इंदौर में 6 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर का काम तेज, दिसंबर तक सत्य साईं फ्लाईओवर पूरा करने का लक्ष्य

इंदौर में 6 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर, दिसंबर तक सत्य साईं फ्लाईओवर का लक्ष्य

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और प्रमुख चौराहों पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर और फ्लाईओवर परियोजनाओं पर काम जारी है। इसी क्रम में संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार और कलेक्टर शिवम वर्मा ने नवलखा से एलआईजी चौराहे तक प्रस्तावित छह किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर और सत्य साईं चौराहे पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। सत्य साईं चौराहे पर बन रहे फ्लाईओवर को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के अगले चरण में दीपावली के बाद नवलखा चौराहे पर भी काम तेज किए जाने की योजना है।

नवलखा से एलआईजी तक बनेगा छह किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर

इंदौर में नवलखा चौराहे से एलआईजी चौराहे तक छह किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर के व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव कम करना और वाहन चालकों को अधिक सुगम आवागमन की सुविधा देना है।

संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार और कलेक्टर शिवम वर्मा ने निरीक्षण के दौरान परियोजना की प्रगति रिपोर्ट देखी। अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों से अब तक हुए काम और आगे की कार्ययोजना की जानकारी ली। निरीक्षण में नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।

प्रशासन के अनुसार, कॉरिडोर का निर्माण पूरा होने के बाद प्रतिदिन एक लाख से अधिक वाहन चालकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे शहर के व्यस्त हिस्सों में बार-बार रुकने और जाम में फंसने की समस्या कम हो सकती है।

राजीव गांधी प्रतिमा से एलआईजी तक सफर होगा आसान

एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार होने के बाद राजीव गांधी प्रतिमा की ओर से आने वाले वाहन चालकों को एलआईजी कॉरिडोर तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे सड़क पर यातायात का दबाव कम करने और यात्रा में लगने वाला समय बचाने में मदद मिल सकती है।

इंदौर में वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर यातायात प्रबंधन बड़ी चुनौती बना हुआ है। एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं का उद्देश्य व्यस्त हिस्सों में वाहनों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित करना है।

हालांकि, निर्माण कार्य पूरा होने तक वाहन चालकों को संबंधित मार्गों पर कुछ असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए प्रशासन के सामने निर्माण की गति बनाए रखने के साथ यातायात को व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी भी है।

शिवाजी वाटिका चौराहे से शुरू हुआ निर्माण का अगला चरण

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य शिवाजी वाटिका चौराहे पर शुरू हो चुका है। दीपावली के बाद नवलखा चौराहे पर भी निर्माण कार्य आगे बढ़ाने की योजना है।

नवलखा जैसे व्यस्त चौराहे पर निर्माण कार्य के दौरान यातायात प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने जरूरत के अनुसार ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने की बात कही है।

डायवर्जन का उद्देश्य निर्माण कार्य को जारी रखते हुए आम लोगों और वाहन चालकों को होने वाली परेशानी को कम करना है। यात्रियों को सलाह है कि निर्माण के दौरान संबंधित मार्गों पर निकलने से पहले यातायात पुलिस की ओर से जारी निर्देशों पर ध्यान दें।

सत्य साईं फ्लाईओवर दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश

एलिवेटेड कॉरिडोर के साथ अधिकारियों ने सत्य साईं चौराहे पर बन रहे फ्लाईओवर ब्रिज का भी निरीक्षण किया। संभागायुक्त भास्कर लाक्षाकार ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए।

इस फ्लाईओवर का निर्माण मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) की ओर से कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य चौराहे पर यातायात के दबाव को कम करना और वाहन चालकों को अधिक सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध कराना है।

सत्य साईं चौराहे पर निर्माण कार्य में पहले भी देरी की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे में दिसंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य परियोजना से प्रभावित वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, फ्लाईओवर को आम जनता के लिए कब खोला जाएगा, इसकी अंतिम तारीख की पुष्टि संबंधित विभाग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।

निर्माण के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन पर रहेगी नजर

एलिवेटेड कॉरिडोर और फ्लाईओवर के निर्माण से भविष्य में यातायात व्यवस्था को लाभ मिलने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल निर्माण क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित रखना भी जरूरी है।

प्रशासन ने आवश्यकता के अनुसार ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने की योजना बताई है। ऐसे में वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों, निर्माण स्थलों पर लगाए जाने वाले संकेतों और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करना होगा।

परियोजनाओं की समय-सीमा पर काम पूरा होना भी महत्वपूर्ण रहेगा, ताकि लंबे समय तक निर्माण के कारण आम नागरिकों को परेशानी न हो।

इंदौर की यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाएं

इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर और सत्य साईं फ्लाईओवर दोनों ही यातायात सुधार से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाएं हैं। एलिवेटेड कॉरिडोर से एक लाख से अधिक वाहन चालकों को लाभ मिलने का अनुमान है, जबकि सत्य साईं फ्लाईओवर को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।

अब इन परियोजनाओं की प्रगति और तय समय-सीमा के अनुसार निर्माण पूरा होना महत्वपूर्ण होगा। यदि काम निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप आगे बढ़ता है, तो शहर के व्यस्त मार्गों पर यातायात को सुगम बनाने और वाहन चालकों का समय बचाने में मदद मिल सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *