सिंहस्थ 2028: उज्जैन में ₹20 हजार करोड़ के 175 निर्माण कार्यों की समीक्षा
उज्जैन, मध्य प्रदेश। सिंहस्थ-2028 को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने उज्जैन में विकास और निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने की कवायद तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने 19 अक्टूबर को तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित स्वीकृतियां नवंबर 2026 तक प्राप्त करने और सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
सिंहस्थ से जुड़ी करीब 20 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली 175 परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात व्यवस्था, पेयजल, सीवरेज, घाटों तक पहुंचने वाली सड़कों, पार्किंग और ठहरने की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
175 निर्माण कार्यों के लिए तय की गई समयसीमा
सिंहस्थ-2028 से पहले उज्जैन में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 51 कार्य दिसंबर 2026 तक पूरे करने का लक्ष्य है। इसके बाद जनवरी से मार्च 2027 के बीच 36, अप्रैल से जून 2027 के बीच 61 और जुलाई से अक्टूबर 2027 के बीच 23 कार्य पूरे किए जाने हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने अधिकारियों से कहा कि सभी विभाग निर्धारित समयसीमा का पालन करें। निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और विभागों के बीच समन्वय बनाकर उन समस्याओं को समय रहते दूर किया जाए, जिनकी वजह से परियोजनाओं में देरी हो सकती है।
नवंबर तक पूरी करनी होंगी लंबित स्वीकृतियां
निर्माण कार्यों को गति देने के लिए प्रशासनिक स्वीकृतियों को समय पर पूरा करना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं की स्वीकृतियां अभी लंबित हैं, उन्हें नवंबर तक प्राप्त किया जाए।
इसका उद्देश्य यह है कि आवश्यक औपचारिकताओं के कारण निर्माण कार्य प्रभावित न हों और परियोजनाओं को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाया जा सके। सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सरकार समय रहते बुनियादी सुविधाएं तैयार करना चाहती है।
पेयजल, सीवरेज और पार्किंग पर विशेष जोर

सिंहस्थ के दौरान उज्जैन में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के कारण पेयजल, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था की बड़ी भूमिका होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए समीक्षा बैठक में जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
योजना के प्रमुख पहलुओं में पेयजल की उपलब्धता, सीवरेज व्यवस्था, घाटों तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़कें, पार्किंग स्थल और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था शामिल हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य आयोजन के दौरान भीड़ का बेहतर प्रबंधन करना और लोगों को धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए सुगम वातावरण उपलब्ध कराना है।
इसके साथ ही शहर की सड़कों और अन्य आधारभूत संरचनाओं को विकसित करने वाले कार्यों को भी समय पर पूरा करने की जरूरत पर बल दिया गया।
सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित व्यापारियों के लिए वैकल्पिक बाजार की योजना
सिंहस्थ की तैयारियों के तहत उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण और शहरी विकास के कई काम किए जा रहे हैं। इन कार्यों से कुछ क्षेत्रों के व्यापारियों पर भी असर पड़ सकता है।
समीक्षा के दौरान सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित बर्तन तथा सोना-चांदी के कारोबारियों के लिए वैकल्पिक बाजार विकसित करने की योजना पर भी ध्यान दिया गया। इसका उद्देश्य विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हुए प्रभावित व्यापारियों के लिए कारोबार की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
शहरी विकास परियोजनाओं में स्थानीय व्यापार और नागरिक सुविधाओं से जुड़े पहलुओं का समन्वय भी महत्वपूर्ण रहेगा।
सिंहस्थ-2028 से पहले उज्जैन को बेहतर सुविधाओं से लैस करने की तैयारी
उज्जैन में सिंहस्थ का आयोजन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं, साधु-संतों और अखाड़ों के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में शहर की आधारभूत सुविधाओं, परिवहन, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां पहले से पूरी करना प्रशासन के लिए अहम है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी की समीक्षा बैठक में निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने और जरूरी स्वीकृतियां जल्द लेने पर जोर दिया गया। अब इन निर्देशों के अनुरूप परियोजनाओं की प्रगति और निर्धारित समयसीमा का पालन महत्वपूर्ण होगा।
सिंहस्थ-2028 से पहले उज्जैन में चल रहे विकास कार्यों का उद्देश्य आयोजन की जरूरतों को पूरा करने के साथ शहर की सुविधाओं को भी बेहतर बनाना है।









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