भोपाल में एमडी ड्रग्स तस्करी मामले में तीसरा आरोपी गिरफ्तार, दिल्ली से नाइजीरियाई सप्लायर तक जुड़ रहे तार

भोपाल ड्रग्स केस में तीसरा आरोपी गिरफ्तार, दिल्ली तक जांच

भोपाल | 20 अक्टूबर 2026

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एमडी ड्रग्स तस्करी के मामले में क्राइम ब्रांच की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस ने इस मामले में तीसरे आरोपी रितिक बाथम को गिरफ्तार किया है। इससे पहले मुख्य आरोपी मुकुल ढोलपुरे और उसके कथित सहयोगी दिव्यांशु को पकड़ा जा चुका है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में दिल्ली के एक कथित ड्रग सप्लायर और नाइजीरियाई व्यक्ति से जुड़े संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

जांच एजेंसी को आशंका है कि आरोपियों के बीच कमीशन के आधार पर मादक पदार्थों की सप्लाई का नेटवर्क काम कर रहा था। पुलिस अब ड्रग्स की खरीद, भोपाल तक उसकी आपूर्ति और स्थानीय स्तर पर बिक्री से जुड़े संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही है।

जिला न्यायालय के पीछे से शुरू हुई जांच

मामले की शुरुआत शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात हुई कार्रवाई से हुई। क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि जिला न्यायालय के पिछले गेट के पास एक युवक मादक पदार्थ की डिलीवरी देने के लिए मौजूद है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध को हिरासत में लिया और तलाशी ली।

पुलिस के मुताबिक, युवक के पास से करीब 4 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग एक लाख रुपये बताई गई। आरोपी की पहचान जहांगीराबाद निवासी मुकुल ढोलपुरे के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान उसने खुद को भोपाल जिला न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाला वकील बताया। उसके पेशेवर दर्जे की स्वतंत्र पुष्टि को लेकर उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट विवरण नहीं है।

कमीशन लेकर सप्लाई करने का आरोप

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में मुकुल ने बताया कि वह दिल्ली के एक कथित ड्रग सप्लायर से मादक पदार्थ लेकर भोपाल आता था। इसके बाद शहर में सप्लाई के लिए दिव्यांशु और रितिक बाथम को कमीशन दिए जाने की बात सामने आई।

इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने पहले दिव्यांशु को गिरफ्तार किया। इसके बाद सोमवार को रितिक बाथम को भी हिरासत में ले लिया गया। अब पुलिस तीनों आरोपियों के आपसी संपर्कों, कथित लेन-देन और ड्रग्स की आपूर्ति से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

पुलिस के आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों को मामले में आरोपी के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि दोषसिद्ध व्यक्ति के रूप में।

नाइजीरियाई व्यक्ति से कथित संपर्क की जांच

पूछताछ के दौरान पुलिस को एक नाइजीरियाई व्यक्ति से जुड़े कथित सप्लाई नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार, ड्रग्स की आपूर्ति दिल्ली में मौजूद एक संपर्क के माध्यम से होने की बात सामने आई है। अब जांच का दायरा भोपाल से आगे दिल्ली तक पहुंच गया है।

पुलिस नेटवर्क से जुड़े एक अन्य व्यक्ति की तलाश भी कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मादक पदार्थ कहां से खरीदे जाते थे, उन्हें भोपाल तक कैसे पहुंचाया जाता था और शहर में आगे किन लोगों तक सप्लाई की जाती थी।

आरोपी के घर की भी ली गई तलाशी

पुलिस टीम सोमवार को मुकुल ढोलपुरे के जहांगीराबाद स्थित घर पहुंची और तलाशी ली। तलाशी की कार्रवाई दोपहर करीब एक बजे शुरू होकर लगभग दो बजे तक चली। बताया गया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने ड्रग्स को घर में छिपाकर रखने की जानकारी दी थी।

हालांकि, तलाशी में कोई अतिरिक्त मादक पदार्थ या अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद हुई या नहीं, इस बारे में पुलिस की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए घर से अतिरिक्त ड्रग्स बरामद होने का दावा करना फिलहाल उचित नहीं होगा।

पब और लाउंज में आवाजाही की भी पड़ताल

पुलिस के मुताबिक, दोनों कथित सहयोगियों की शहर के कुछ चर्चित पब और लाउंज में आवाजाही रहती थी। जांच के दौरान उनके संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन स्थानों पर ड्रग्स की सप्लाई होने की पुष्टि नहीं हुई है।

ऐसे में किसी पब या लाउंज को इस मामले में शामिल मानना अभी सही नहीं होगा। पुलिस को जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट करना होगा कि आरोपियों की गतिविधियों और उनके कथित सप्लाई नेटवर्क के बीच क्या संबंध था।

पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी क्राइम ब्रांच

मुख्य आरोपी मुकुल ढोलपुरे को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई थी। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी और उनके संपर्कों के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है।

फिलहाल पुलिस की जांच के मुख्य बिंदु ड्रग्स का स्रोत, दिल्ली से भोपाल तक सप्लाई का रास्ता, कथित कमीशन व्यवस्था और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान हैं। जांच पूरी होने के बाद ही इस कथित तस्करी नेटवर्क की वास्तविक सीमा और प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

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