कोटा एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा: बैतूल के श्रद्धालुओं की मिनी बस नाले में गिरी, 8 की मौत; कई घायल

कोटा एक्सप्रेसवे हादसा: बैतूल के 8 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल

कोटा/बैतूल। राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। मध्यप्रदेश से खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरी टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे नाले में जा गिरी। इस हादसे में बैतूल जिले के आठ लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि 15 से अधिक यात्री घायल बताए गए हैं।

हादसा सीमलिया थाना क्षेत्र में हुआ। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और कई यात्री उसके अंदर फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। घायलों को बाहर निकालकर कोटा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां गंभीर रूप से घायल यात्रियों का इलाज किया जा रहा है।

खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए निकले थे श्रद्धालु

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यात्री मध्यप्रदेश से राजस्थान स्थित खाटूश्यामजी मंदिर के दर्शन के लिए रवाना हुए थे। समूह में बैतूल जिले के रहने वाले कई लोग शामिल थे। श्रद्धालु शुक्रवार रात यात्रा पर निकले थे और शनिवार सुबह कोटा जिले से गुजर रहे थे।

इसी दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सीमलिया थाना क्षेत्र में उनकी टेंपो ट्रैवलर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। वाहन में करीब 20 से 25 लोगों के सवार होने की जानकारी अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में सामने आई है। यात्रियों की सटीक संख्या और सभी की पहचान की पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जानकारी के अनुसार की जानी है।

बताया गया है कि यात्री अलग-अलग परिवारों से थे, लेकिन एक-दूसरे को जानते थे। धार्मिक यात्रा पर निकले इन लोगों के साथ हुए हादसे की खबर से उनके परिवारों और परिचितों में शोक का माहौल है।

पुल से करीब 15 से 20 फीट नीचे नाले में गिरी गाड़ी

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसा शनिवार सुबह लगभग 6 से 7 बजे के बीच हुआ। वाहन कराड़िया टोल प्लाजा पार करने के बाद सुल्तानपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और टेंपो ट्रैवलर सड़क के डिवाइडर को तोड़ते हुए नाले में जा गिरी।

वाहन करीब 15 से 20 फीट नीचे गिरा। टक्कर इतनी तेज थी कि गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कई यात्री अंदर फंस गए, जिन्हें बाहर निकालने के लिए बचाव दल को मशक्कत करनी पड़ी।

नाले में पानी और कीचड़ होने से राहत कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया। क्षतिग्रस्त वाहन को निकालने के लिए क्रेन की मदद भी ली गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने भी शुरुआती स्तर पर यात्रियों की मदद की और पुलिस को सूचना दी।

पुलिस और बचाव दल ने चलाया राहत अभियान

दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद सीमलिया थाना पुलिस और अन्य संबंधित टीमें मौके पर पहुंचीं। एंबुलेंस के माध्यम से घायलों को कोटा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध न्यू अस्पताल और एमबीएस अस्पताल सहित अन्य चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचाया गया।

प्रारंभिक रिपोर्टों में आठ लोगों की मौत और 15 से अधिक यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। प्रशासन और चिकित्सा दल घायलों के उपचार में जुटे हैं।

हादसे में मृतकों की पहचान और उनके परिजनों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस घटनास्थल और वाहन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

चालक को नींद की झपकी आने की आशंका

पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि रातभर वाहन चलाने के दौरान चालक को नींद की झपकी आई हो सकती है। इससे वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए नाले में गिर गया।

हालांकि, यह अभी जांच का प्रारंभिक अनुमान है। हादसे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस वाहन की स्थिति, दुर्घटनास्थल और अन्य परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।

बैतूल में शोक, घायलों के उपचार पर नजर

राजस्थान में हुए इस हादसे का असर मध्यप्रदेश के बैतूल जिले तक पहुंचा है, क्योंकि दुर्घटना में जान गंवाने वाले और घायल होने वाले यात्रियों में बैतूल के निवासी शामिल बताए गए हैं। परिवारों के लिए यह खबर बेहद दुखद है।

फिलहाल प्राथमिकता घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और मृतकों की पहचान की पुष्टि करने की है। प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई यह दुर्घटना लंबी दूरी की यात्रा के दौरान सतर्कता और पर्याप्त आराम के महत्व को रेखांकित करती है। विशेष रूप से रातभर वाहन चलाने के बाद चालक की थकान सड़क हादसों का जोखिम बढ़ा सकती है। हालांकि, इस मामले में दुर्घटना का अंतिम कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

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