कटनी में दशहरा होर्डिंग हटाने पर विवाद, भाजपा नेताओं ने नगर निगम के बाहर किया प्रदर्शन

कटनी में दशहरा होर्डिंग हटाने पर विवाद, भाजपा नेताओं का नगर निगम में प्रदर्शन

कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी में दशहरा महोत्सव के प्रचार के लिए लगाए गए धार्मिक होर्डिंग हटाने को लेकर नगर निगम और आयोजन समिति के बीच विवाद खड़ा हो गया। नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते की कार्रवाई से नाराज श्री बजरंग उत्सव समिति के पदाधिकारियों, भाजपा नेताओं और स्थानीय लोगों ने निगम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की और चक्काजाम कर दिया।

विवाद बढ़ने के बाद नगर निगम आयुक्त तपस्या परिहार ने मामले की जांच कराने और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से सफाई दी गई कि व्यावसायिक बैनर और होर्डिंग हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कार्रवाई के दौरान गलती से दशहरा महोत्सव का होर्डिंग भी हटा दिया गया।

मिशन चौक पर लगाए गए थे दशहरा महोत्सव के होर्डिंग

मामला कटनी के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित मिशन चौक का है। यहां श्री बजरंग उत्सव समिति की ओर से दशहरा महोत्सव के प्रचार-प्रसार के लिए भगवान श्रीराम के चित्र वाले होर्डिंग लगाए गए थे। इनका उद्देश्य रामलीला और रावण दहन कार्यक्रम की जानकारी लोगों तक पहुंचाना था।

नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते ने शहर में लगे बैनर और होर्डिंग हटाने की कार्रवाई के दौरान इन होर्डिंग को भी हटा दिया। इसकी जानकारी आयोजन समिति के सदस्यों को मिली तो उन्होंने आपत्ति जताई। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और समिति के पदाधिकारी तथा भाजपा नेता नगर निगम कार्यालय पहुंच गए।

प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि धार्मिक आयोजन से जुड़े प्रचार सामग्री को हटाने से पहले संबंधित पक्ष से बातचीत क्यों नहीं की गई। उनका कहना था कि दशहरा महोत्सव के प्रचार के लिए लगाए गए होर्डिंग को हटाने से आयोजन समिति की तैयारियों और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विवाद पैदा हुआ है।

भगवान श्रीराम की तस्वीर नीचे गिरने का आरोप

विवाद के दौरान समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि होर्डिंग हटाते समय भगवान श्रीराम की तस्वीर नीचे गिरा दी गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि धार्मिक चित्रों को हटाते समय सावधानी बरतनी चाहिए थी।

समिति के सदस्यों ने इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। कुछ लोगों ने यह आरोप भी लगाया कि नगर निगम शहर में अन्य स्थानों पर लगे बैनर और होर्डिंग के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई नहीं करता।

हालांकि, धार्मिक चित्र के साथ कथित तौर पर हुए व्यवहार और कार्रवाई में भेदभाव के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। नगर निगम प्रशासन ने फिलहाल पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।

निगम कार्यालय के बाहर धरना और चक्काजाम

होर्डिंग हटाने के विरोध में भाजपा नेताओं और श्री बजरंग उत्सव समिति के पदाधिकारियों ने नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की गई और कार्रवाई के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों पर कदम उठाने की मांग की गई।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सार्वजनिक स्थानों से बैनर हटाने की कार्रवाई में धार्मिक आयोजनों से जुड़ी सामग्री के प्रति भी संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए। उनका विरोध इस बात को लेकर था कि दशहरा महोत्सव के होर्डिंग को हटाने से पहले उसके उद्देश्य और प्रकृति पर ध्यान नहीं दिया गया।

मामला बढ़ने पर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी सामने आए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की बात सुनी और विवाद को सुलझाने के लिए जांच का भरोसा दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त होने की जानकारी सामने आई।

पूर्व महापौर शशांक श्रीवास्तव ने भी जताई नाराजगी

पूर्व महापौर शशांक श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित होर्डिंग रामलीला और रावण दहन कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए थे। धार्मिक आयोजन से जुड़े होर्डिंग हटाए जाने के कारण समिति के सदस्य नाराज हैं और उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, श्री बजरंग उत्सव समिति से जुड़े अभिषेक ताम्रकार ने अतिक्रमण अधिकारी और उनकी टीम के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि भविष्य में इस तरह की कार्रवाई के दौरान धार्मिक आयोजनों से जुड़ी सामग्री को लेकर उचित सावधानी बरती जाए।

नगर निगम ने गलती से होर्डिंग हटने की बात कही

नगर निगम के राजस्व अधिकारी जागेश्वर पाठक के अनुसार, प्रशासन की ओर से व्यावसायिक बैनर और होर्डिंग हटाने के निर्देश दिए गए थे। कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों ने गलती से दशहरा महोत्सव का बैनर भी हटा दिया।

उन्होंने बताया कि मामला नगर निगम आयुक्त के संज्ञान में लाया गया है। आयुक्त तपस्या परिहार ने निष्पक्ष जांच कराने और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

राजस्व अधिकारी के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अतिक्रमण अधिकारी मानवेंद्र सिंह और उनकी टीम की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी। फिलहाल किसी अधिकारी के निलंबन की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से जांच के बाद उचित कार्रवाई करने की बात कही गई है।

जांच के नतीजे पर टिकी नजरें

कटनी में दशहरा महोत्सव के होर्डिंग हटाने का मामला अब नगर निगम की जांच पर केंद्रित है। एक ओर आयोजन समिति और प्रदर्शनकारी धार्मिक आयोजन से जुड़े होर्डिंग हटाने तथा भगवान श्रीराम की तस्वीर नीचे गिरने के आरोप लगा रहे हैं, वहीं नगर निगम का कहना है कि कार्रवाई के दौरान गलती से बैनर हटाया गया।

अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि होर्डिंग हटाने के दौरान किन परिस्थितियों में कार्रवाई हुई और क्या संबंधित कर्मचारियों की ओर से कोई लापरवाही बरती गई। इसी के आधार पर नगर निगम प्रशासन आगे का निर्णय लेगा।

इस घटना ने शहर में सार्वजनिक स्थानों पर बैनर-होर्डिंग हटाने की कार्रवाई और धार्मिक आयोजनों से जुड़ी सामग्री के प्रबंधन को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि सार्वजनिक स्थलों को व्यवस्थित रखने की कार्रवाई भी जारी रहे और ऐसी घटनाओं से अनावश्यक विवाद भी न पैदा हों।

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