगरानी अब समयसीमा के साथ-साथ गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के आधार पर भी की जाएगी।
मार्च 2027 तक पूरा करने की समयसीमा
सरकार ने निर्माण एजेंसी के सामने मार्च 2027 की अंतिम समयसीमा रखी है। विभागीय अधिकारियों को इस समयसीमा के अनुरूप कार्य योजना तैयार कर नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब आने वाले महीनों में परियोजना की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा और पंद्रह दिन में रिपोर्टिंग के जरिए काम की स्थिति पर नजर रखी जाएगी।
नोट: जुर्माना और निर्माण से जुड़ी समयसीमा विभागीय निर्देशों के अनुसार है। परियोजना की वास्तविक प्रगति आगे मिलने वाले आधिकारिक अपडेट के आधार पर बदल सकती है।












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